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JNKVV दीक्षांत समारोह : गाउन की बजाय भारतीय परिधान में नजर आयेंगे छात्र और अतिथि



  • महामहिम राज्यपाल की अध्यक्षता में कृषि विवि 12 अप्रैल को मनायेगा अपना 14वॉं दीक्षांत समारोह
  • पद्मभूषण डॉं. आर.एस. परौदा को दी जायेगी मानद उपाधि


जबलपुर, 09 अप्रैल। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय आगामी 12 अप्रैल 2018 गुरूवार को पूर्वान्ह 11.30 से अपरान्ह 01.15 तक अपना गरिमामय 14वॉं दीक्षांत समारोह मनाने जा रहा है। दीक्षांत समारोह को गरिमा प्रदान करने मध्यप्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति माननीय श्रीमति आनंदीबेन पटेल समारोह की अध्यक्ष के रूप में शामिल होकर मानद उपाधि एवं छात्रों को स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। राज्यमंत्री श्री शरद जैन, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, संसदीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश शासन विशिष्ट अतिथि होंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉं. नरेन्द्र सिंह राठौड़ दीक्षांत भाषण देंगे। कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन स्वागत भाषण एवं विश्वविद्यालय के प्रतिवेदन की प्रस्तुति देंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर जनरल पद्मभूषण डॉं. आर.एस. परौदा को मानद उपाधि (डॉक्टर आफ साइंस) प्रदान की जायेगी। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रयागदत्त जुयाल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. कपिलदेव मिश्रा, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. आर.एस. शर्मा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

दीक्षान्त समारोह की सफलता हेतु 145 सदस्यीय वृहत 15 समितियों का गठन किया गया है। आयोजन की सभी तैयारियां लगभग पूर्ण हो चुकी हैं। अतिथियों हेतु 50 और छात्रों हेतु 250 कुल 300 परिधान एवं पगड़ियां तैयार करवा लिये गये हैं, इसके साथ ही छात्रों को देने हेतु उपाधियां एवं गोल्ड मेड़ल भी बनकर तैयार हो गये हैं। इस बार जनेकृविवि के विगत 5 दशकों के इतिहास में परिधान में बड़ा बदलाव नजर आयेगा। दीक्षांत समारोह में इस बार गाउन और कैप की बजाय सभी परम्परागत भारतीय परिधान में नजर आयेंगे। छात्रों के साथ छात्रायें भी पीली पगड़ी (साफा) धारण करेंगी जबकि अन्य केशरिया पगड़ी (साफा) धारण करेंगे। छात्राएं सफेद सलवार सूट तथा छात्र सफेद कुर्ता पायजामा के साथ ही जैकेट, पगड़ी (साफा) तथा उत्तरीय धारण करेंगे। कुलाधिपति, मुख्य अतिथि, कुलपति, कुलसचिव ऑफ व्हाईट जैकेट गोल्डन उत्तरीय, प्रबंध प्रमंडल सदस्य यलोईस क्रीम जैकेट मेरून उत्तरीय, संकायाध्यक्ष यलोईस क्रीम जैकेट रॉयल ब्ल्यू उत्तरीय, ऐकेडमिक कॉउंसिल एवं मेम्बर ऑफ कोर्ट यलोईस क्रीम जैकेट ग्रे उत्तरीय तथा सभी छात्र-छात्रायें गोल्डन ब्राउन जैकेट तथा पीएचडी छात्र क्रीम उत्तरीय व स्नातकोत्तर छात्र लेमन यलो एवं स्नातकोत्तर छात्र ऑरेंन्ज उत्तरीय धारण करेंगे। उत्तरीय में दोनों तरफ विश्वविद्यालय का मोनो अंकित होगा। देश और विदेश में छात्रों के रजिस्ट्रेशन हेतु विवि बेवसाइट पर ऑनलाईन व्यवस्था की गई है और पत्रों के माध्यम से भी संपर्क किया जा रहा है। दीक्षांत समारोह में वर्ष 2013-14 बैच के स्नातक, 2015-16 बैच के स्नातकोत्तर एवं वर्ष 2014-15 बैच के विद्यावाचस्पति  (पीएचडी) आदि कुल 693 छात्रों को उपाधियां, नगद पुरूस्कार एवं स्वर्ण पदक आदि से नवाजा जायेगा। इनमें स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार पाने वाले 10 छात्र भी शामिल हैं। 23 छात्रों को विद्यावाचस्पति व स्नातकोत्तर-230 एवं स्नातक-440 छात्र व छात्राओं को उपाधियां प्रदान की जायेंगी।

स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार प्राप्त करने वाले छात्र

स्नातक पाठ्यक्रम- 1. मनोज कुमार पटेल बी.एस.सी. (कृषि) वारासिवनी (बालाघाट) को एक विवि स्वर्ण पदक, एक स्व. पं. श्रीकांत मिश्रा नगद पुरूस्कार रू. 3000/- एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार प्रथम स्थान रू. 15000/- 2. कु. शताक्षी
मिश्रा बी.एस.सी. (कृषि) रीवा को एक स्व. डॉ. आर.एल.गुप्ता स्वर्ण पदक एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार द्वितीय स्थान रू. 10000/- 3. श्री अर्पण दुबे बी.टेक. (कृषि अभि.) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया जायेगा।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम- 1. कु. सुजाता के. एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक एवं एक स्व. डॉ. डी.के. तिवारी स्वर्ण पदक, 2. श्री गोविंद सिंह लोधी एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को स्व. डॉ. पी.के. निगम स्वर्ण पदक (प्लांट फिजियोलॉजी), 3. कु. सुभ्रा सुिचस्मिता एम.एस.सी. (वानिकी), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक, 4. कु. प्रीति कुमारी एम.बी.ए. (कृषि), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक 5. पर्व नायक एम.टेक. (कृषि अभि.), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया जायेगा।

पी.एच.डी. उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र
कृषि संकाय
सस्य विज्ञान विभाग- शंभु प्रसाद, शिवनाथ दास। कृषि विस्तार शिक्षा विभाग- आशुतोष शर्मा। पौध प्रजनन एवं अनुवांशिकी विभाग- देवीदास पटेल, सुनील चौधरी, कु. कनक सक्सेना। उद्यान शास्त्र विभाग (फल विज्ञान)- कु. सुचि परोहा, दलित कुमार जायसवाल। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र विभाग- विनोद कुमार, सुकाल सिंह पोर्ते। वानिकी विभाग (कृषि वानिकी)- छत्रपाल रांहागडाले। कीट शास्त्र विभाग- घुगल सोनल कुमार गोर्वधन। आणविक जीवविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी- कचारे सतीश हरिभान, विश्व विजय ठाकुर, स्वप्निल सप्रे, श्रीमति कीर्ति तन्तुवाय।

कृषि अभियांत्रिकी संकाय

फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग- कुंजबिहारी तिवारी, अभय कुमार सिन्हा, मो. कासिम। स्वाईल एंड वाटर इंजीनियरिंग- योगेश कुमार तिवारी, सौरभ नेमा, पुष्पेन्द्र सिकरवार। प्रोसिंसिग एंड फुड इंजीनियरिंग- वर्षा कनौजिया।
11 अप्रैल का सायं 4 बजे दीक्षांत शोभायात्रा का पूर्वाभ्यास कार्यक्रम होगा। जिसमें प्रमंडल सदस्य, विद्या परिषद् सदस्य, प्रशासनिक परिषद् के सदस्य, अधिष्ठाता संकाय, अधिष्ठाता समस्त महाविद्यालय तथा समस्त संकायों के विभागाध्यक्ष सम्मालित होंगे।
दीक्षांत समारोह के मद्देनजर जनेकृविवि मुख्यालय से लेकर कृषि नगर तक जोरदार तैयारियां और आवश्यक सुधार कार्य किये जा रहे हैं। कृषि नगर के मुख्य द्वार को आकर्षक नवीन रूप दे दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न उद्यानों एवं सभागारों को सुव्यवस्थित किया गया है।
पूरी तैयारी के साथ विश्वविद्यालय 14वें दीक्षांत समारोह में आने वाले अतिथियों एवं उपाधि प्राप्त करने वाले छात्रों के साथ उनके पालकों एवं पूर्व संकाय सदस्यों की अगवानी की बाट-जोह रहा है। आशा है यह दीक्षांत समारोह अपनी एक विशिष्ट स्मृति देकर विश्वविद्यालय के लिये एक और मील का पत्थर साबित होगा।




  • कार्यक्रम विवरण-

  • 11.30 बजे महामहिम कुलाधिपति जी का आगमन एवं माननीय कुलपति द्वारा स्वागत
  • 11.34  दीक्षांत वस्त्र धारण - महामहिम कुलाधिपति जी एवं अन्य अतिथियों द्वारा कृषि महाविद्यालय के नियत कक्ष में वस्त्र धारण
  • 11.38  समूह फोटोग्राफ - माननीय कुलपति द्वारा महामहिम कुलाधिपति जी से विशिष्ट अतिथियों, प्रबंध प्रमण्डल, विद्या परिषद् एवं प्रशासनिक परिषद् के सदस्यों तथा महाविद्यालयों के अधिष्ठाताओं एवं विभाग प्रमुखों से परिचय
  • 11.43  दीक्षांत शोभायात्रा का सभागार में प्रवेश
  • 11.48  राष्ट्रगान
  • 11.50  दीप प्रज्जवलन एवं सरस्वती वंदना
  • 11.55  माननीय कुलपति द्वारा महामहिम कुलाधिपति जी एवं अतिथियों का स्वागत एवं स्मृति चिन्ह भेंट
  • 12.00  कुलसचिव द्वारा महामहिम कुलाधिपति जी से दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा करने हेतु निवेदन
  • 12.01  महामहिम कुलाधिपति जी द्वारा दीक्षांत समारोह के शुभारंभ की घोषणा
  • 12.02  माननीय कुलपति द्वारा स्वागत भाषण एवं विश्वविद्यालय के प्रतिवेदन की प्रस्तुति
  • 12ः07  माननीय कुलपति द्वारा ‘‘डॉंक्टर ऑंफ साइंस‘‘ की मानद् उपाधि प्राप्त करने वाले महानुभाव पद्म भूषण डॉं. आर.एस. परौदा जी के प्रशस्ति पत्र का वाचन एवं महामहिम कुलाधिपति जी से ‘‘डॉंक्टर ऑंफ साइंस‘‘ की मानद् उपाधि से विभूषित करने हेतु निवेदन
  • 12.10  माननीय कुलपति द्वारा दीक्षोपदेश
  • 12.15  उपाधि धारकों का अलंकरण
  • 12.20  महामहिम कुलाधिपति जी द्वारा डॉंक्टर ऑफ फिलॉसफी (कृषि/वानिकी/कृषि अंभियांत्रिकी) की उपाधि एवं स्वर्ण पदकों से अलंकरण तथा पुरूस्कार वितरण
  • 12.40  माननीय राज्यमंत्री श्री शरद जैन, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, संसदीय कार्य विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा उद्बोधन
  • 12.45  डॉं. नरेन्द्र सिंह राठौड़, उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा), भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा दीक्षांत भाषण
  • 12.55  महामहिम कुलाधिपति जी द्वारा आर्शीवचन
  • 01.10  कुलसचिव द्वारा महामहिम कुलाधिपति जी से दीक्षांत समारोह के समाप्ति की घोषणा हेतु निवेदन
  • 01.11  राष्ट्रगान
  • 01.13  शोभा यात्रा का सभागार से प्रस्थान
  • 01.15  खेल परिसर तथा तरण-ताल के लोकार्पण हेतु, महामहिम कुलाधिपति जी तथा अन्य अतिथियों का जवाहर क्रीडंागन के लिये प्रस्थान

जनेकृविवि की विषिष्ट उपलब्धियां

1. विश्वविद्यालय द्वारा 26 फसलों की 270 प्रजातियों का विकास।
2. गत 15 वर्षो से लगातार प्रजनक बीजोत्पादन में 10 विभिन्न फसलों में हम देश में अव्वल है।
3. मध्यप्रदेश का गेहॅंू निर्यात हेतु पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश से कहीं उत्तम है। इसमें 8 के मुकाबले 12 प्रतिशत प्रोटीन होता है।
4. किसान मोबाईल संदेश के माध्यम से विश्वविद्यालय साढे़ दस लाख किसानों से सीधे जुड़ा हैं।
5. विश्वविद्यालय द्वारा विकसित सोयाबीन प्रजातियों के फलस्वरूप मध्यप्रदेश सोयाराज्य के रूप में स्थापित।
6. वैज्ञानिकों ने सोयाबीन की दो नई उन्नत प्रजातियां जे.एस. 20-116 और जे.एस. 20-94 विकसित कीं। कीट एवं रोग प्रतिरोधी ये प्रजातियां विपुल उत्पादन हेतु मील का पत्थर सबित होंगी।
7. धान की चार नवीनतम विकसित किस्मों जे.आर.बी.-1, उन्नत चिन्नौर, उन्नत जीराशंकर एवं जे.आर.-81 को कृषि मंत्रालय भारत सरकार की सेन्ट्रल वैरायटी रिलीज़ कमेटी ने प्रमाणीकरण के पश्चात् दिनांक 8 मार्च 2018 को अधिसूचित किया। विकसित धान प्रजाति जे.आर.बी.-1 जो 112 से 125 दिन में तैयार होती है। पोहे हेतु उपयुक्त इस किस्म की औसत उपज 50-55 क्विटंल प्रति हैक्टेयर है। बासमती के समतुल्य पहचानी जाने वाली स्वादिष्ट एवं सुंगधित उन्नत चिन्नौर व उन्नत जीराशंकर की औसत उपज 30-32 क्विटंल प्रति हैक्टेयर है। जे.आर.-81 मध्यम अवधि में तैयार होकर 55-60 क्विटंल प्रति हैक्टेयर औसत उपज प्रदान करती है। जो सभी क्षेत्रों हेतु उपुयक्त व भोजन में स्वादिष्ट हैं।
8. कृषि, कृषि वानिकी एवं कृषि अभियांत्रिकी के 8 छात्र मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में चयनित हुये।
9. कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय के बी.टेक. चतुर्थ वर्ष के 19 छात्र-छात्राओं का राष्ट्रस्तरीय गेट परीक्षा में चयन हुआ है। इनमें 5 छात्रों ने देश में टाप 10 में शामिल होने का गौरव प्राप्त कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। ये छात्र आईआईटी में प्रवेश ले सकते हैं।
10. अखिल भारतीय राष्ट्रीय अंतर कृषि विश्वविद्यालयीन सांस्कृतिक महोत्सव ‘‘18वें एग्रीयुनीफेस्ट-2018’’ में देशभर के 54 कृषि विश्वविद्यालयों के 2000 से अधिक छात्र-छात्राओं के मध्य जनेकृविवि के छात्र-छात्राओं ने आंचलिक लोकनृत्य प्रदर्शन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अर्जित किया।
11. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना मध्यप्रदेश शासन भोपाल द्वारा वित्त पोषित, 8 करोड़ 37 लाख की लागत से नवर्निमित पीड़कनाशी अवशेष परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ।
12. 3 करोड़ 77 लाख रूपयों की लागत से राष्ट्रस्तरीय मानक का इनडोर स्टेडियम एवं स्वीमिंग पूल का निर्माण। इसमें छात्र राष्ट्रीयस्तर पर अपनी खेल प्रतिभा को निखार सकेंगे। महामहिम राज्यपाल 12 अप्रैल को इसका लोकार्पण करेंगी।
13. सिंगरौली में नये कृषि विज्ञान केन्द्र की सौगात मिली। छिन्दवाड़ा, रहली (सागर) एवं खुरई (सागर) में 3 नये कृषि महाविद्यालयों की स्वीकृति।
14. अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर जापान, आईआईटी तथा भाभा अण्विक अनुसंधान संस्थान आदि से एम.ओ.यू.।
15. 13 करोड़ लागत के नये भव्य और विशाल विश्वविद्यालय भवन और एक हजार क्षमता वाले वातानुकूलित विशाल सभागार का निर्माण आरंभ।
16. कृषि महाविद्यालय, बालाघाट में 1 करोड़ रू. की महत्वाकांक्षी परियोजना ‘‘फार्मर्स फर्स्ट’’ का लोकार्पण।
17. आईसीएआर की पिअर मॉनिटरिंग एण्ड रिव्यू टीम की अनुशंसा पर नेशलन एग्रीकल्चरल एजूकेशन बोर्ड दिल्ली ने जनेकृविवि को आगामी 3 वर्षो के लिये पुनः आधिकारिक मान्यता प्रदान की।
18. वर्ष 2017-18 में अफगानिस्तान, अफ्रिका एवं नाईजीरिया के 8 छात्रों ने भी प्रवेश लिया।
19. विश्वविद्यालय के वानिकी विभाग को इंडियन काऊंसिल ऑफ फारेस्ट रिसर्च एण्ड एजुकेशन संस्थान (प्ब्थ्त्म्) देहरादून ने ‘‘ए’’ ग्रेड प्रदान किया।
20. नीति आयोग के राष्ट्रीय श्रम अर्थशास्त्र एवं विकास संस्थान भारत सरकार दिल्ली ने कार्यो की गहन समीक्षा करते हुये बेहतर कार्यो के आधार पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के अन्तर्गत आने वाले कृषि विज्ञान केन्द्रों को राष्ट्रीय स्तर पर ‘‘ए’’ ग्रेड प्रदान किया है।
21. विश्वविद्यालय में प्रदेश के मशीनीकरण हेतु स्थापति होने वाले कस्टम हायरिंग सेन्टसर्् के 250 हितग्राहियों का प्रशिक्षण एवं कृषि व्यवसाय आयोजनार्थ, विकास हेतु अन्य प्रदेशों के 1500 व्यवसायियों एवं एग्रीक्लीनिक स्थापित करने हेतु 40 व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया।

पत्रकारवार्ता में कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. पी.के. मिश्रा, कुलसचिव श्री अशोक कुमार इंगले, संचालक अनुसंधान सेवायें एवं संचालक शिक्षण डॉ. धीरेन्द्र खरे, संचालक विस्तार सेवायें एवं अधिष्ठाता डॉ. ओम गुप्ता, संचालक प्रक्षेत्र डॉ. शरद तिवारी, अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय एवं आईपीआरओ डॉं. राजेन्द्र कुमार नेमा, कार्यपालन यंत्री इंजी. पी.के. सिंह, उपकुलसचिव डॉं. ए.के. सरावगी, उपलेखानियंत्रक डॉं. उमेश खरे, उपसंचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डी.पी. शर्मा, एपीआरओ डॉ. शेखरसिंह बघेल आदि उपस्थित थे।

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