उद्यानिकी फसलें एवं मूल्य संवर्धन पर प्रषिक्षण संपंन
- जनेकृविवि में छः दिवसीय प्रषिक्षण में मप्र के 13 जिलों
- के उद्यानिकी विस्तार अधिकारियों ने लिया प्रषिक्षण
जबलपुर। किसानों की आय को दोगुना करने हेतु उद्यानिकी फसलें व मूल्य संवर्धन संबंधी नवाचारों को किसानों तक पहुॅचाना आज की महती आवश्यकता है। उक्त उद्गार जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने उद्यानिकी फसलें एवं मूल्य संवर्धन पर आयोजित प्रशिक्षण में व्यक्त किये गए। मैनेज हैदराबाद द्वारा प्रायोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के 13 जिले तथा तेलंगाना राज्य के उद्यानिकी विस्तार अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। कार्यक्रम में प्रशिक्षण की विस्तार से जानकारी देते हुए विभागाध्यक्ष व आचार्य डॉं. नलिन खरे ने बताया कि उद्यानिकी फसलें तथा उनके मूल्य संवर्धन के लिए चिन्हित की गई नई तकनीकों की जानकारी किसानों तक पहुॅंचाने हेतु इस प्रकार के प्रशिक्षण आवश्यक है। प्रशिक्षण समापन के दौरान संचालक विस्तार सेवायें द्वारा सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किये गए। इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉं. व्ही.के. प्यासी, डॉं. ए.के. पाण्डे, डॉं. एस.के. अग्रवाल, डॉं. एम.के. दुबे, डॉं. (श्रीमति) अर्चना पाण्डे एवं डॉं. अनय रावत की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का संचालन डॉं. (श्रीमति) सीमा नबेरिया एवं आभार प्रदर्शन डॉं. प्रमोद गुप्ता द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल अधिकारी के रूप में डॉं. (श्रीमती) सीमा नबेरिया एवं डॉं. अनय रावत की प्रमुख भूमिका रही। प्रशिक्षण आयोजन में विस्तार संचालनालय के ए.के. सिंह, गुलाम नबी, सचिन सोनी, एस.जी. तिवारी, जावेद एवं संदीप का विशेष योगदान रहा।
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