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बाबाओं को मंत्री बनाने पर बवाल



  • हाई कोर्ट में याचिका- बाबाओं को कैसे बनाया मंत्री
  • विवाद में घिरे बाबा लौटा सकते हैं मंत्री पद

भोपाल। कल तक शिवराज सरकार के विरोध में नर्मदा घोटाला रथ यात्रा निकालने की बात कर रहे बाबाओं के मंत्री बनते ही सुर बदल गय हैं। अब यह सरकार की तारीफ में कसीदे गढ़ रहे हैं, लेकिन इस बीच  राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। राजनीतिक सूत्र इसे एक डील बता रहे हैं। इस बीच, बुधवार को मामला हाई कोर्ट पहुंच गया। शिवराज सरकार के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ में याचिका दायर की गई है। इंदौर के पत्रकार रामबहादुर वर्मा ने याचिका दर्ज कर फैसले पर आपत्ति दर्ज कराई है। वर्मा ने कहा है कि संतों को राज्य मंत्री का दर्जा दिए जाने की संवैधानिक वैधता क्या है? वर्मा ने याचिका में जिक्र किया है कि क्या ये सभी संत इस पद के योग्य हैं?

विरोध दबाने सरकार ने की डील
याचिकाकर्ता के वकील गौतम गुप्ता ने बताया कि सरकार ने संतों के साथ डील की है। गौरतलब है कि कंप्यूटर बाबा नर्मदा में अवैध उत्खनन और नर्मदा परिक्रमा के दौरान पौधरोपण में हुए भ्रष्टाचार को लेकर नर्मदा घोटाला रथ-यात्रा शुरू करने वाले थे। 1 अप्रैल से 15 मई तक यह यात्रा चलनी थी, इसी बीच सरकार ने डील कर बाबा को राज्य मंत्री का दर्जा दे दिया। 31 मार्च को सीएम निवास में शिवराज और कम्प्यूटर बाबा की मुलाकात हुई थी। मुख्यमंत्री ने बाबा से नर्मदा घोटाला यात्रा नहीं निकालने का अनुरोध किया था। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि इसी मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यमंत्री बनाने की डील कर ली।

हर नागरिक पर 13 हजार 800 का कर्ज
लेकिन सरकार बाबाओं को देगी सुख-सुविधाएं
मध्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक पर करीब 13 हजार 800 रुपए का कर्ज है। अब इन पांच राज्यमंत्री बाबाओं पर सरकार करोड़ों रुपये खर्च करने वाली है।

भय्यू बोले- राजनीति से कोई सरोकार नहीं
भय्यू महाराज ने कहा कि हमें राजनीतिक मंच पर आने की कोई जरूरत नहीं है यह सम्मान है इसलिए इसको स्वीकार किया गया है।

संत ठुकरा सकते हैं मंत्रीपद
लगातार उपजे विवाद के बाद शिवराज सरकार को संतों की ओर से भी झटका लग सकता है। संत विरादरी में भी कुछ संत बाबाओं के राजनीति में आने का विरोध कर रहे हैं। संतों का कहना है कि उनके लिए बत्ती वाली गाड़ी और सुविधाओं का कोई महत्व नहीं है।

क्या करेंगे मंत्री बाबा
पांचों राज्यमंत्री बाबाओं को मिलाकर सरकार ने एक समिति बनाई है। समिति नर्मदा नदी के संरक्षण और पौधा रोपण के लिए जनजागृति लाने के लिए कार्य करेगी।

यह है मंत्री बाबा
नर्मदानन्द बाबा, हरिहरानंद बाबा, कम्प्यूटर बाबा, भैय्यू महाराज, पंडित योगेंद्र महंत

शिवराज के विरोधी बाबा कैसे हो गए सरकार के मुरीद

  • कंप्यूटर बाबा और उन के साथियों ने आरटीआई से नर्मदा सेवा यात्रा की जानकारी निकाली
  • नर्मदा में अवैध उत्खनन और पौधरोपण में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराना चाहते थे
  • छह करोड़ पौधे लगाने के दावे को महाघोटाला करार दिया था
  • अब राज्यमंत्री बनते ही कह रहे हैं कि सरकार के साथ विकास की यात्रा निकालेंगे


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