अकेले चलने का प्रण ले चुके उद्धव ठाकरे पड़े कमजोर, गडकरी बोले- कोई विकल्प ही नहीं
गठबंधन पर भाजपा-शिवसेना में नहीं हुई कोई बात
भविष्य में गठबंधन संभव
कांग्रेस ने शिवसेना से गठबंधन की बात कही
मुंबई,।
मुंबई की सरकार कौन होगा, चुनावी परिणामों ने इस सवाल पर पेंच फंसा दिया। शिवसेना और भाजपा दोनों ही प्रबल दावेदार थे, लेकिन परिणाम सबके गले की फंास बन गये। बीएमसी चुनावों के पहले से ही हालांकि किसी के साथ गठबंधन न करने की बात कहने वाले उद्धव ठाकरे के सुर कमजोर पड़ गए हैंं। गठबंधन की बात पूछने पर उद्धव ने कहा कि अभी कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। फिलहाल में जीत का जश्न मनाने में मशगूल हूं। दरअसल, शिवसेना बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा पूरा करने के लिए कांग्रेस से हाथ मिला सकती है। कांग्रेस की ओर से शिवसेना को समर्थन देने की पेशकश भी की गई है। वहीं बीजेपी की ओर से भी साफ-साफ संकेत दिया जा चुका है।
गडकरी बोले- कर भी क्या सकते हैं
खंडित जनादेश पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि शिवसेना-बीजेपी के पास हाथ मिलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। इस बारे में अंतिम निर्णय देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे लेंगे। उधर, शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र सामना में बीजेपी पर हमला बोला है। शिवसेना ने नाम लिए बग़ैर बीजेपी पर षड्यंत्र का आरोप लगाया है। इससे पहले नतीजे वाले दिन भी उद्धव ने बीजेपी को खरी-खोटी सुनाई थी।
यह परिणाम बने फांस
बृहनमुंबई नगर निगम यानि बीएमसी की 227 सीटों में से शिवसेना को 84 सीटें मिली, वहीं भाजपा को 82 सीटें मिली।
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