दुनिया को मर्यादा सिखाता है भारत, मंदिर वहीं बनेगा
- 7 साल बाद छिंदवाड़ा पहुंचे संघ प्रमुख
- बोले- अयोध्या में ही बनेगा राम मंदिर
- गौवंश काटे जाने के हम कट्टर विरोधी
छिंदवाड़ा। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत 7 साल बाद मंगलवार को छिंदवाड़ा पहुंचे। भागवत ने छिंदवाड़ा से 18 किमी दूर सिहोरामाल में दिव्य श्री शिवशंकर जी की 51 फीट ऊंची प्रतिमा और श्री रामेश्वरम पूजा धाम के भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा- राममंदिर अयोध्या में ही बनेगा, जो रामचरित्र के जरिए जीवन में कैसे रहना चाहिए इसकी शिक्षा पूरे विश्व को देगा। राम राष्ट्रीय महापुरुष हैं, 8 हजार साल बाद भी आज हम उनका अनुशरण करते हैं, उनका अनुभव करते हैं। आरएसएस प्रमुख ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनेगा तो सम्पूर्ण विश्व को मर्यादा सिखाने वाला भारत खड़ा होगा। उन्होंने कहा कि ऐसे धाम और मंदिर जगह-जगह बनना चाहिए। इससे आध्यात्म की पवित्रता प्राप्त होगी।
संघ प्रमुख बोले- गौवंश काटने के हम कट्टर विरोधी है। गाय काटने की समस्या का निदान सिर्फ एक ही है कि हम गौवंश की रक्षा करे। गौवंश रक्षा की परंपरा हमारी हेडग़ेवार जी के समय से है और हम इसे आगे भी निभाएंगे। मैं पशुओं का डॉक्टर हूं, इसलिए मैं आधुनिक पशु विज्ञान के जरिए कह सकता हूं कि हमारे देश की गाय आज विदेशों में है, जिनकी नस्लों से दुग्ध उत्पादन बेहतर हो रहा है।
प्रकृति पर बात रखते हुए भागवत ने कहा- प्रकृति से अच्छा मैनेजर कोई नहीं हो सकता है, लेकिन प्रकृति के मैनेजमेंट में हम दखल कर रहे है इसके कारण प्रकृति में विकृति आ रही है। भागवत ने कहा कि हमारा देश संबंधों पर आधारित है जो एक संस्कार है। आज मैं भी यहां पर संबंधों के कारण आया हूं। क्योंकि संबंधों के आधार पर रहने वाला काम टिकाऊ और सतत रहते है, जबकि सौदे के आधार पर रहने वाले काम कुछ क्षण के लिए होते है। साहू परिवार और भोसले परिवार के बीच पचास वर्ष पुराने संबंधों का नतीजा है कि आज श्री रामेश्वरम पूजा धाम बन रहा है।

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