ग्रामोदय के विकास में सहयोग करेगा ICAR
चित्रकूट। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन महापात्रा ने आज महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में कृषि, प्रौद्योगिकी, विज्ञान, प्रबन्धन और कला विषय से सम्बन्धित विद्वान प्राध्यापकों तथा प्रशासनिक अधिकारियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि प्रख्यात समाज सेवी पद्मविभूषण नानाजी देशमुख ने गॉव के विकास का जो अभिनव मॉडल चित्रकूट में खड़ा किया है, वह पूरे देश के लिये उदाहरण योग्य और अनुकरणीय है। नानाजी ने त्याग और सबकी भागेदारी को महत्व देते हुए संस्था निर्माण, व्यवस्था संचालन की सर्वग्राह्य पद्धति को अपनाकर विकास कार्यकर्ताओं एंव विकास संस्थाओं को अचंभित ही नही किया बल्कि स्वार्थ रहित ग्राम विकास के अभिनव मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित भी किया है। नानाजी के ग्रामीण विकास मॉडल में सबका साथ गॉव, गरीब का कल्याण, सभी दलों की भागीदारी, सरकारी गैर सरकारी संस्थाओं के योगदान आदि को सम्मिलित किया गया है। यदि नानाजी के त्याग और भागीदारी के स्तम्भ को निस्वार्थ भाव से अपनाकर गॉव और गॉव की आबादी के विकास के लिए चिंतन एंव क्रियान्वयन किया जाए तो नानाजी का विकास मॉडल हमें अभावों से सदैव-सदैव के लिए मुक्ति दिलाने में सफल हो सकते हैं।
डॉ. महापात्रा ने विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और विभागों का भ्रमण किया । दीन दयाल उपाघ्याय कौशल शिक्षा केन्द्र तथा नव निर्मित कृषि संकाय के परिसर का भी अवलोकन किया तथा रूचि पूर्वक जानकारी ली। इस अवसर पर डॉ. महापात्रा ने कहा कि ग्रामांचल में स्थित नानाजी द्वारा स्थापित ग्रामोदय विश्वविद्यालय को देख कर मै काफी प्रभापित हूॅ। पत्थरीले एंव सूखे क्षेत्र में कैम्पस का हरा भरा होना, स्मार्ट क्लास रूमों में पढाई आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग, छात्र-छात्राओं में अनुशासन तथा विद्वान शिक्षकों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण अध्यापन एंव प्रशिक्षण, कुलपति प्रो. गौतम के प्रशासनिक और शैक्षणिक नियंत्रण क्रियान्वयन की झलक इस परिसर में देखने को मिली। विगत चार वर्ष में हुई विश्वविद्यालय की गुणवत्ता पूर्ण शैक्षणिक एवं प्रशासनिक प्रगति के लिए कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम की हृदय से सराहना करता हूँ। डॉ0 महापात्रा ने कहा कि नाना जी के साथ काम करने वाले इस विश्वविद्यालय के स्टाफ के अनुभव एवं कार्य कुशलता से काफी प्रभावित हूँ और विश्वास दिलाता हूँ कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद इस विश्वविद्यालय के विकास में हर सम्भव सहयोग करेगा। उन्होनें कहा कि नानाजी द्वारा स्थापित इस विश्वविद्यालय के विकास का श्रेय निःसन्देह कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम की नेतृत्व क्षमता और उनके टीम के परिश्रम को जाता है। डॉ. महापात्रा ने कहा की कुलपति गौतम की कार्य कुशलता का लाभ भारतीय कृषि अनुसंधान के देश भर में संचालित कार्यों में भी मिल रहा है। इसके पूर्व कुलपति प्रो0 गौतम के नेतृत्व ने विश्वविद्यालय की ओर से महानिदेशक डॉ0 त्रिलोचन महापात्रा का स्वागत किया गया। कुलपति प्रो0 गौतम ने चित्रकूट भूमि की संस्कृति और परम्परा के अनुसार प्रभु श्री राम परिवार की वनवास कालीन प्रतिमा रूपी स्मृति चिन्ह आई0सी0ए0आर0 नई दिल्ली के महानिदेशक डॉ0 त्रिलोचन महापात्रा एवं अटारी जबलपुर के निदेशक डॉ0 अनुपम मिश्रा को भेंट किया, बुकें एव ंशाल श्रीफल से सम्मानित भी किया।
कुलपति प्रो. गौतम ने विश्वविद्यालय के कार्यों एंव प्रगति के विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पूरा विश्वविद्यालय नानाजी के बताए हुए मार्ग पर तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। प्रो0 गौतम ने डॉ0 महापात्रा का विश्वविद्यालय परिवार की ओर से सम्मान करते हुये शोध, शिक्षा एंव प्रसार के क्षेत्र में उनके योगदान को रेखांकित किया तथा कहा कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के वित्तीय सहयोग से ग्रामोदय विश्वविद्यालय अनेक कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान के अभिनव प्रयोग करने में सफल हो सकेगा। कुलपति प्रो0 गौतम ने बताया कि नानाजी के जीवनकाल से जुडे़ कृषि शिक्षकों और मेरी व्यक्तिगत इच्छा है कि नानाजी की स्मृति में कृषि संकाय को उच्चीकृत कर पृथक कृषि विश्वविद्यालय बनाया जाये। म0प्र0 शासन के अनेक मंत्री एवं केन्द्रीय सरकार के मंत्रीगणों ने अपने-अपने स्तर पर प्रभावी पैरवी करने का आश्वासन दिया है। दीनदयाल शोध संस्थान, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के इस प्रयास में साथ है। विश्वविद्यालय प्रबन्ध मण्डल के स्थायी सदस्य दीनदयाल शोध संस्थान नई दिल्ली की ओर से संगठन सचिव डॉ0 अभय महाजन भी नानाजी की स्मृति में प्रस्तावित पृथक कृषि विश्वविद्यालय के सृजन की दिशा में हो रहे सद्प्रयासों को मूर्त रूप दे रहें हैं। व्याख्यान कार्यक्रम के संयोजक, कृषि संकाय के अधिष्ठाता और कुलपति के तकनीकी सलाहकार डॉ0. डी.पी. राय ने आभार व्यक्त किया। इस दौरान ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं शोेध छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
No comments