भोपाल. मध्यप्रदेश के अशोकनगर जिले की मुंगावली और शिवपुरी जिले की कोलारस विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे बुधवार को आएंगे। वोटों की काउंटिंग जारी है।
छह राउंड की गिनती के बाद मुंगावली में कांग्रेस के बृजेंद्र सिंह यादव 2351 वोट से और कोलारस में कांग्रेस के ही महेंद्र सिंह यादव 2640 वोट से आगे चल रहे हैं। इस चुनाव को दिसंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है। दोनों सीट पर 24 फरवरी को वोट डाले गए थे। कोलारस में 70.40% और मुंगावली में 77.05% मतदान हुआ था।
क्यों हुए इन सीट पर चुनाव?
1) मुंगावली सीट- 2013 में इस सीट पर कांग्रेस के महेंद्र सिंह कालूखेड़ा जीते थे। सितंबर 2017 में उनका निधन होने से यह सीट खाली हो गई थी। कांग्रेस ने बृजेंद्र सिंह यादव और बीजेपी ने बाई साहब यादव को अपना उम्मीदवार बनाया।
- मुंगावली के वोटर ने 1985 से कभी लगातार दो बार किसी एक पार्टी को मौका नहीं दिया है। 1985 से 2013 के बीच यहां सात बार चुनाव हुए। इनमें चार बार कांग्रेस तो तीन बार बीजेपी कैंडिडेट को जीत मिली।
2) कोलारस सीट- कोलारस कांग्रेस की परंपरागत सीट है। पार्टी के विधायक रामसिंह यादव के निधन से यह सीट खाली हुई थी। कांग्रेस ने रामसिंह के बेटे महेंद्र सिंह को मैदान में उतारा। वहीं, बीजेपी ने देवेंद्र कुमार को अपना उम्मीदवार बनाया।
ये विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल क्यों है? कांग्रेस के लिए: मुंगावली और कोलारस सीट गुना लोकसभा क्षेत्र के तहत आती हैं। यहां से
ज्योतिरादित्य सिंधिया सांसद हैं। दोनों सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी हैं। सिंधिया ने कांग्रेस प्रत्याशियों के पर्चा दाखिले से लेकर मतदान तक दोनों विधानसभा क्षेत्रों में ताबड़तोड़ 75 सभाएं और रैलियां कीं।
बीजेपी के लिए: बीजेपी ने इन दो सीटों के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुकाबले उनकी बुआ यशोधरा राजे सिंधिया को प्रचार में उतारा था। सीएम ने यहां 45 सभाएं कीं।
अगर बीजेपी जीती तो क्या होगा?- पिछले साल चित्रकूट में हुए उपचुनाव में कांग्रेस ने 14,000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी। अगर इन दोनों सीटों पर भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ता है तो मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान की लीडरशिप पर सवाल खड़े होंगे।
- वहीं, बीजेपी जीत हासिल करती है तो विधानसभा चुनाव से पहले शिवराज के विरोध में उठ रहे स्वर कमजोर पड़ जाएंगे।
अगर कांग्रेस जीती, तो क्या होगा?- इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के सीएम कैंडिडेट की रेस में ज्योतिरादित्य का दावा काफी मजबूत बताया जा रहा है। इस लिहाज से दोनों सीट पर कांग्रेस का जीतना उनके लिए काफी अहम है।
2013 के मुकाबले कम पड़े वोट- 24 फरवरी को दोनों सीटों पर 2013 में हुए चुनाव के मुकाबले कम वोटिंग हुई। इस बार कोलारस में 70.40%, जबकि 2013 में यहां 72.82% वोटिंग हुई थी।
- वहीं, मुंगावली में इस बार 77.05% वोटिंग हुई। 2013 में 77.49% वोटिंग हुई थी।
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