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सरकारी कर्मचारियों का आवासीय शुल्क बढ़ा


नई दिल्ली। देश भर में केन्द्र सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलने वाली आवासीय सुविधा पर लगने वाली लाइसेंस फीस में बढ़ोतरी कर दी गयी है। केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने टाइप आठ बंगले से लेकर टाइप एक आवासीय फ्लैट तक के मासिक लाइसेंस शुल्क में 50 प्रतिशत तक का इजाफा किया है। मंत्रालय के संपदा निदेशालय द्वारा जारी निर्देश में आवासीय भवनों के संशोधित लाइसेंस शुल्क को एक जुलाई से प्रभावी कर दिया गया है। साल 2017 के लिये जारी संशोधित सूची के अनुसार लाइसेंस शुल्क में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी टाइप आठ बंगले के लिये (1290 रुपये) और सबसे कम बढ़ोतरी टाइप एक फ्लैट (35 रुपये) के लिये की गयी है। यह बढ़ोतरी सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के मद्देनजर की गई है। संपदा निदेशालय में उप निदेशक स्वर्णा बनर्जी द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक 243 से 350 वर्गमीटर तक क्षेत्रफल वाले टाइप आठ बंगले की मासिक लाइसेंस फीस को 2630 रुपये से बढ़ाकर 3920 रुपये कर दिया गया है। जबकि टाइप सात बंगले की लाइसेंस फीस अब 1835 रुपये की जगह 2190 रुपये और टाइप छह बंगले के लिये 1565 रुपये की जगह 1870 रुपये होगी। निदेशालय ने आवासीय सुविधा का लाभ उठा रहे केन्द्रीय कर्मचारियों पर इस बढ़ोतरी का बोझ न्यूनतम रखने के लिये टाइप एक से टाइप चार तक आवासीय फ्लैट पर लाइसेंस फीस में 15 रुपये से लेकर 180 रुपये तक ही इजाफा किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह बढ़ोतरी रक्षा मंत्रालय और रेल मंत्रालय के कर्मचारियों को आवंटित आवासीय संपत्तियों पर लागू नहीं होगी। निदेशालय ने सभी मंत्रालयों और विभागों से देश भर में उनके नियंत्रण वाली आवासीय संपत्तियों के आवंटियों से बढ़ी हुयी राशि एक जुलाई से प्रभावी मानते हुये वसूलने का अनुरोध किया है।

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