92 करोड़ लोन वसूली व्यापारी के बंगले के सामने धरने पर बैठे 4 बैंक
भोपाल,। बैंक वाले आम आदमी को लोन देने में कतराते हैं और यही अफसर बड़े व्यवासियों पर मेहरबानी दिखाते हैं। यह बात तो जगजाहिर है, लेकिन इस बार बैंक वालों के बुरे दिन शुरू हो गये। इन भ्रष्ट बैंक वालों ने लोन तो दे दिया, लेकिन अब रिकवरी नहीं करा पा रहे हैं। लिहाजा धरने तक नौबत आ पहुंची। दरअसल व्यवायी ने लोन लेकर किश्त चुकाने में आनाकानी कर दी है। अब इस उद्योगपति के खिलाफ 4 बैंकों के अधिकारी गुरुवार को आशिमा मॉल से लगे उनके बंगले के सामने धरने पर बैठे। संभवत: राजधानी में यह पहला मामला है, जब अपने पैसों की वसूली के लिए बैंकों ने धरने जैसा कदम उठाया है। भोपाल में होशंगाबाद रोड पर आशिमा माल से लगे एक भव्य बंगले के सामने बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों को धरना और नारेबाजी करते हुए देखकर वहां से गुजर रहे लोगों को बड़ी हैरानी हुई। दरअसल, बैंक वाले अपनी मांगों को लेकर कोई धरना-प्रदर्शन नहीं कर रहे थे, बल्कि लोन न चुकाने वाले उद्योगपति से अपने पैसों की मांग कर रहे थे। उनके हाथों में बैनर थे।
कौन है यह व्यवसायी
यूनियन बैंक के डीजीएम पाणिग्रही के अनुसार, सीई फर्नांडीज और उनकी वाइफ एवरलिन जीईआई पॉवर नाम से फैक्ट्री संचालित करते हैं। उन्हेांने बिजनेस के लिए यूनियन बैंक की एमपी नगर शाखा सहित तीन अन्य बैंक आईडीबीआई, एमपीएफसी और सारस्वत कॉपरेटिव बैंक से अलग-अलग करीब 92 करोड़ रुपए का लोन लिया। उद्योगपति ने 2012 को लोन लिया था, लेकिन तब से एक भी किश्त नहीं चुकाई। उद्योगपति के खिलाफ लीगल कार्रवाई शुरू हो गई है। इस धरने का मकसद पब्लिक के बीच उद्योगपति की क्रेडिट को सामने लाना है, ताकि वो उसे देखते हुए लोन चुकता करें।

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