शिक्षा एवं दीक्षा हमारी संस्कृति की गौरवशाली परम्परा -राज्यपाल
- जनेकृविवि का 14वॉं दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में संपंन
- 10 छात्रों को स्वर्ण पदक 23 को पीएचडी 693 को मिली उपाधियां
- 3 करोड़ 77 लाख लागत का खेल परिसर एवं तरण-ताल लोकार्पित
जबलपुर, 12 अप्रैल। शिक्षा एवं दीक्षा हमारी संस्कृति की गौरवशाली परम्परा रही है। दीक्षान्त समारोह, वस्तुतः विद्यार्थियों में उत्तरदायित्वों के प्रति संपूर्ण योग्यता होने की घोषणा करता है। इसलिये यह समागम शिक्षकों और आचार्यों के साथ-साथ उनके शिष्यों के लिये जीवन के श्रेष्ठतम् क्षणों में से एक है। गांवों में शहरों की भॉंति सभी साधन व सुविधायें उपलब्ध कराकर युवाओं में गांवो के प्रति आकर्षण एवं आत्मिक भाव पैदा करना होगा। जिससे वे कृषि आधारित उद्योग स्थापित कर सकें। तदाशय के प्रेरक और प्रेरणास्पद उद्गार महामहिम राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमति आनंदीबेन पटेल ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के गरिमामय 14वें दीक्षान्त समारोह में अध्यक्षीय उदबोधन में व्यक्त किये। उन्होंने उपाधिधारक छात्रों का आव्हान किया कि ली गई शपथ को आचरण और व्यवहार में ढ़ालकर मन में करूणा और संवेदना रखकर राष्ट्र और किसानों की सेवा करें। महामहिम राज्यपाल ने देश के सर्वोच्च कृषि संस्थान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् दिल्ली के पूर्व डायरेक्टर जनरल तथा अर्न्तराष्ट्रीय ख्यातिलब्ध कृषि वैज्ञानिक पद्मभूषण डॉं. आर.एस. परौदा को ‘‘डॉंक्टर ऑंफ साइंस‘‘ की मानद् उपाधि तथा छात्रों को स्वर्ण पदक, नगद परूस्कार एवं उपाधियों से विभूषित किया। राज्यपाल ने 3 करोड़ 77 लाख की लागत से निर्मित राष्ट्रीयस्तर के खेल परिसर एवं तरण-ताल का लोकार्पण किया।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली के उपमहानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉं. नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने अपने दीक्षांत भाषण में कहा कि देश के 75 कृषि विश्वविद्यालयों में जनेकृविवि जबलपुर का कृषि शिक्षा, अनुसंधान व विस्तार के साथ-साथ विभिन्न प्रजातियों के विकास और उत्पादन में असाधरण योगदान है। उन्होंने छात्रों का आव्हान किया कि वे नौकरी के पीछे भागने की बजाय नौकरी देने में सक्षम बनें तथा इंडस्ट्रीज और उद्योगों का अहम हिस्सा बनें और दूसरों को रोजगार दें। इससे देश और समाज का भला होगा।
स्वागत भाषण एवं विवि प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुये कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि विदेशी परिधानों को त्यागकर विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली हमने भारतीय परिधान में दीक्षान्त समारोह आयोजित किया है। हमारे छात्रों ने कृषि के साथ विभिन्न क्षेत्रों में अपनी महत्वपूर्ण, सुदीर्घ सेवाएं देकर देश का मान बढ़ाया है। आज हम अपनी श्रेष्ठता पर गर्व करते हैं यह कर्म से उत्पन्न होती है। अब हम श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ होना चाहते हैं। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित प्रजातियां पूरे विश्व में अपनाई जा रही हैं। बीजोत्पादन में हम लगातार 15 वर्षो से देश में प्रथम स्थान पर हैं। हमारी सोयाबीन की किस्में देश के 90 प्रतिशत क्षेत्र में उगाई जा रही हैैं। डॉ. बिसेन ने उपाधि प्राप्त छात्र-छात्राओं को दीक्षोपदेश भी दिया। उपस्थित छात्र-छात्राओं ने खडे होकर एतदर्थ प्रतिज्ञा ली।
दीक्षांत समारोह में वर्ष 2013-14 बैच के स्नातक, 2015-16 बैच के स्नातकोत्तर एवं वर्ष 2014-15 बैच के विद्यावाचस्पति (पीएचडी) आदि कुल 693 छात्रों को उपाधियां,
नगद पुरूस्कार एवं स्वर्ण पदक आदि से नवाजा गया। इनमें स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार पाने वाले 10 छात्र भी शामिल हैं। 23 छात्रों को विद्यावाचस्पति व स्नातकोत्तर-230 एवं स्नातक-440 छात्र व छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं।
स्वर्ण पदक/नगद पुरूस्कार
स्नातक पाठ्यक्रम- 1. मनोज कुमार पटेल बी.एस.सी. (कृषि) वारासिवनी (बालाघाट) को एक विवि स्वर्ण पदक, एक स्व. पं. श्रीकांत मिश्रा नगद पुरूस्कार रू. 3000/- एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार प्रथम स्थान रू. 15000/- 2. कु. शताक्षी मिश्रा बी.एस.सी. (कृषि) रीवा को एक स्व. डॉ. आर.एल.गुप्ता स्वर्ण पदक एवं एक जनेकृविवि पेंशन परिषद् टेलेंट नगद पुरूस्कार द्वितीय स्थान रू. 10000/- तथा 3. श्री अर्पण दुबे बी.टेक. (कृषि अभि.) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम- 1. कु. सुजाता के. एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक एवं एक स्व. डॉ. डी.के. तिवारी स्वर्ण पदक, 2. श्री गोविंद सिंह लोधी एम.एस.सी. (कृषि) जबलपुर को स्व. डॉ. पी.के. निगम स्वर्ण पदक (प्लांट फिजियोलॉजी), 3. कु. सुभ्रा सुिचस्मिता एम.एस.सी. (वानिकी), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक, 4. कु. प्रीति कुमारी एम.बी.ए. (कृषि), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक तथा 5. पर्व नायक एम.टेक. (कृषि अभि.), जबलपुर को एक विवि स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
पी.एच.डी. उपाधि
कृषि संकाय में
सस्य विज्ञान विभाग- शंभु प्रसाद, शिवनाथ दास। कृषि विस्तार शिक्षा विभाग- आशुतोष शर्मा। पौध प्रजनन एवं अनुवांशिकी विभाग- देवीदास पटेल, सुनील चौधरी, कु. कनक सक्सेना। उद्यान शास्त्र विभाग (फल विज्ञान)- कु. सुचि परोहा, दलित कुमार जायसवाल। मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन शास्त्र विभाग- विनोद कुमार, सुकाल सिंह पोर्ते। वानिकी विभाग (कृषि वानिकी)- छत्रपाल रांहागडाले। कीट शास्त्र विभाग- घुगल सोनल कुमार गोर्वधन। आणविक जीवविज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी- कचारे सतीश हरिभान, विश्व विजय ठाकुर, स्वप्निल सप्रे एवं श्रीमति कीर्ति तन्तुवाय को
कृषि अभियांत्रिकी संकाय में
फार्म मशीनरी एवं पावर इंजीनियरिंग- कुंजबिहारी तिवारी, अभय कुमार सिन्हा, मो. कासिम। स्वाईल एंड वाटर इंजीनियरिंग- योगेश कुमार तिवारी, सौरभ नेमा, पुष्पेन्द्र सिकरवार एवं प्रोसिंसिग एंड फुड इंजीनियरिंग की वर्षा कनौजिया को पीएचडी की उपाधियां प्रदान की गयीं।
पूर्व में सरस्वती पूजन एवं वंदना की गई। राज्यपाल के साथ गु्रपफोटो सेशन के बाद शोभा यात्रा आगमन एवं सशस्त्र बल 6वीं बटालियन के बैंड दल द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए दीक्षान्त समारोह का समापन भी राष्ट्रगान तथा शोभा यात्रा प्रस्थान के साथ हुआ। कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने अतिथियों को पुष्प, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव श्री अशोक कुमार इंगले, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा तथा अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉं. आर.के. नेमा ने उपाधि हेतु छात्रों का नाम प्रस्तावित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉं. अमित शर्मा ने किया। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रयागदत्त जुयाल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. कपिलदेव मिश्रा, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. आर.एस. शर्मा एवं जनेकृविवि के प्रबंध प्रमंडल सदस्य डॉं. व्ही.एन. सिंह, डॉं. अविनाश खत्री, श्री विजय यादव, डॉं. पी.एस. शुक्ला, श्री अश्विनी सिंह चौहान, श्रीमति आशा अरूण यादव तथा विद्या परिषद् एवं प्रशासनिक परिषद् के सदस्यगण और विवि के सचांलकगण, समस्त कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता तथा विभागाध्यक्ष निर्धारित वस्त्र धारण कर दीक्षान्त शोभायात्रा में शामिल हुये। वैज्ञानिक, प्राध्यापक, छात्र, भूतपूर्व प्राध्यापक, अभिभावक एवं उत्साही छात्रों से सभागार लबरेज था। उपाधियां और पदक पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों में सेल्फी लेकर पोस्ट करने की होड लगी रही। परस्पर बधाईंयो का दौर देर शाम तक चलता रहा। समारोह का सीधा प्रसारण विवि की वेबसाईट पर लगातार किया गया।
पूर्व में सरस्वती पूजन एवं वंदना की गई। राज्यपाल के साथ गु्रपफोटो सेशन के बाद शोभा यात्रा आगमन एवं सशस्त्र बल 6वीं बटालियन के बैंड दल द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए दीक्षान्त समारोह का समापन भी राष्ट्रगान तथा शोभा यात्रा प्रस्थान के साथ हुआ। कुलपति डॉ. प्रदीप कुमार बिसेन ने अतिथियों को पुष्प, शाल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कुलसचिव श्री अशोक कुमार इंगले, अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा तथा अधिष्ठाता कृषि अभियांत्रिकी संकाय डॉं. आर.के. नेमा ने उपाधि हेतु छात्रों का नाम प्रस्तावित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉं. अमित शर्मा ने किया। नानाजी देशमुख पशुचिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रयागदत्त जुयाल, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. कपिलदेव मिश्रा, मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. आर.एस. शर्मा एवं जनेकृविवि के प्रबंध प्रमंडल सदस्य डॉं. व्ही.एन. सिंह, डॉं. अविनाश खत्री, श्री विजय यादव, डॉं. पी.एस. शुक्ला, श्री अश्विनी सिंह चौहान, श्रीमति आशा अरूण यादव तथा विद्या परिषद् एवं प्रशासनिक परिषद् के सदस्यगण और विवि के सचांलकगण, समस्त कृषि महाविद्यालयों के अधिष्ठाता तथा विभागाध्यक्ष निर्धारित वस्त्र धारण कर दीक्षान्त शोभायात्रा में शामिल हुये। वैज्ञानिक, प्राध्यापक, छात्र, भूतपूर्व प्राध्यापक, अभिभावक एवं उत्साही छात्रों से सभागार लबरेज था। उपाधियां और पदक पाकर छात्रों के चेहरे खिल उठे। छात्रों में सेल्फी लेकर पोस्ट करने की होड लगी रही। परस्पर बधाईंयो का दौर देर शाम तक चलता रहा। समारोह का सीधा प्रसारण विवि की वेबसाईट पर लगातार किया गया।
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