भोपाल. भाजपा पूरी तरह से चुनावी मोड में आ गई है, 2018 में विधानसभा और 2019 में लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर रणनीति तैयार की जा रही है। यही वजह है कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष
अमित शाह 4 मई को भोपाल में मंडल अध्यक्षों की मीटिंग लेंगे। ऐसा पहली बार होगा, जब बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शाह मंडल स्तर के पदाधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। वह इन्हें जीत का मंत्र देंगे। 24 अप्रैल को मंडला में पीएम मोदी की आदिवासियों के बीच महापंचायत और अब अमित शाह की मंडल स्तरीय नेताओं के साथ होने वाली बैठक। इससे साफ हो गया है कि भाजपा नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह से कमर कस चुकी है।
800 मंडल अध्यक्ष आएंगे भोपाल-बीजेपी की मंडल स्तरीय पदाधिकारियों की मीटिंग में प्रदेश के 800 मंडल अध्यक्ष भोपाल आएंगे। उन्हें पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह चुनाव में जीत का मंत्र देंगे। नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों के पहले भाजपा बूथ लेवल पर कार्यकर्ता पहुंचेंगे। मंडल अध्यक्ष को शाह राज्य और केंद्र सरकार की योजनाओं और उनसे हुए लाभ के बारे में भी ग्रामीणों को बताने और प्रचार-प्रसार करने को कहेंगे।
3 हजार कार्यकर्ता होंगे शामिल-शाह बीजेपी के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेंगे। बैठक में करीब 3000 कार्यकर्ता भी शामिल होंगे। इसमें बीजेपी के करीब 58 जिलाध्यक्ष और 800 से ज्यादा मंडल अध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि अमित शाह के आने के बाद बीजेपी मध्य प्रदेश में औपचारिक तौर पर चुनावी तैयारियों की शुरुआत करेगी। बीजेपी सुप्रीमो कमज़ोर मोर्चों पर रणनीति बनाने पर भी चर्चा करेंगे।
कुछ दिन पहले ही बदला गया प्रदेश अध्यक्ष-विधानसभा चुनावों में कुछ ही समय बाकी है। इसके ठीक पहले भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष को बदल दिया था। जबलपुर से तीन बार से सांसद
राकेश सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था और चुनाव प्रबंधन समिति की कमान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपी गई थी। राकेश सिंह को अध्यक्ष बनाने के पीछे महाकौशल और विंध्य को साधने की कोशिश की गई है। बता दें कि मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ ही राजस्थान और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं।
जानकारी लेंगे- कितने बने स्पेशल 11शाह लगे हाथ युवा मोर्चा के चलो पंचायत अभियान की तैयारियों की व्यापक समीक्षा भी करेंगे। मोर्चा को 14 मई तक मध्यप्रदेश की 23 हजार पंचायतों में स्पेशल 11 सदस्य बनाने हैं, शाह मोर्चा से इसकी जानकारी लेंगे।
विधायक दल की बैठक अब 30 कोभाजपा विधायक दल की 26 अप्रैल को होने वाली बैठक टल गई है। वह अब 30 अप्रैल को होगी, जिसमें विधायकों के साथ जिलाध्यक्षों को भी बुलाया गया है।
न टिफिन पार्टी हुई न ही दीनदयाल उपवन बने, किसी भी मंत्री को नहीं हटाया गयाअमित शाह ने पिछले दौरे में साफ कर दिया था कि सांसद-विधायक खुलकर बोलें, किसी का टिकट नहीं कटेगा। कोर ग्रुप की बैठक भी हर महीने होनी चाहिए, जिसमें बड़े व नीतिगत फैसले हों। खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों को भी हटाकर नए को मौका दिया जाए। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमंडल विस्तार तो किया, लेकिन किसी को नहीं हटाया। जबकि, मंत्री हर्ष सिंह लंबे समय से बीमार हैं। सूर्यप्रकाश मीणा भोपाल में टिकते ही नहीं। कुसुम मेहदेले और
शरद जैन भी अपेक्षा के अनुसार काम नहीं कर पा रहे। शाह ने कहा था कि मंत्री प्रभार के क्षेत्र में जाएं। कार्यकर्ता की सबसे पहले सुनें। सांसद व विधायक निधि कार्यकर्ता के हिसाब से खर्च की जाए। इन सभी पर कोई भी ठोस काम नहीं हुआ। गत 18 से 20 अगस्त 2017 में शाह ने 16 बैठकें ली थीं। इसके अगले ही दिन 6 मंत्री दफ्तरों में बैठक कर काम करने लगे थे, लेकिन फिर सब बंद हो गया। हैरान करने वाली बात
तो यह है कि शाह के द्वारा तय की गई बड़ी मोटर साइकिल रैली टल गई। न ही ग्राम पंचायतों में दीनदयाल उपवन बने और न ही मुख्यमंत्री कहीं भी टिफिन पार्टी करने गए।
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