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सहायक शिक्षकों ने शुरू की स्वाभिमान की लड़ाई, 10 मई से आमरण अनशन


  • शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, मंत्री व स्कूल शिक्षा सचिव के नाम दिया ज्ञापन
  • प्रमोशन न होने से हताश व निराश हैं सहायक शिक्षक
  • 35 वर्ष से नौकरी के बाद भी आज तक नहीं मिला एक भी प्रमोशन
  • जबकि उनके जूनियर सहायक प्राध्यापकों को प्रमोशन दे दिया गया


भोपाल।  हम  30-35 वर्ष से काम कर रहे हैं, अच्छा रिजल्ट दे रहे हैं। पूरी मेहनत से शासन की सभी योजनाओं को लागू करवा रहे हैं, लेकिन आज तक हमने पदोन्नति का नाम नहीं सुना, जबकि 7-8 वर्षों से काम कर रहे सहायक प्राध्यापकों को प्रमोशन दे दिया गया। यह बातें सहायक शिक्षक बृजकिशोर शर्मा ने कहीं। उन्होंने कहा कि सहायक शिक्षकों ने आज तक कभी भी हड़ताल नहीं की। शायद शासन और प्रशासन इसी बात का फायदा उठा रहा है। शर्मा ने बताया कि 10 मई से प्रदेश के सभी सहायक शिक्षक आमरण अनशन परं बैठेंगे।

एक विभाग दूसरे पर डाल रहा जिम्मेदारी
शिक्षकों ने बताया कि शिक्षा शिक्षा विभाग कह रहा है कि हमने यह प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा है, जबकि वित्त विभाग का कहना है कि हमारे पास प्रस्ताव नहीं आया। इस प्रकार हमें झूठी जानकारी प्रदान की की जा रही है।

मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सहायक शिक्षकों ने इन्हीं विभिन्न मांगों को लेकर सहायक शिक्षकों ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री व स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इन शिक्षकों में सिवनी व छिंदवाड़ा के शिक्षकों की संख्या सर्वाधिक रही। शिक्षकों ने मांग की है कि उनकी मांगों को जल्द से जल्द पूरा कर राहत प्रदान की जाये। मांग पत्र देने प्रदेश के सभी जिलों से संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। विशेष रूप से छिन्दवाड़ा सिवनी, जबलपुर उज्जैन, होशंगाबाद, सिरोंज ,धार ,इन्दोर आदि जिलों के सहायक शिक्षकों ने बढ़ चढ़़ कर भाग लेकर.अपना सहयोग दिया।

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