विधानसभा में हिना कावरे ने ध्यानकर्षण में उठाया मामला
- मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना फ्लाप, 2806 विद्यार्थियों ने छोड़ी योजना
- विधायक हिना ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
दीपक राय, भोपाल। लांजी क्षेत्र की कांग्रेस विधायक सुश्री हिना कावरे ने मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना को पूरी तरह से फ्लाप बताया है जिसके कारण आरक्षित वर्ग के 2806 विद्यार्थियों ने इस योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है, मंगलवार को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से इस मामले को उठाते हुये विधायक कावरे ने कहा कि शासन की यह योजना पूरी तरह फ्लाप साबित हुई है, शासन ने इसी वर्ष से मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना लागू की है। जिसके तहत माध्यामिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा में 75 प्रतिशत या उससे अधिक एवं सीबीएससी बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लेकर उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों को शासकीय एवं अनुदान प्राप्त निजी महाविद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश देने की घोषणा की गई थी, परंतु शासन ने इस तथ्य को छिपाये रखा की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिलने वाली अन्य योजना का लाभ इस योजना के साथ नही दिया जायेगा। विद्यार्थियों को किसी भी एक योजना का ही लाभ मिलेगा। इस वर्ग के विद्यार्थी इसे अपने लिये नुकसान मान रहे है। यदि वे इस योजना का लाभ लेते है तो उन्हें पोस्ट मैट्रिक छात्रवृति, आवासीय योजना, गांव की बेटी योजना तथा अन्य योजना से उनको वंचित होना पड़ेगा। जबकि मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना की वजाय अन्य योजना में उन्हें अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होता है और इसी वजाय से विद्यार्थियों को इस योजना से तेजी से मोहभंग हो रहा है। अब तक 2806 विद्यार्थियों ने इस योजना का लाभ लेने से इंकार कर दिया है। यदि यही रफ्तार जारी रही तो सिर्फ यह योजना सामान्य वर्ग की होकर रह जायेगी। शासन को सिर्फ इस योजना का लाभ सामान्य वर्ग को ही देना था, परंतु आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को अंधेरे में रखा गया। वास्तविकता से आरक्षित वर्ग के विद्यार्थी उस समय रूबरू हुये जब कम्प्यूटर में अन्य योजना का अपडेशन नही हुआ।
विधायक हिना कावरे ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को एक पत्र भी लिखा है जिसमें यह मांग की गई है कि आरक्षित वर्गों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री मेधावी विद्यार्थी योजना के साथ-साथ अन्य योजना का लाभ जो उन्हें पूर्ववत: मिल रही है दिया जाये। अन्यथा इस योजना का कोई औचित्य नही रह जायेगा। सदन में विभागीय मंत्री जयभान सिंह पवैया ने इस ध्यार्नाषण पर जवाब देते हुये बताया कि यह मांग उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है सदन में उपाध्यक्ष ने निर्देशित किया इस मसले को कैबिनेट के समक्ष लाया जाये।

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