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पटवारी परीक्षा का यह है सच : 12 हजार 542 अभ्यार्थी नहीं दे पाये पटवारी की परीक्षा



  • फर्जीवाड़ा के लिए प्रसिद्ध रहे व्यापमं के नए अवतार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड में भी टेक्नीकल लोचा
  • पहला दिन : 26 हजार को देनी थी परीक्षा
  • पहली पाली : 26887 आवेदकों में से 18872 ही दे पाये परीक्षा, 8015 को नहीं देने दी परीक्षा
  • दूसरी पाली : 26887 आवेदकों में से 22360 ही दे पाये परीक्षा, 4527 नहीं दे पाये परीक्षा
  • 86 सेंटर्स में 26712 आवेदक पहुंचे थे परीक्षा देने
  • जो परीक्षा नहीं दे पाये उनकी परीक्षा दोबारा लेगा पीईबी
  • गुस्साये उम्मीदवारों ने जमकर किया हंगामा, पथराव
  • परिजनों ने जताया आक्रोश 
  • बढ़ाया गया परीक्षा का समय
  • शिक्षा मंत्री ने कहा होगी कार्यवाही
  • टीसीएस ले रही है ऑनलाइन परीक्षा, कंपनी हो सकती है ब्लैक लिस्ट


दीपक राय, भोपाल...
भर्ती में फर्जीवाड़ा को लेकर पूरी दुनिया में बदनाम हो चुके व्यापमं की नई संस्था प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) को फिर शर्मशार होना पड़ा है। पीईबी द्वारा आयोजित की जा रही पटवारी भर्ती परीक्षा तकनीकी खामियां का शिकार हो गई। भोपाल सहित सभी 16 शहरों में शनिवार सुबह की पाली में सर्वर डाउन हो गया। कई केंद्रों पर केवल पांच फीसदी परीक्षार्थियों का ही आधार से वेरीफिकेशन हो सका। बाकी के परीक्षार्थियों को दो घंटे तक परीक्षा हाल में इंतजार करना पड़ा। इस कारण दोनों पालियों में 12 हजार 542 अभ्यार्थी परीक्षा नहीं दे पाये। भोपाल के ही एक परीक्षा केंद्र ट्रिनिटी कॉलेज में परीक्षार्थियों ने हंगामा कर पीईबी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। गौरतलब है कि व्यापमं घोटाले की बदनाम झेलने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने व्यापमं का नाम बदलकर पीईपी का गठन किया है। अब पीईबी भी टेक्निकल गड़बड़ी का शिकार हो गया। अभ्यार्थियों ने हंगामा मचाते हुए व्यापमं मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए यहां व्यापमं से अपना पैसा वापस किये जाने की मांग की। वहीं उन्होंने पटवारी परीक्षा में व्यापमं पार्ट-2 करने के भी आरोप लगाये।
परीक्षा केंद्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुबह 9 बजे से शुरू होने वाली पहली पाली के लिए सुबह 7.30 बजे से परीक्षार्थियों को रिपोर्टिंग करनी थी। इस दौरान हाल में प्रवेश के पहले केंद्रों पर परीक्षार्थियों का बायोमेट्रिक मशीन से आधार का वेरीफिकेशन हुआ। इस प्रक्रिया में कई परीक्षार्थी बाहर हो गए। जिनका वेरीफिकेशन सफल रहा उन्हें हाल में प्रवेश दे दिया गया, लेकिन अंदर दोबारा होने वाले वेरीफिकेशन के दौरान सर्वर जवाब दे गया। इससे परीक्षा देरी से शुरू हो पाई। शिक्षा मंत्री दीपक जोशी ने कहा कि तकनीकी समस्या की वजह से ऐसी स्थिति बनी है। आने वाले समय में निजी कंपनी की जगह खुद ही परीक्षाएं करवाएंगे। व्यवस्था बनाने के लिए केंद्रों पर मौजूद अधिकारी तेजी के साथ काम कर रहे हैं। परीक्षार्थियों के आक्रोशित होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है, लेकिन सब ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकि शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि जिस निजी कंपनी टीटीएस को परीक्षा का काम दिया गया था, उसकी चूक के कारण ही अव्यवस्था हुई है और इस लापरवाही को लेकर कंपनी की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमों के अंतर्गत कंपनी के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। परीक्षा सुबह 9 बजे शुरू होना थी, लेकिन सर्वर खराबी से 12 बजे के बाद शुरू हो पाई। परीक्षा के पहले दिन की पहली पाली में एक तिहाई आवेदक परीक्षा दे पाए हैं।

दोबारा लेंगे परीक्षा
व्यापमं अधिकारियों का कहना था कि वंचित आवेदकों को दोबारा नए प्रवेश पत्र जारी कर परीक्षा में शामिल किया जाएगा। उनकी परीक्षा जनवरी में होगी।

इन परीक्षा सेंटर में गड़बड़ी
वहीं परीक्षा के दौरान सेंटर बनाये गये सेम, ट्रिनिटी और एलएनसीटी कालेज का सर्वर डाऊन होने पर वहां अव्यवस्था फैल गई। एलएनसीटी कॉलेज में जहां परीक्षार्थियों ने जमकर हंगामा किया वहीं नारेबाजी कर अपना पैसा वापस किये जाने की मांग दी। वहीं परीक्षा सेंटर बनाये गये रायसेन रोड स्थित आईएन डिजिटल सेंटर बनाये गये रायसेन रोड स्थित आईएनओ एन डिजिटल सेंटर पर भी गुस्साये उम्मीदवारों ने जोरदार हंगामा करते हुए पथराव कर दिया। बिगड़ते हालत की सूचना पाकर तुरं मौके पर पुलिस बल पहुंचा जिसने स्थिति को नियंत्रण में किया। ऐहतियात के तौर पर यहां पूरे समय भारी पुलिस बल पीटीओ तैनात रहा। जानकारी के मुताबिक गांधी नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल को भी परीक्षा का सेंटर बनाया गया था, जहां परीक्षा लेट होने और अव्यवस्था फैलने पर परीक्षार्थियों सहित उनके साथ आये परिजनों ने भी जमकर हंगामा किया। बुरी तरह प्रभावित हुई परीक्षा व्यवस्था को लेकर खबर लिखे जान तक मिली जानकारी के कारण दूसरी पाली की परीक्षा का समय तीन से पांच की जगह चार बजे से छह बजे तक किया गया, वहीं कुछ सेंटर पर परीक्षा समय पांच बजे से सात बजे तक किये जाने की भी जानकारी है। पूरी अव्यवस्था और हंगामे को लेकर अधिकारी एसआईएस टेक्नोलाजी मेंनेजर को भी इसका कारण बता रहे हैं।

इसलिए हुई समस्या
ऑनलाइन परीक्षा में प्रवेश के लिए हर उम्मीदवार की बायोमेट्रिक मिलान और पहचान दर्ज करने के निर्देश केंद्रों को दिए गए हैं। बगैर आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट मैचिंग के परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। लेकिन एक परीक्षार्थी को आधार लिंक कराने के बाद रजिस्ट्रेशन कराने में करीब 15 से 20 मिनट का वक्त लगा, जिससे बड़ी संख्या में छात्र केंद्रों के बाहर ही खड़े रह गए।

पटवारी भर्ती : फैक्ट फाइल

  • 29 दिसंबर लगातार होगी परीक्षा
  • 9 हजार 235 पद
  • 10 लाख 20 हजार उम्मीदवार
  •  85 केंद्र बनाए गए हैं मप्र में
  • 26 हजार आवेदक प्रतिदिन देंगे परीक्षा
  • जो परीक्षा से चूक गए, 29 दिसंबर के बाद होगी परीक्षा

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