डॉ. शेखर बघेल को मिला बायोवेद यंग साइन्टिस्ट एसोसियेट अवार्ड
- बेस्ट पोस्टर प्रेजेंटेशन अवार्ड 2018 से सम्मानित
- इलाहाबाद में सम्मानित हुए डॉ. शेखर सिंह बघेल
भोपाल। बीसवें राष्ट्रीय कृषि वैज्ञानिक एवं कृषकों के महाअधिवेशन जो बायोवेद रिसर्च इंन्सिटीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर टेक्नालॉजी एवं सांइस, इलाहाबाद द्वारा 17-18 फरवरी 2018 को वर्तमान में 'कृषकों की आय को दोगुना करने हेतु वर्तमान आवश्यकता तथा पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी की जरूरतÓ जैसे अति महत्वपूर्ण विषय पर आयोजित किया गया। जिसमें सम्पूर्ण राष्ट्र के कृषि एवं कृषि से जुड़े विषय के वैज्ञानिक एवं कृषक उपस्थित रहे। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी के पूर्व कुलपति डॉ. ए.सी. पाण्डे, निदेशक नेहरू युवा केन्द्र भारत सरकार डॉं. सी.एस. प्रान, बायोवेद शोध संस्थान इलाहाबाद के निदेशक डॉं. बी.के. द्विवेदी एवं अध्यक्ष डॉं. एल.डी. मिश्रा। इस राष्ट्रीय महाअधिवेशन में मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र के अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना मृदा परीक्षण और फसल अनुक्रिया परियोजना में मृदा वैज्ञानिक पद पर कार्यरत डॉं. शेखर सिंह बघेल को मृदा उर्वरता के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य करने एवं कृषकों के खेतों तक लाभदायी तकनीक को प्रचार-प्रसार हेतु बायोवेद यंग साइंटिस्ट एसोसियेट अवार्ड-2018 से नवाजा गया, साथ ही आदिवासी उपपरियोजना के अंतर्गत डिंडौरी क्षेत्र में जैव उर्वरकों का कृषकों के खेतों में विभिन्न फसलों में प्रयोग व प्रदर्शन हेतु किये गये इन तकनीकी कार्यों का पोस्टर प्रदर्शन किया गया। जिसमें बेस्ट पोस्टर प्रेजेन्टेशन अवार्ड-2018 प्रदान किया गया।
इस महत्वपूर्ण दोहरी सफलता पर जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने सराहना करते हुये कहा कि इस तरह कार्य करने से जो पुरुस्कार मिलते हैं वे टॉनिक का कार्य करते है और ऊर्जा व दक्षता से कार्य करने की प्रेरणा मिलती है, साथ ही अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. पी.के. मिश्रा, संचालक अनुसंधान सेवायें एवं संचालक शिक्षण डॉ. धीरेन्द्र खरे, संचालक विस्तार सेवायें एवं अधिष्ठाता डॉ. (श्रीमति) ओम गुप्ता, लेखानियंत्रक श्री अनिल केशरवानी, उपसंचालक शिक्षण डॉ. अभिषेक शुक्ला, तकनीकी अध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. आर.एम. साहू, तकनीकी अधिकारी (प्रशासनिक) डॉ. अनय रावत, श्री मनीष पाण्डे एवं मृदा विज्ञान विभाग के आचार्य एवं विभागाध्यक्ष डॉं. बी. सच्चिदानंद, डॉ. ए.के. द्विवेदी, वैज्ञानिक व कर्मचारियों ने बधाई दी।


No comments