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मजदूरों के बच्चों के लिए 4 शहरों में खुलेंगे 4 बड़े स्कूल



  • श्रमिक सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं

जबलपुर। शनिवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्य स्तरीय असंगठित श्रमिक सम्मेलन में भाग लिया। जबलपुर में हुए इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने बड़ी-बड़ी घोषणाएं की। शिवराज बोले-देश प्रदेश के सभी बड़े निर्माण कार्य श्रमिकों ने किये। आज ये सब हमारे मेहमान और सरकार मेजबान है। प्रदेश की बढ़ी विकासदर में श्रमिकों का हाथ है। मेरे लिए आपकी सेवा भगवान की सेवा के बराबर है। अगर विकास दर का लाभ श्रमिकों को नहीं मिला तो वो विकास नहीं। प्रदेश की धरती पर कोई भी असंगठित वर्ग का मजदूर बिना जमीन और मकान के नहीं रहेगा। हर मजदूर अपनी रहने की जमीन का मालिक होगा। 2011 की सूची के बाहर भी जो मजदूर होने उन्हें प्रधानमन्त्री आवास योजना का लाभ मिलेगा। मजदूरों के घरों में बिजली मीटर नहीं होगा। 200 रुपये माह में बिजली दी जायेगी। ये मीटर बहुत परेशान करता है।
मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे चार सम्मेलन और होंगे। मजदूरों के बच्चों को पहली क्लास से लेकर उच्च शिक्षा तक की फीस भाजपा भरेगी। मजदूरों के बच्चों के लिए चार शहरों में चार बड़े स्कूल बनाये जाएंगे। भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और सीहोर में करोड़ों की लागत से पब्लिक स्कूल की तर्ज पर स्कूल बनवाए जाएंगे जो सिर्फ मजदूरों के बच्चों के लिए होंगे।  इन स्कूलों का नाम हमने श्रमोदय विद्यालय रखा है। असंगठित मजदूरों के प्रतिभाशाली बच्चों को प्रातियोगिता परीक्षा के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा दी जायेगी। मजदूरी के दौरान अगर कोई मजदूर बीमार होता है तो छोटी बड़ी सभी प्रकार की बीमारी का नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी जायेगी। असंगठित मजदूरों को ट्रेन करके, ऋण दिलवा कर उन्हें कुशल बना कर उनके स्वरोजगार की व्यवस्था की जाएगी। इस ऋण की गारंटी भाजपा सरकार लेगी। शिवराज ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अलग अलग उनसे जुड़े कामों का प्रशिक्षण देकर अकुशल से कुशल श्रमिक बनाएंगे।उनके लिए स्वरोजगार के लिए प्रेरित करेंगे। हर साल मजदूरों को सब्सिडी के साथ लोन दिलाया जाएगा जिसकी सरकार ग्यारंटी लेगी। हाथ रिक्शे वाले मजदूर भाई ई-रिक्शे चलायें । हाथ ठेले की जगह ई-लोडर जिसमें सरकार की तरफ से 30 हजार की सब्सिडी दी जाएगी। इस योजना को भी लागू किया जाएगा।  दूर से आकर काम करने वाले मजदूरों को साइकिल दी जायेगी।  सीएम ने कहा कि जो श्रमिक बढ़ई, लोहारी, कुम्हारी, प्लम्बर आदि का काम करते हैं, यदि वे अपनी कुशलता थोड़ी बढ़ा लें, तो आमदनी ज्यादा हो जाएगी, इसके लिए हम ऐसे काम करने वालों के लिए कम समय का सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू करेंगे। मजदूरों उनके बच्चों व परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण समय समय पर करवाया जाएगा। प्रसूता का स्वास्थ्य परीक्षण और प्रसूति के बाद 4 हजार रूपये और प्रसूती के बाद साढ़े बारह हजार और दिए जाएंगे ताकि तुरन्त काम पर न जाना पड़े। अप्रैल माह से मजदूर भाई बहनो को जो जंगलों में वनोपज बीनने जाते है उनके लिए चरण पादुका योजना लागू की जाएगी।महुआ बीनने वाले भाइयों, बहनों को चरण पादुका और पीने के पानी की कुप्पी दी जायेगी, ताकि पांव में कांटेे न चुभें और पीने का ठंडा पानी भी मिल सके।

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