गुनहगारों को सजा जरूर मिले, लेकिन रेप की घटनाएं रोकने के लिए सामाजिक चिंतन भी जरूरी
भोपाल.भेल दशहरा मैदान में रविवार को आयोजित किरार, धाकड़, नागर व मालव समाज का राष्ट्रीय सम्मेलन भारी भीड़ के कारण सामाजिक महाकुंभ में तब्दील हो गया। मुख्यमंत्री की पत्नी साधना सिंह द्वारा अभा किरार क्षत्रिय महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार यह आयोजन किया गया, जिसे लोग संगठनात्मक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देख रहे थे। विशेष अतिथि लोकसभाध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह गर्व की बात है कि समाज ने एक महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर नेतृत्व सौंपा है। उन्होंने देश में बेटियों के साथ हो रही दुष्कर्म की वारदातों पर दु:ख प्रकट करते हुए कहा कि दुष्कर्मियों को सजा मिले यह ठीक है, पर ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैंं। लोगों का मनुष्यता से भरोसा न उठे, हमें इस पर भी गंभीर चिंतन कर ऐसे उपाय करना होंगे।
राक्षसों का कैसा मानवाधिकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे दुष्कर्मियों को मृत्युदंड देने के पक्ष में हैं, क्योंकि राक्षसों के लिए कोई मानवाधिकार नहीं होता। वे समाज में अब बेटियों की उपेक्षा नहीं होने देंगे। किरार महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा को पूर्णत: बंद कराना और बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाना है।
चट मंगनी, पट ब्याह : सम्मेलन स्थल पर सजाए गए मंडप में शाम को 6 जोड़ों के सामूहिक विवाह कराए गए। मुख्यमंत्री चौहान व उनकी धर्मपत्नी की देखरेख में विवाह की सभी आवश्यक रस्में पूरी कराई गई। आयोजन समिति के प्रदीप चौहान ने बताया कि इनमें से चार जोड़ों के विवाह सम्मेलन स्थल पर ही तय हुए। पंडित और मंडप आदि की व्यवस्था पहले से ही थी। सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ सम्मेलन शाम पांच बजे तक चलता रहा। इसमें एक हजार से ज्यादा युवाओं ने परिचय दिया। इसके बाद विवाह हुए।
बुराइयों की रोकथाम जरूरी
लोकसभाध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह पंख कटने पर पक्षी का उड़ना संभव नहीं, उसी तरह महिला-पुरुष दोनों दो पंख हैं। दोनों का समान होना जरूरी है। मुख्यमंत्री चौहान अगर यशस्वी बने हैं, तो उसमें साधना का भी योगदान है। इंदौर समेत कई स्थानों पर बेटियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाएं समाज को झकझोर देने वाली हैं। आरोपियों को कड़ी सजा मिले ये ठीक है, पर सिर्फ सजा से काम नहीं चलेगा। ऐसी घटनाएं क्यों हो रही है, इस पर चिंतन कर उन्हें रोकने के उपाय करना होंगे। लोगों का मनुष्यता से भरोेसा उठे इससे पहले बुराइयां रोकना होंगी।
दहेज न लेने का दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई कि वे दहेज नहीं लेंगे, पौधे लगाएंगे व नशे से दूर रहेंगे। उनका पूरा ध्यान अब महिला सशक्तिकरण पर है। बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मप्र विधानसभा में विधेयक लाकर दुष्कर्मियों को मृत्युदंड देने की सिफारिश की जा चुकी है। चौहान ने कहा कि उनकी पत्नी को कोटा में समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, उसी दिन से वे सक्रिय हो गईं, जिसका परिणाम यह सम्मेलन है। सम्मेलन को धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोडमल नागर व अन्य लोगों ने संबोधित किया। इस माैके पर लाल सिंह पटेल, गुलाब सिंह किरार, शिवाजी पटेल, चुन्नी लाल धाकड़ मौजूद रहे।
स्मारिका का विमाेचन भी
राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि वे पति की सहमति से समाजसेवा के लिए आगे आई हैं। वे महाराष्ट्र की बेटी, मप्र की बहू हैं और राजस्थान से उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली। दहेज प्रथा व अन्य कुरीतियां दूर करना उनका पहला लक्ष्य है।लोकसभा अध्यक्ष ने समाज पर आधारित गीत सीडी व प्रदीप चौहान द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन किया। समाज के गौरव वीर सैनिकों को मरणोपरांत सम्मानित किया। शहीदों में जोगेश्वर व नीलेश धाकड़ देवास, मनोज चौरे बैतूल शामिल हैं। संचालन ननि परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ने किया।
राक्षसों का कैसा मानवाधिकार
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वे दुष्कर्मियों को मृत्युदंड देने के पक्ष में हैं, क्योंकि राक्षसों के लिए कोई मानवाधिकार नहीं होता। वे समाज में अब बेटियों की उपेक्षा नहीं होने देंगे। किरार महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य समाज में दहेज प्रथा को पूर्णत: बंद कराना और बेटियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे लाना है।
चट मंगनी, पट ब्याह : सम्मेलन स्थल पर सजाए गए मंडप में शाम को 6 जोड़ों के सामूहिक विवाह कराए गए। मुख्यमंत्री चौहान व उनकी धर्मपत्नी की देखरेख में विवाह की सभी आवश्यक रस्में पूरी कराई गई। आयोजन समिति के प्रदीप चौहान ने बताया कि इनमें से चार जोड़ों के विवाह सम्मेलन स्थल पर ही तय हुए। पंडित और मंडप आदि की व्यवस्था पहले से ही थी। सुबह साढ़े दस बजे शुरू हुआ सम्मेलन शाम पांच बजे तक चलता रहा। इसमें एक हजार से ज्यादा युवाओं ने परिचय दिया। इसके बाद विवाह हुए।
बुराइयों की रोकथाम जरूरी
लोकसभाध्यक्ष ने कहा कि जिस तरह पंख कटने पर पक्षी का उड़ना संभव नहीं, उसी तरह महिला-पुरुष दोनों दो पंख हैं। दोनों का समान होना जरूरी है। मुख्यमंत्री चौहान अगर यशस्वी बने हैं, तो उसमें साधना का भी योगदान है। इंदौर समेत कई स्थानों पर बेटियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाएं समाज को झकझोर देने वाली हैं। आरोपियों को कड़ी सजा मिले ये ठीक है, पर सिर्फ सजा से काम नहीं चलेगा। ऐसी घटनाएं क्यों हो रही है, इस पर चिंतन कर उन्हें रोकने के उपाय करना होंगे। लोगों का मनुष्यता से भरोेसा उठे इससे पहले बुराइयां रोकना होंगी।
दहेज न लेने का दिलाया संकल्प
मुख्यमंत्री ने सम्मेलन में लोगों को शपथ दिलाई कि वे दहेज नहीं लेंगे, पौधे लगाएंगे व नशे से दूर रहेंगे। उनका पूरा ध्यान अब महिला सशक्तिकरण पर है। बेटियों से छेड़छाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। मप्र विधानसभा में विधेयक लाकर दुष्कर्मियों को मृत्युदंड देने की सिफारिश की जा चुकी है। चौहान ने कहा कि उनकी पत्नी को कोटा में समाज का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया, उसी दिन से वे सक्रिय हो गईं, जिसका परिणाम यह सम्मेलन है। सम्मेलन को धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोडमल नागर व अन्य लोगों ने संबोधित किया। इस माैके पर लाल सिंह पटेल, गुलाब सिंह किरार, शिवाजी पटेल, चुन्नी लाल धाकड़ मौजूद रहे।
स्मारिका का विमाेचन भी
राष्ट्रीय अध्यक्ष साधना सिंह ने कहा कि वे पति की सहमति से समाजसेवा के लिए आगे आई हैं। वे महाराष्ट्र की बेटी, मप्र की बहू हैं और राजस्थान से उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी मिली। दहेज प्रथा व अन्य कुरीतियां दूर करना उनका पहला लक्ष्य है।लोकसभा अध्यक्ष ने समाज पर आधारित गीत सीडी व प्रदीप चौहान द्वारा संपादित स्मारिका का विमोचन किया। समाज के गौरव वीर सैनिकों को मरणोपरांत सम्मानित किया। शहीदों में जोगेश्वर व नीलेश धाकड़ देवास, मनोज चौरे बैतूल शामिल हैं। संचालन ननि परिषद अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान ने किया।

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