इस प्यार के बारे में जानकर हैरान रह जायेंगे आप
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| love mechanism |
अब तक यह माना जाता था कि प्यार दिल से होता है लेकिन यह दिमाग का खेल है और शाबाशी या बदनामी दिल को मिलती है। दिमाग से निकले हार्मोन्स के कारण दिल धड़कने लगता है और हमें प्यार का अहसास कराता है। प्यार के कारण धड़कनें तेज हुई हैं, जबकि साइंटिफिक रूप से यह केवल भ्रम है। जब कोई अच्छा लगता है या हमें भाने लगता है तो दिमाग से निकले हार्मोंस प्यार की भावनाएं जगाते हैं।
इस तरह होता है दिमाग में केमिकल लोचा
- दिमाग में हाइपोथेलेमस, लिंबिंक सिस्टम होता है। हार्मोन्स पिटिट्यूटरी ग्रंथि में स्टोर रहते हैं।
- हाइपोथेलेमस से ऑक्सीटोसिन, डोपामाइन, सिरोटिनिन, वेसोप्रेसिनिन उत्सर्जित होता है।
- ये खून में मिलते हैं तो खून में इनका लेवल बढ़ जाता है। ये दिमाग के कुछ भाग को उत्तेजित करते हैं। खून में इनका लेवल बढ़ने से दिल की धड़कनें तेज हो जाती हैं और दिल धड़कने लगता है।
अलग-अलग हार्मोन्स इस तरह फीलिंग लाते हैं
- ब्रेन के हिप्पोसेम्पस, मेडिकल इंसुला, इंटीरिअर सिंगुलेट भाग प्यार की भावनाएं उत्सर्जित करते हैं।
- डोपामाइन का लेवल बढ़ने पर सिरोटिनिन लेवल कम होता है। यह मूड बनाता है।
- डोपामाइन के साथ बॉडी में नर्व ग्रोथ फैक्टर रिलीज होता है, जो व्यक्ति में रोमांटिक फीलिंग लाता है।
- हार्मोन्स ऑक्सीटोसिन एवं वेसोप्रेसिन कनेक्शन, कमिटमेंट की फीलिंग लाते हैं।

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