युवाओं को संविधान की शिक्षा मिले, विद्यार्थी संविधान जरूर पढ़ें : गौतम
- डॉ. वीरेंद्र व्यास ने कहा- संविधान राष्ट्र का सर्वोच्च ग्रंथ
- सप्ताह भर ग्रामोदय विश्वविद्यालय में संविधान पर होंगी प्रतियोगिताएं
ग्रामोदय विश्वविद्यालय से तरुण चतुर्वेदी के साथ दीपक राय की रिपोर्ट...
हमारा संविधान हमें नियमानुसार कार्य करने के कत्र्तव्यों और दायित्वों का बोध कराता है। साथ ही मानव के रूप में हमारे अधिकारों का भी ज्ञान कराता है। सभी लोगों को संविधान में वर्णित व्यवस्था एवं प्रावधानों के अनुरूप कार्य करना चाहिए। कोई संस्था हो या सरकार, संविधान में वर्णित प्रावधानों और व्यवस्थाओं के आधार पर ही व्यवस्थित तौर से संचालित हो सकती है। युवाओं को संविधान की जानकारी होनी चाहिये ताकि वह कर्तव्य के साथ अपना दायित्व भी समझें। इसके लिये युवाओं को संविधान पढऩा आवश्यक है।
उक्त बातें महात्मां गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एन सी गौतम ने कहीं। वे भारतीय संविधान दिवस के अवसर पर रविवार को छात्र-छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। गौतम ने कहा- पूरा देश संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर का ऋ णी है। भारतीय संविधान के कारण ही नागरिकों को समान अधिकार का अवसर मिला है। गौतम ने घोषणा की कि अगला सप्ताह संविधान विषय को समर्पित होगा और संविधान के आधार पर ग्रामोदय विश्व विद्यालय में भाषण, प्रतियोगितायें एवं प्रश्न मंच का आयोजन होगा। श्रेष्ठ एवं प्रतियोगिताओं में स्थान अर्जित करने वाले प्रतिभागियों को विश्वविद्यालय की ओर से पुरस्कृत किया जाएगा।
नागरिकों के लिए आचार संहित है संविधान : डॉ. व्यास
जन संचार वैज्ञानिक एवं मल्टी मीडिया विशेषज्ञ डॉ. वीरेन्द्र कुमार व्यास ने कहा कि आदर्श भारतीय नागरिकों के लिये संविधान एक आचार संहिता है। संविधान ही राष्ट्र तथा नागरिकों का सर्वोच्च ग्रंथ है। प्रजातंत्र की सफलता के लिये संविधान की जानकारी बहुत जरूरी है। कला संकाय के अधिष्ठाता डॉ. वाई के सिंह ने कहा कि मौलिक अधिकारों के जरिये संविधान ने हमें अनेकों अधिकार दिये हैं। उन्होने अनिवार्य शिक्षा के अधिकार को रेखांकित करते हुये कहा कि पूरे देश की शिक्षा और साक्षरता का विकास संविधान के परिणाम स्वरूप हमारे समक्ष है। कुल सचिव डॉ अजय कुमार ने कहा कि जिस प्रकार से परिवार और कुटुम्ब को चलाने के लिये नियम कायदों की जरूरत होती है उसी प्रकार देश की व्यवस्था के सुव्यवस्थित संचालन के लिये कानून और प्रावधानों की आवश्यकता होती है, जिसकी प्रतिपूर्ति हमें भारतीय संविधान से होती है। विधि अधिकारी डॉ. अभय वर्मा ने संविधान निर्माण की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुये कानूनी प्रक्रिया एवं उसके क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन डॉ वीरेन्द्र कुमार व्यास ने किया आभार प्रदर्शन डॉ अभय वर्मा ने किया। डॉ रघुवंश वाजपेयी, डा सूर्य प्रकाश शुक्ला, डॉ स्वर्णलता शर्मा, डॉ वन्दना पाठक, डॉ साधना चौरसिया, इं सीपी बस्तानी, इं वीरेन्द्र गुप्ता एवं डॉ जेपी तिवारी, संजय कुमार त्रिपाठी सहित विश्व विद्यालय के प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और छात्र-छा़त्रायें उपस्थित रहें।


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