मृदा विज्ञान का ज्ञान एवं पोषक तत्वों की सही जानकारी जरूरी-डॉं. खरे
- होम सांइस की छात्रायें जान रही मृदा की तकनीक
जबलपुर, 20 मार्च। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन के मार्गदर्शन में मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र विभाग के सभागार में मृदा की जांच का महत्व एवं लाभ विषय पर 3 दिवसीय प्रशिक्षण का उद्घाटन हुआ। प्रशिक्षण के प्रारंभ में मॉं सरस्वती के समक्ष दीप प्रजज्वलन एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों सत्कार किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी विभागाध्यक्ष
डॉं. बी. सच्चिदानंद ने प्रदान की। कार्यक्रम के अध्यक्ष संचालक अनुसंधान सेवायें एवं संचालक शिक्षण डॉ. धीरेन्द्र खरे ने बताया कि रसायन शास्त्र का दैनिक जीवन और कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान है। मृदा विज्ञान के वैज्ञानिकों द्वारा कृषकों तक विज्ञान के माध्यम से सही व सरल जानकारी कैसे दी जाये ये कार्य अति महत्वपूर्ण है। जिसे हमारे वैज्ञानिक पूरी लगन व तन्मयता से कर रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम की संयोजक रसायन शास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉं. रश्मि सक्सेना एवं डॉं. अर्चना खरे होम सांइस कालेज द्वारा रसायन शास्त्र की स्नात्कोत्तर छात्रों को प्रशिक्षण हेतु लाया गया है।
इस 3 दिवसीय प्रशिक्षण में मृदा स्वास्थ, मृदा के नूमने, प्रयोगशाला हेतु उपकरणों की जानकारी, पी.एच., ई.सी., मृदा कार्बन, नत्रजन का विश्लेषण, स्फुर, पोटाश का विश्लेषण, सूक्ष्म पोषण तत्व, जैव उर्वरक उत्पादन तकनीक आदि का सैंद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉं. शेखरसिंह बघेल एवं आभार प्रदर्शन डॉं. ए.के. द्विवेदी ने किया।
प्रशिक्षण में डॉं. ए.के. द्विवेदी, डॉं. एन.जी. मित्रा, डॉं. एच.के.राय, डॉं. एस.एस.बघेल, डॉं. बी.एस. द्विवेदी, डॉं. ए.के. उपाध्याय, डॉं. राकेश साहू, डॉं. जी.एस. टैगोर, फूलचन्द अमूले, गोपाल हलेचा व अभिषेक शर्मा का उल्लेखनीय योगदान रहा।




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