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महिलाओं की रक्षा कर न सकी वो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है


  • -विधानसभा शीत सत्र : 4 बार स्थगित हुआ सदन, विपक्ष का जोरदार हंगामा, लगाये नारे


दीपक राय, भोपाल।  विधानसभा के शीतसत्र का तीसरा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो अध्यक्ष सीतारमण शर्मा ने प्रश्नकाल शुरू करने की बात कही। प्रश्नकाल प्रारंभ होता इससे पहले ही कांग्रेस सदस्यों ने महिला उत्पीडऩ विषय पर स्थगन पर चर्चा की मांग की। लेकिन अध्यक्ष ने चर्चा से मना करते हुए कहा कि मैं किसी अन्य रूप में इस पर चर्चा करा लूंगा, इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा हम चाहते हैं अभी इस विषय पर चर्चा हो। हंगामा करते हुए कांग्रेस सदस्य आसंदी तक पहुंच गए। विपक्षी नेताओं ने नारे लगाने शुरू कर दिये। कांगे्रस विधायक हेमंत कटारे ने नारे लगाये- 'महिलाओं की रक्षा न कर सकी वो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है।Ó इसके साथ ही सभी सदस्यों ने आसंदी के सामने ही जमकर नारेबाजी की। इस बीच, संसदीय कार्य मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि भोपाल गैंगरेप मामले पर सभी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जिम्मेदार अफसरों पर कार्रवाई भी की गई है, कानून बनाया जा रहा है। वहीं, मंत्री गोपाल भार्गव ने कहा कि  जब मामले में कार्यवाही हो चुकी तो ऐसे मामलों पर स्थगन नहीं लाया जाता। बढ़ते हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष ने कार्यवाही को 10 मिनिट के लिए स्थगित कर दी।
दोबारा जैसे ही कार्यवाही प्रारंभ हुई कांगे्रस की महिला सदस्यों ने खड़े होकर महिला उत्पीडऩ पर चर्चा की मांग रख दी। इसके साथ ही कांग्रेस के सभी सदस्य फिर आसंदी के पास जाकर हंगामा करने लगे। इस दौरान शिवराज हाय-हाय के नारे भी लगे। हंगामे के बीच, अध्यक्ष ने आधे घंटे के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी। 12.30 बजे सभापति ने कार्यवाही प्रारंभ कराई। बाला बच्चन के ने सभापति से स्थगन पर चर्चा कराने की मांग रखी। इसके साथ ही सभापति ने कुछ प्रश्नकाल के कुछ सवाल भी हुए। इसके पश्चात हंगामे के बीच पत्रों को पटल पर रखा गया।
आसंदी के पास जमे सदस्यों ने सभापति से कहा कि आप अपने विवेक का इस्तेमाल तो कीजिए।  स्थगन पर चर्चा कराईये। यह सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। बीच में ही उमाशंकर गुप्ता ने कहा- यह कांग्रेस की नौटंकी है। भाजपा विधायक शंकरलाल तिवारी ने कांग्रेस सदस्यों की ओर इशारा करके कहा- भजन कीजिये।
बढ़ते हंगामे को देखते हुए सभापति ने सदन को गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।

चर्चा से गायब शिवराज मना रहे जश्न : अजय सिंह
सदन में हंगामे के दौरान नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा कि आज शिवराज सरकार के 12 साल हो गये, लेकिन वे आज भी विधानसभा में उपस्थित नहीं हैं। गंभीर विषय पर  चर्चा की बजाय वे वे बाहर जश्न मना रहे होंगे, यह लोकतंत्र के लिए गलत है।

धरना, आधे घंटे मौन बैठे कांग्रेस विधायक
सदन स्थगित होने के बाद कांग्रेसी विधायक नारेबाजी करते हुए बाहर निकले और प्रांगण में गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया। इसके बाद आधे घंटे के लिए मौन बैठकर विरोध दर्ज कराया।


हंगामें के बीच ही महत्वपूर्ण कार्य भी हुए पूर्ण
वपक्ष के हंगामें के बीच ही सभापति द्वारा दैनिक कार्यसूची के महत्वपूर्ण कार्य पूर्ण कराये।

8 दिन पहले स्थगन प्रस्ताव दिये, लेकिन चर्चा नहीं कराई
विपक्षी सदस्यों ने कहा कि आठ दिन पहले ही स्थगन प्रस्ताव दिए जा चुके हैं, लेकिन सरकार ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा नहीं करना चाहती है। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह, रामनिवास रावत, तरुण भानोट समेत सभी विधायकों ने प्रदेश में प्रत्येक दिन हो रहीं बलात्कार की घटनाओं को उठाया और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की व्यवस्था फेल होने की बात कही

एक मंत्री 302 का आरोपी
विधानसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक डॉ गोविंद सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए गंभीर आरोप लगाया और कहा कि इस सरकार का एक मंत्री है जो 302 का आरोपी है, उस पर भी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस प्रकार प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ चुकी है।

हंगामे की भेंट चढ़े सदन के महत्वपूर्ण कार्य
राज्य विधानसभा में आज राजधानी के हबीबगंज रेलवे स्टेशन के समीप हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले को लेकर विपक्ष ने जबर्दस्त हंगामा किया। प्रश्नोत्तरकाल प्रारंभ होते ही विपक्षी सदस्य मामले में सदन में तत्काल चर्चा शुरू करने की मांग करते हुए आसंदी के समक्ष आ गए और नारेबाजी कर शोरशराराबा करने लगे। इससे प्रश्नकाल की कार्यवाही पूरी तरह से बाधित हुई। विपक्ष के हंगामे के कारण विधानसभा की कार्रवाई प्रश्नोत्तरकाल के दौरान तीन बार स्थगित करना पड़ी। विधानसभा अध्यक्ष ने भी विपक्ष को समझाने की भरपूर कोशिश की। उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल चलने दें, गृह विभाग के पांच सवाल लगे हैं जो काफी महत्वपूर्ण हैं। इसी तरह राजस्व विभाग के भी महत्वपूर्ण सवाल लगे हुए हैं।  कांग्रेस के डॉक्टर गोविंद सिंह, रामनिवास रावत, तरुण भनोत, सचिन यादव सहित सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की व्यवस्था फेल हो चुकी है। ऐसे में इस गंभीर मुद्दे पर सदन में चर्चा कराया जाना बेहद जरूरी है। वहीं उमाशंकर गुप्ता ने कहा कि स्थगन को लेने का कोई औचित्य नहीं है सरकार की ओर से सारे कार्यवाही की जा चुकी है। सरकार दुष्कर्म जैसे मामले में फांसी की सजा देने जैसा कड़ा कानून बनाने जा रही है अनुपूरक बजट आज प्रस्तुत होने वाला है। विपक्ष चाहे तो इसमें भी इस मुद्दे पर चर्चा कर सकता है, इसके साथ ही गृह विभाग के जो सवाल लगे हैं उसमें भी अवसर है पर विपक्ष सत्ता पक्ष की बात सुनने को राजी नहीं हुआ। विपक्षियों ने आरोप लगाया कि सरकार चर्चा से बचना चाहती है सदन में हंगामे के दौरान गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह से अपने स्थान पर चुपचाप बैठे रहे उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के दौरान एक शब्द भी नहीं बोला। बाबूलाल गौर ने सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष से गुजारिश की कि सदन को चलने दें, निम्न अनुसार प्रश्न होने दें लेकिन उनकी बात को भी अनसुना कर दिया गया और शोरशराबा जारी रहा। इसके बाद विस अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दस मिनट के लिए स्थगित कर दी। तीसरी बार शुरु हुई विस कार्यवाही भी शोरशराबे के बीच शुरु हुई। हंगामे के बीच दो प्रश्नों पर पूछे गए और उत्तर भी शोरशराबे के बीच दिया गया। हंगामा शांत होते हुए ना देखकर अध्यक्ष द्वारा सदन की कार्यवाही फिर 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई।


भारत माता की जय और जय श्रीराम की गूंज
आज सदन में विपक्ष के हंगामें के बीच ही नारों की गूंज भी सुनाई दी। एक तरफ जहां विपक्ष 'जो सरकार निकम्मी है, वो सरकार बदलनी है जैसे नारे लगा रहे थे, वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों ने अचानक जय श्रीराम के नारे जगाए तो विपक्ष के सदस्यों ने भी जवाब में भारत माता की जय के नारे लगाकर माहौल को गुंजायमान कर दिया। दोनों ही पक्ष बुलंद आवाज में नारे लगाते नजर आए।

सरकार ने दुगुना किया गौशालाओं का अनुदान
अब  5 रुपए के स्थान पर किया 10 रुपए प्रति गौवंश
राज्य विधानसभा में आज प्रदेश के पशुपालन मंत्री अंतर सिंह आर्य ने जानकारी दी कि केबिनेट की बैठक में पशुपालन विभाग के अंतर्गत लिए गए निर्णय अनुसार गौशालाओं को दिए जा रहे अनुदान अधिकतम रुपए दस प्रति गौवंश प्रति दिवस किया गया है। विधानसभा में प्रश्नोत्तर के दौरान वरिष्ठ विधायक बाबूलाल गौर द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में बताया गया कि अनुदान की राशि मप्र गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड् द्वारा राशि की उपलब्धता के आधार पर विकलनीय होगी। मप्र राज्य क्रषि विपणन बोर्ड से राशि गौशालाओं को अनुदान प्रदाय करने हेतु मप्र गौपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड को प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि गौशाओं से राशि गौशालाओं को अनुदान में बढोत्तरी का प्रस्ताव मप्र राज्य कृष विपणन बोर्ड को भेजा गया है।

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