अविश्वास प्रस्ताव विशेष - सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा में पास हुई मोदी सरकार
सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा में पास हुई मोदी सरकार, लेकिन राहुल ने गिनाईं कमियां
चौकीदार नहीं भ्रष्टाचार में भागीदार, मोदी बोले, लोकतंत्र में जनता भाग्य विधाता
आप नामदार, हम कामदार
कांग्रेस को तगड़ा झटका, ताश के पत्ते की तरह ढेर हुआ अविश्वास प्रस्ताव
४५१ वोट डले
३२५ पक्ष में
१२६ विपक्ष में
दीपक राय, भोपाल (ईएमएस) शुक्रवार को भारतीय लोकतंत्र में अलग तरह की परंपरा दिखाई दी। कांग्रेस द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 48 मिनट भाषण देते हुए मोदी सरकार को पर कई सवाल दागे। राहुल ने राफेल डील में भ्रष्टाचार, जियो, रोजगार सहित कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि वे प्रधानमंत्री नहीं हैं, वे चौकीदार हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ वे भ्रष्टाचार में भागीदार हैं। भाषण खत्म करने के बाद राहुल अपनी जगह से उठकर सत्ता पक्ष की तरफ आए और पहली पंक्ति में बैठे नरेंद्र मोदी को गले लगा लिया। ये देखकर सदन में मौजूद सभी सदस्य आश्चर्यचकित रह गए। मोदी की प्रतिक्रिया भी कुछ ऐसी ही थी। हालांकि, जब राहुल जाने लगे तो मोदी ने उन्हें वापस बुलाया और पीठ भी थपथपाई। राहुल की इस पहल की तारीफ ही हो रही थी कि राहुल ने अचानक किसी सदस्य की ओर देखकर आंख मार दिया। इससे कांग्रेस अध्यक्ष के करे कराये पर पानी फिर गया। वहीं, शिवसेना ने कहा है कि राजनीति में इस तरह के ड्रामे भी चलते हैं। राहुल राजनीति की असली पाठशाला में जा चुके हैं। उन्होंने मोदीजी को झप्पी नहीं, झटका दिया है। राहुल ने अपने भाषण कई बार ऐसी बातें कहीं, जिससे लोकसभा में ठहाके लगे। एक बार उन्होंने 'बाहरÓ की जगह 'बारÓ शब्द का इस्तेमाल किया। एक बार कह दिया, 'आप लोगों के लिए मैं पप्पू हूं।Ó राहुल ने कहा- प्रधानमंत्री अपनी आंख मेरी आंख में नहीं डाल सकते हैं। मोदी से गलने मिलने के बाद राहुल जब अपनी सीट पर जाकर बैठे तो उन्होंने पलटकर किसी की ओर देखकर आंखें मारी (मिचकाई)। वहीं रात ११ बजे अविश्वास प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में कांग्रेस का प्रस्ताव ताश के पत्ते की तरह गिर गया। और मोदी सरकार ३२५ वोट पाकर विजयी रही। प्रस्ताव के पक्ष में सिर्फ १२६ वोट ही पड़े...
राहुल ने मोदी सरकार को 11 मद्दों पर घेरा
1. आप नफरत कीजिए, मैं प्यार करूंगा
मैं दिल से कहता हूं मैं प्रधानमंत्री, बीजेपी और आरएसएस का दिल से आभारी हूं कि इन्होंने मुझे कांग्रेस का, हिंदुस्तानी होने का, हिंदू होने का मतलब सिखाया और मैं इसके लिये अंदर से धन्यवाद करना चाहता हूं। आपके अंदर मेरे लिये नफरत है और इसे मैं प्यार से आपके अंदर से निकालूंगा। हम और पूरा विपक्ष मिलकर प्रधानमंत्री जी को चुनाव में हराने जा रहे हैं।
2. राफेल में कुछ गोपनीय नहीं, रक्षा मंत्री झूठ बोल रहीं
प्रधानमंत्री के दबाव में आकर निर्मला सीतारमण जी ने देश से झूठ बोला, किसकी मदद हो रही है प्रधानमंत्री जी और निर्मला जी देश को बताइए। इस मामले में सच्चाई ये है कि हिंदुस्तान की सरकार और फ्रांस की सरकार के बीच कोई गोपनीयता समझौता नहीं है। राफेल मामले में रक्षा मंत्री ने साफ झूठ बोला। मगर जब मैं फ्रांस की सरकार से मिला तो उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है आप ये बात पूरे देश को बताइए। राफेल हवाईजहाज की हमारी डील में इसका दाम 520 करोड़ रुपये था, मगर पता नहीं क्या हुआ प्रधानमंत्री जी फ्रांस गये और जादू से हवाईजहाज का दाम 1650 करोड़ रुपये हो गया। रक्षा मंत्री ने पहले कहा कहा कि मैं इसका दाम बताउंगी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि फ्रांस की सरकार के साथ हिन्दुस्तान की सरकार का समझौता है इसलिये मैं दाम नहीं बता सकती। प्रधानमंत्री को इस बात का जवाब देना चाहिए कि एचएएल से ये सौदा क्यों छीना गया और ऐसी कंपनी को क्यों दिया गया जिस पर 35 हजार करोड़ रुपये का कजऱ् है और उसने जीवन में कभी हवाई जहाज नहीं बनाया।
रक्षामंत्री बोलीं-2008 का समझौता है, एंटनी ने किये थे हस्ताक्षर
रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा- फ्रांस के साथ गोपनीयता का समझौता वर्ष 2008 में, यानी कांगे्रस सरकार के सत्ता में रहते हस्ताक्षरित हुआ था और समझौते के अंतर्गत राफेल डील भी शामिल थी। सीक्रेसी पैक्ट पर कांंग्रेस के काल में कांग्रेस पार्टी के नेता तथा रक्षामंत्री एके एंटनी ने दस्तखत किए थे।
अपने झूठे बयान में फंसे राहुल गांधी : फ्रांस सरकार बोली- 2008 में गोपनीयता का समझौता हुआ
राहुल के बयान के बाद फ्रांस सरकार ने कहा है, हमने भारतीय संसद में राहुल गांधी के बयान को देखा-सुना। फ्रांस और भारत के बीच 2008 में (यूपीए-1)एक सुरक्षा समझौता हुआ था, जिसके चलते दोनों देश सभी सुरक्षा उपकरणों की ऑपरेशनल तथा सुरक्षा क्षमताओं को प्रभावित कर सकने वाली पार्टनर द्वारा उपलब्ध करवाई गई गोपनीय जानकारी को छिपाने के लिए कानूनी तौर पर बाध्य हैं। यही प्रावधान स्वाभाविक रूप से 23 सितंबर, 2016 को हुए उस सौदे पर भी लागू होते हैं, जो 36 राफेल विमानों तथा उनके हथियारों की खरीद के लिए हुआ।
3. अमित शाह के बेटे ने 16000 गुना बढ़ाई आमदनी
राहुल ने कहा, प्रधानमंत्री जी ने कहा था मैं देश का चौकीदार हूं, देश की चौकीदारी करूंगा। मगर जब प्रधानमंत्री के मित्र के पुत्र 16000 गुना अपनी आमदनी बढ़ाते हैं तो प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता।
4. जियो में मोदी जी का फोटो, उनकी मदद करते हैं
राहुल बोले, जियो के विज्ञापन पर प्रधानमंत्री का फोटो आ सकता है और उन शक्तियों की प्रधानमंत्री जी मदद करते हैं। चीन 24 घंटे में 50,000 युवाओं का रोजग़ार देता है, आप (सरकार) लोग 24 घंटे में 400 युवाओं को रोजग़ार देते हो।
5. हिन्दुस्तान में बेरोजग़ारी 7 साल में सबसे ज्यादा
कांग्रेस जीएसटी लेकर आयी थी और गुजरात के मुख्यमंत्री ने विरोध किया था। हम चाहते थे पेट्रोल और डीजल जीएसटी में हो। सूरत के लोगों ने बताया कि प्रधानमंत्री जी ने सबसे जबरदस्त चोट हमें मारी है और आज हिन्दुस्तान में बेरोजग़ारी 7 साल में सबसे ज्यादा है। जहां जाते हैं, रोजग़ार की बात करते हैं। कभी कहते हैं, पकोड़े बनाओ, कभी दुकान खोलो। ये रोजग़ार स्मॉल और मीडियम बिजऩेस लाएंगे। पीएम ने (नोटबंदी) किया, शायद समझ नहीं थी कि किसान, मज़दूर, गरीब अपना धंधा कैश में चलाते हैं।
6. प्रधानमंत्री जी मार्केटिंग में पैसा खर्चते हैं
राहुल बोले, हर व्यक्ति देखता और समझता है कि प्रधानमंत्री की मार्केटिंग में कितना पैसा खर्च होता है। जो छोटे-छोटे दुकानदारों के दिल में है, किसानों के दिल में है वो प्रधानमंत्री तक नहीं पहुंचता। हिन्दुस्तान के युवाओं ने प्रधानमंत्री जी पर भरोसा किया था। अपने भाषण में प्रधानमंत्री जी ने कहा था हर साल 2 करोड़ युवाओं को रोजग़ार दूंगा।
7. मोदी जी मुझसे नजर नहीं मिला रहे
मैं उन्हें (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) मुस्कुराते हुए देख रहा हूं, लेकिन उनकी आंखों में घबराहट है, और वह मुझसे नजऱें नहीं मिला रहे हैं। मैं समझ सकता हूं। वह मेरी आंखों में नहीं देख सकते, मैं यह जानता हूं, क्योंकि वह सच्चे नहीं रहे हैं। जब भी किसी को मारा जाता है, दबाया जाता है कुचला जाता है तो वो अंबेडकर जी के संविधान पर और इस सदन पर हमला होता है। जब आपके मंत्री संविधान को बदलने की बात करते हैं तो वो पूरे हिंदुस्तान पर हमला करते हैं। जहां भी देखो कहीं न कहीं किसी न किसी हिंदुस्तानी को मारा-पीटा जा रहा है, कुचला जा रहा है और प्रधानमंत्री एक शब्द भी नहीं कहते।
8. दलितों से मारपीट
राहुल बोले, पूरे देश में दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है। इनको मारा-पीटा जा रहा है लेकिन प्रधानमंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकलता उल्टा उनके मंत्री जाकर आरोपियों के गले में हार डालते हैं।
9. महिला अपराध बढ़ रहे
बाहर के देशों में ये राय है कि हिंदुस्तान पहली बार अपने इतिहास में अपनी महिलाओं की रक्षा नहीं कर पा रहा है। गैंगरेप होता है, महिलाओं पर अत्याचार होता है। पहली बार हिंदुस्तान के इतिहास में हिंदुस्तान की ऐसी साख बन रही है ऐसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ।
10. अमीर लोगों का ढाई लाख करोड़ का कर्जा माफ किया, किसानों का क्या?
राहुल बोले, कुछ ही दिन पहले एक नया जुमला स्ट्राइक, एमएसपी का जुमला स्ट्राइक हुआ। प्रधानमंत्री ने पूरे देश में 10 हजार करोड़ का फायदा दिया है और कर्नाटक की सरकार ने सिर्फ एक प्रदेश में 34000 करोड़ रुपये का फायदा दिया। किसान कहता है प्रधानमंत्री जी आपने हिंदुस्तान के सबसे अमीर लोगों का ढाई लाख करोड़ का कर्जा माफ किया हमारा भी थोड़ा कर्ज माफ कीजिए, लेकिन वित्त मंत्री कहते हैं नहीं किसानों का कर्जा माफ नहीं होगा।
11. बिना एजेंडे चीन गए मोदी
प्रधानमंत्री जी चीन जाते हैं और बिना एजेंडा के चीन के राष्ट्रपति से कहते हैं कि हम यहां डोकलाम की बात नहीं उठायेंगे। ये बिना एजेंडा नहीं था चीन का एजेंडा था। प्रधानमंत्री जी ने गुजरात में नदी के किनारे चीन के राष्ट्रपति के साथ झूला झूला था।
उसके बाद चीन का राष्ट्रपति चीन गया और हजार सैनिक डोकलाम में थे।
कांग्रेस को खुद पर भरोसा नहीं, वो हम पर क्या विश्वास करेंगे
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष के संपूर्ण आरोपों पर जवाब देते हुए कांग्रेस व अन्य दलों पर हमला बोला। मोदी ने अपनी सरकार की संपूर्ण योजनाएं एवं कार्यों का व्यौरा रखा।
न मांझी, न रहबर, न हक में हवाएं,
है कश्ती भी जर्जर, ये कैसा सफर है?
> कांग्रेस ने देश को जर्जर कर दिया
> कांग्रेस जब तक सत्ता में रही बैंकों को लूटती रही
> कांग्रेस सरकारों में फैला एनपीए का जंजाल
> लोकतांत्रिक व्यवस्था में हिंसा बर्दाश्त नहीं
अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- मैं उस वक्त हैरान रह गया, जब बिना चर्चा, वोटिंग के मुझे आज दिन में अपनी कुर्सी से उठने के लिए कहा गया। वे कहते थे मोदी मेरे सामने 15 मिनट खड़े नहीं हो सकते, मैं यहां खड़ा भी हूं और अपने काम पर अड़ा भी हूं। आप कहते हैं 2019 में कांग्रेस सबसे बड़ा दल बना तो मैं प्रधानमंत्री बनूंगा, पीएम बनने की ख्वाहिश रखने वाले बहुत हैं। कांग्रेस को खुद पर भरोसा नहीं है, वे हम पर क्या विश्वास करेंगे। उन्हें अपने साथियों पर तो भरोसा करना चाहिए। कांग्रेस को अपने कुनबे के बिखरने की चिंता है। आज देश ने विपक्ष की नकारात्मकता देखी है। अपने स्वार्थ के लिए बहुमत पर अविश्वास न करें। पिछली सरकारों ने गरीबों के लिए बैंक नहीं खोले। हमने किसानों की आय दोगुनी करने के लिए काम किया और कांग्रेस को इस पर विश्वास नहीं होता। 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करेंगे। किसानों से जितना लिया गया, उससे ज्यादा दिया गया। मुद्रा योजना के तहत 13 करोड़ युवाओं को लोन देने का काम किया। कांग्रेस को मेक इन इंडिया पर भरोसा नहीं है। कांग्रेस अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, सीजेआई, आरबीआई, चुनाव आयोग, ईवीएम आदि किसी संस्था पर भरोसा नहीं। यही नहीं उन्हें सर्जिकल स्ट्राईक पर भरोसा नहीं। कांग्रेस खुद अविश्वास में घिरी हुई है।
ठ्ठ 1984 में सिख दंगा थी सबसे बड़ी मॉब लिंचिंग : राजनाथ सिंह
ठ्ठ राहुल के विरुद्ध विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी भाजपा
स्पीकर ने राहुल को दी हिदायत
प्रधानमंत्री पद की गरिमा का ध्यान रखते
स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा, किसी के गले मिलने पर ऐतराज नहीं है, लेकिन जब मामला प्रधानमंत्री से जुड़ा हो तो शिष्टाचार बनाए रखना चाहिए। सदन की गरिमा हमें ही रखनी है। कोई बाहर का आकर नहीं रखेगा। राहुलजी मेरे दुश्मन नहीं हैं, बेटे जैसे ही हैं।
भूकंप के मजे लेने के लिए तैयार हो जाइए। राहुल गांधी संसद में बोलेंगे...भूकंप आएगा...भूकंप से उनका खुद का कैंप धराशायी होगा।
-गिरिजराज सिंह, सांसद भाजपा
अगर आज राहुल जी बिना पढ़े, बिना अटके, बिना गलती करे 15 मिनट बोलेंगे तो धरती जरूर हिलेगी, हिलेगी भी क्या, नाचेगी।
-परेश रावल, सांसद, अभिनेता
मुझे लगता है, राहुल गांधी राजनीति की असली पाठशाला में जा चुके हैं। जिस तरह उन्होंने मोदी जी को जादू की झप्पी दी, वह झप्पी नहीं, झटका था।
-संजय राउत, शिवसेना नेता
जादू की एक झप्पी नफरत की आंधी को कैसे रोक सकती है, यह राहुल गांधी जी ने दिखाया। आखिर राहुल जी ने कांग्रेस की मोहब्बत का आईना मोदी जी को दिखा ही दिया।
-रणदीप सिंह सुरजेवाला,कांग्रेस प्रवक्ता
विज्ञापन की वजह से मीडिया मोदी-मोदी कर रहा
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खडग़े न कहा कि मोदी सरकार मीडिया को बेतहाशा विज्ञापन बांट रही है, इसलिए मीडिया मोदी-मोदी कर रहा है। सरकार काम नहीं कर रही। मोदी सरकार के आने के बाद किसानों की आत्महत्याएं बढ़ी हैं। वर्ष 2014 में स्वामीनाथन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का वादा किया गया था, मोदी सरकार ने अपने वादे से काफी कम कर दिया। आंध्र की समस्याएं सुलझाने के लिए यूपीए सरकार ने एक्ट बनाया था। केंद्र सरकार लोकपाल बिल पर संशोधन तक नहीं ला पाई। केंद्र सरकार के सिद्धांत बाबासाहेब अम्बेडकर के खिलाफ हैं। हमने 6,10,000 गांवों को दिया था बिजली कनेक्शन, क्या यह उपलब्धि नहीं है।
२७ बार अविश्वास प्रस्ताव आए
एक नजर में जानें.....
०३ बार ही सफल हुए अविश्वास प्रस्ताव
वीपी सिंह (१९९०), देवगोड़ा (१९९७), अटल जी (१९९९)
१५ बार इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ रही
१९९३ में नरसिंहा राव के खिलाफ, सरकार जीती
१९९९ में अटलजी के खिलाफ, १ वोट से हारी सरकार
२००८ में मनमोहन सरकार के खिलाफ, सरकार बची
२०१८ में मोदी सरकार के खिलाफ, जीती सरकार
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