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भेल: दिल्ली में गूंजा अनुकंपा नियुक्ति, ट्रांसफर, बीमा का मुद्दा



दीपक राय, भोपाल।  भेल में होने वाले वेज रिवीजन के लिए पहली बैठक का आयोजन सोमवार को किया गया। मीटिंग में ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन की तरफ से केंद्रीय महासचिव एन. जयंती मैडम, केंद्रीय अध्यक्ष एवं भोपाल इकाई महासचिव रामनारायण गिरी और दिल्ली कॉर्पोरेट ऑफिस से यूनियन के महासचिव सुधांशु बिस्वाल सम्मिलित हुए। भोपाल से शामिल होने दिल्ली गए श्री रामनारायण गिरी ने फोन पर बताया कि मीटिंग प्रारंभ होने के पश्चात मैनेजमेंट द्वारा वेज रिवीजन को लेकर सरकार की गाइड लाइन एवं कंपनी के हालत पर विस्तार से समझाते हुए उन्होंने कहा कि हम वेज रिवीजन 10 वर्ष ही करने के लिए निर्णय लिए हैं इस पर विभिन्न यूनियन के  लीडर ने तय किया कि पहले आप यह बताएं कि 5 वर्ष और 10 वर्ष में क्या फर्क है क्या लाभ है और क्या हानि है उसके पश्चात ही हम इस पर कोई बात करेंगे इसके अलावा पहले आप अन्य कंपनियों के पे रिवीजन यहां दिखाएं उसके पश्चात हम बताएंगे कि हमें क्या निर्णय लेना है इस पर मैनेजमेंट ने बोला कि ठीक है हम सारे डाटा कलेक्ट करके आपको जुलाई के पहले या दूसरे सप्ताह में दिल्ली में 2 दिवस की मीटिंग आयोजित कर वार्ता करेंगे जिसमे पहले दिन बोनस की वार्ता एवं दूसरा दिन वेज रिवीजन की वार्ता की जाएगी
आगे रामनारायण गिरी ने बताया कि बैठक में सिर्फ हमारी यूनियन के द्वारा प्रबंधन के सामने अनुकंपा नियुक्ति की पुरजोर आवाज उठाई है जिसमे एच.एम.एस. सेंट्रल लीडर द्वारा समर्थन किया गया एवं 1 करोड़ रुपये के जीवन बीमा साथ ही साथ भेल  भोपाल के कस्तूरबा हॉस्पिटल की दयनीय स्थिति से भी प्रबंधन को अवगत कराया गया है जिस पर सी.एम.डी. महोदय द्वारा अनुकंपा नियुक्ति एवं जीवन बीमा के मुद्दे पर सकारात्मकता दिखाई गई एवं आश्वासन दिया कि ये मुद्दे गंभीर है और प्रबंधन इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है जल्द ही इन मुद्दों पर कुछ निर्णय लिया जाएगा और कस्तूरबा हॉस्पिटल की समस्याओं के लिए लोकल प्रबंधन को एक्शन प्लान बना कर समाधान करने हेतु निर्णय लेने के लिए कहा।
यूनियन के द्वारा 2009 एवं उसके बाद कि बेंच को 2.5 इंक्रीमेंट भी दिए जाने की मांग रखी।
रामनारायण गिरी द्वारा कर्मचारियों के अन्य इकाई में ट्रांसफर का मुद्दा भी उठाया एवं कहा कि इस तरह अन्य इकाई में ट्रांसफर कंपनी की जरूरत हो न हो लेकिन कर्मचारियों पर जबरदस्ती थोपने जैसा लगता है ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन ये मांग करती है कि किसी भी कर्मचारी का अन्य इकाई में ट्रांसफर उसकी मर्जी के बगैर नही किया जाए और अगर प्रबंधन को आवश्यकता है तो इंटरनल वेकेंसी निकाल कर या फिर  स्वेच्छा से जो जाना चाहता है उन्हें ट्रांसफर किया जाये।

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