भोपाल.प्रदेश कांग्रेस ने अपने फैसले पर यू टर्न लेते हुए विधानसभा चुनाव में टिकट से दावेदारों से 50 हजार रुपए लेने के निर्णय को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही जिन दावेदारों से 50 हजार रुपए के डिमांड ड्रॉफ्ट जमा कराए गए थे, उनके रुपए लौटाए भी जाएंगे। असल में, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के इस फैसले का प्रदेश के ज्यादातर कांग्रेस नेताओं ने विरोध किया था।
-नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह,
ज्योतिरादित्य सिंधिया और कमलनाथ ने इस फैसले पर खुलकर आपत्ति जताई थी। इसके बाद अब तक 350 से ज्यादा टिकट दावेदारों ने दो करोड़ रुपए से ज्यादा पैसा जमा किया है। जिसे कैंसिल कर पार्टी सभी के रुपए लौटाने जा रही है।
अार्थिक स्थिति में सुधार के लिए लिया था फैसला-बता दे कि कांग्रेस ने पार्टी की आर्थिक स्थिति खराब होने के चलते कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने यह कदम उठाया था, इससे लोगों के बीच गलत संदेश गया। जिससे पार्टी की छवि सुधरने के बजाय बिगड़ रही थी।
-बीते महीने एक प्रेसवार्ता में कांग्रेस के
मध्य प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी से विधायक बनने के लिए अब एक राशि तय की जा रही है।
दावेदारों के लिए कैटेगरी बनाई गई -प्रदेश प्रभारी बावरिया ने इसके लिए कैटेगरी बनाई। इसमें सामान्य जाति के उम्मीदवारों को अपने आवेदन के साथ 50 हजार की राशि जमा करानी थी। जबकि अनुसूचित जाति जनजाति और महिलाओं के लिए यह राशि 25 हजार की राशि तय की गई थी। ये भी कहा गया था कि जमा की गई राशि वापस नहीं की जाएगी।
-विधानसभा चुनाव में टिकट के 2 हजार से ज्यादा कांग्रेसियों ने 50-50 हजार रुपए जमा कराए थे। 30 मार्च तक तक राशि जमा कराने के लिए लंबी कतार लगी थी। इसमें दावेदारों से 2 हजार रुपए का ड्राफ्ट नेशनल हेराल्ड के नाम और 1 हजार रुपए की रसीद पार्टी की सदस्यता के नाम पर काटी जा रही थी।
एक के बजाए दो विधानसभा से चुनाव लड़ने के भी इच्छुक थे दावेदार-कांग्रेस पार्टी से विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले दावेदार 50 हजार रुपए जमा करने की शर्त पर एक के बजाए दो सीटों से भी चुनाव लड़ने के इच्छुक थे। इनमें कांग्रेसी नेता ने विजय चौधरी (बाबू) ने होशंगाबाद-इटारसी और सिवनी मालवा सीट से चुनाव लड़ने के लिए 1 लाख 6 हजार रुपए जमा कराए थे।
फैसला वापस ले लिया है...-पार्टी के सीनियर लीडर्स का यह मानना था कि टिकट चाहने वालों से 50 हजार रुपए लिया जाना ठीक नहीं है। इसके बाद फैसला वापस ले लिया गया है, जिन दावेदारों ने राशि जमा कराई है। उसे उन्हें वापस कराया जाएगा।
-दीपक बावरिया, प्रदेश प्रभारी और राष्ट्रीय महासचिव एआईसीसी
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