चुनाव से पहले हटाया जाएगा 7 लाख फर्जी मतदाताओं का नाम, चलेगा स्पेशल कैंपेन
भोपाल.वोटर लिस्ट से 3 लाख 83 हजार मृत और गुमनाम हटाए जा चुके हैं। ऐसे ही 7 लाख फर्जी नामों को विधानसभा चुनाव से पहले हटा लिया जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने इतनी बड़ी संख्या में वोटर के फर्जी पाए जाने के मामले पर कहा कि यह संख्या कुल वोट का महज 1 प्रतिशत है। उन्होंने इसे महज भूल बताते हुए कहा कि ये वोटर डेथ, एब्सेंट और शिफ्टेड हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट को सही करने के लिए सितंबर में चार सप्ताह का एक विशेष अभियान और चलाया जाएगा।
कहा- पोस्टिंग के लिए कानून में संशोधन जरूरी
रावत ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के सवाल पर कहा कि इसके लिए संविधान में संशोधन जरूरी है, इसके बाद ही यह व्यवस्था लागू हो सकती है। चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए अधिकारियों की सरकार द्वारा उसी स्थान पर पोस्टिंग किए जाने संबंधी सवाल पर रावत ने कहा कि जब तक आचार संहिता लागू रहती है, तब तक आयोग जिन अधिकारियों को उचित समझता है उन्हें पदस्थ करता है। इसके बाद राज्य सरकार अपने हिसाब से अफसरों को पदस्थ करती है। उन्होेंने कहा कि आयोग द्वारा हटाए गए अफसरों की दोबारा उसी स्थान पर पोस्टिंग न हो इसके लिए भी कानून में संशोधन होना जरूरी है।
भोपाल कलेक्टर सुदामा पी खाड़े की अनुपस्थिति में एडीएम जीपी माली ने मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियों के संंबंध में तकनीकी दिक्कतों (ईआरओ) नेट को बताया, जिस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने भी सहमति जताई। माली का कहना था कि जिस तरह मुंगावली में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के चलते कलेक्टर और एसडीएम पर गाज गिरी, अन्य जिलों में भी ऐसी कार्रवाई न हो। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मुंगावली में कलेक्टर और एसडीएम को हटाए जाने की वजह दूसरी थी। उन्होंने कहा कि जल्दी ही आयोग 19 अप्रैल को ईआरओ नेट का नया सिस्टम लांच कर रहा है, जिससे जो भी मौजूदा दिक्कतें हैं दूर हो जाएंगी।
एक साल बाद भिंड कलेक्टर को चार्जशीट जारी करने पर नाराजगी
अप्रैल 2017 में हुए अटेर उपचुनाव के दौरान ईवीएम मशीन के किसी भी बटन को दबाए जाने पर कमल के फूल पर वोट डलने का मामला सामने आया था। इसके बाद आयोग ने उस दौरान कलेक्टर टी. इलैया राजा को चार्जशीट देने के निर्देश दिए थे। जिसकी मुख्य निर्वाचन कार्यालय और राज्य सरकार दोनों ने अवहेलना की। दो दिन पहले ही भिंड कलेक्टर को चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा है। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने नाराजगी जताई और कहा कि आखिरकार आयोग के जब स्पष्ट निर्देश थे, उस दौरान चार्जशीट दायर करने में देरी क्यों हुई।
नरेंद्र मोदी और विराट कोहली के फोटो न छप जाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव से जुड़े अधिकारियों की मीटिंग ली, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि वोटर स्लिप तैयार करने में पूरी तरह से सावधानी बरती जाए। कहीं, ऐसा न हो जाए कि मतदाता पर्ची में गोरखपुर में हुए उपचुनाव की तरह नरेंद्र मोदी और विराट कोहली के फोटो छप जाएं।
कहा- पोस्टिंग के लिए कानून में संशोधन जरूरी
रावत ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाने के सवाल पर कहा कि इसके लिए संविधान में संशोधन जरूरी है, इसके बाद ही यह व्यवस्था लागू हो सकती है। चुनाव आयोग द्वारा हटाए गए अधिकारियों की सरकार द्वारा उसी स्थान पर पोस्टिंग किए जाने संबंधी सवाल पर रावत ने कहा कि जब तक आचार संहिता लागू रहती है, तब तक आयोग जिन अधिकारियों को उचित समझता है उन्हें पदस्थ करता है। इसके बाद राज्य सरकार अपने हिसाब से अफसरों को पदस्थ करती है। उन्होेंने कहा कि आयोग द्वारा हटाए गए अफसरों की दोबारा उसी स्थान पर पोस्टिंग न हो इसके लिए भी कानून में संशोधन होना जरूरी है।
भोपाल कलेक्टर सुदामा पी खाड़े की अनुपस्थिति में एडीएम जीपी माली ने मतदाता सूची में हो रही गड़बड़ियों के संंबंध में तकनीकी दिक्कतों (ईआरओ) नेट को बताया, जिस पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सलीना सिंह ने भी सहमति जताई। माली का कहना था कि जिस तरह मुंगावली में वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के चलते कलेक्टर और एसडीएम पर गाज गिरी, अन्य जिलों में भी ऐसी कार्रवाई न हो। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मुंगावली में कलेक्टर और एसडीएम को हटाए जाने की वजह दूसरी थी। उन्होंने कहा कि जल्दी ही आयोग 19 अप्रैल को ईआरओ नेट का नया सिस्टम लांच कर रहा है, जिससे जो भी मौजूदा दिक्कतें हैं दूर हो जाएंगी।
एक साल बाद भिंड कलेक्टर को चार्जशीट जारी करने पर नाराजगी
अप्रैल 2017 में हुए अटेर उपचुनाव के दौरान ईवीएम मशीन के किसी भी बटन को दबाए जाने पर कमल के फूल पर वोट डलने का मामला सामने आया था। इसके बाद आयोग ने उस दौरान कलेक्टर टी. इलैया राजा को चार्जशीट देने के निर्देश दिए थे। जिसकी मुख्य निर्वाचन कार्यालय और राज्य सरकार दोनों ने अवहेलना की। दो दिन पहले ही भिंड कलेक्टर को चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा है। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने नाराजगी जताई और कहा कि आखिरकार आयोग के जब स्पष्ट निर्देश थे, उस दौरान चार्जशीट दायर करने में देरी क्यों हुई।
नरेंद्र मोदी और विराट कोहली के फोटो न छप जाएं
मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव से जुड़े अधिकारियों की मीटिंग ली, जिसमें उन्होंने साफ कर दिया कि वोटर स्लिप तैयार करने में पूरी तरह से सावधानी बरती जाए। कहीं, ऐसा न हो जाए कि मतदाता पर्ची में गोरखपुर में हुए उपचुनाव की तरह नरेंद्र मोदी और विराट कोहली के फोटो छप जाएं।

No comments