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बाबा बाप बेटी में थे अवैध संबंध,.70 साल तक जेल में रहेगा गुरमीत


  • डेरा सच्चा सौदा प्रमुख दुष्कर्मी बाबा गुरमीत को सीबीआई के विशेष जज ने सुनाई सजा
  • दो साध्वियों से किया था दुष्कर्म, दोनों के मामले में 10-10 साल की सजा
  • 15-15 लाख रुपये का जुर्माना
  • 2037 तक जेल में रहेगा
  • 70 साल की उम्र तक जेल में रहना होगा


दीपक राय, भोपाल। दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले का दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत को 20 साल की जेल हुई है। दो साध्वियों से बाबा ने दुष्कर्म किया था। एक से दुष्कर्म मामले में 10 साल और दूसरे से दुष्कर्म से 10 साल की सजा सुनाई गई। इस तरह बाबा को 20 साल तक जेल में रहना होगा। दोनों सजा अलग-अलग गुजारनी होंगी। सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया। बचाव पक्ष ने कहा था कि गुरमीत काफी लंबे समय से समाज सेवा के कामों में लगे हैं, लेकिन कोर्ट ने इन दलीलों को खारिज कर दिया। उसे धारा 376, 511 और 506 के तहत सजा सुनाई गई है। सुनवाई के दौरान जज ने कहा- गुरमीत ने अपने कद का गलत इस्तेमाल किया।  सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल को विशेष अदालत में तब्दील किया गया था। जेल में जज जगदीप सिंह हेलीकॉप्टर के जरिए पहुंचे थे। सजा सुनाए जाने से पहले गुरमीत ने जज के आगे हाथ जोड़े और माफी की मांग की।  पंचकूला में कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के बाद डेरा समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था, जिसमें 38 लोगों की मौत हो गई थी। इसके चलते फैसले के दौरान प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। जेल के आसपास के इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए। अर्ध सैनिक बलों की कंपनियों को तैनात किया गया। रोहतक आने वाली सभी गाडिय़ों की सघन तलाशी ली जा रही है। हर आने-जाने वाले से उसकी पहचान पूछी जा रही है। शहर के अदंर और बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। यहां धारा 144 लगी हुई है।

फिर हुई हिंसा
सोनीपत के पास बहालगढ़ में डेरा पर पुलिस का छापा पड़ा है। जिसमें खेतों से 100 से अधिक लाठियां और चेन बरामद हुई है। सिरसा और पंचकूला और पंजाब के मुक्तसर और मानसा में सेना तैनात की गई है। इस बीच, रोहतक में जज सजा सुना रहे थे। उधर, सिरसा में समर्थकों ने दो गाडिय़ां फूंक दी।

हालात तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि दुष्कर्म मामले में डेरा प्रमुख गुरमीत  सिंह को दोषी ठहारए जाने के तीन दिन बाद हरियाणा में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है लेकिन नियंत्रण में है।

उपद्रवियों पर गोली चलाने के थे आदेश
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस पूरी तरह तैयार थी। उपद्रवियों पर गोली चलाने के आदेश दिए गए थे। जेल के दोनों तरफ 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में किसी को जाने की इजाजत नहीं दी गई।

सजा अभी बाकि है...
अभी इन मामलों पर फैसला आना बाकी है
गुरमीत पर कोर्ट में और भी मामले चल रहे हैं, जिनपर फैसला आना बाकि है। पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का मामला : सिरसा के सांध्य दैनिक के संपादक रामचंद्र छत्रपति पर 24 अक्टूबर 2002 को कातिलाना हमले का आरोप है। छत्रपति को घर से बुलाकर पांच गोलियां मारी गई थीं। साध्वी से यौन शोषण और रणजीत की हत्या पर खबर प्रकाशित करने के कारण हमला हुआ था। 21 नवंबर 2002 को छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई थी। ये केस भी कोर्ट में चल रहा है।
डेरे के पूर्व मैनेजर के लापता होने का मामला : डेरे के पूर्व मैनेजर फकीर चंद 1991 में गायब हो गए थे, हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया गया कि फकीर चंद को डेरा प्रमुख ने गायब कराया। यह मामला भी सीबीआई के पास जांच के लिए आया था।
400 साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला : 400 साधुओं को नपुंसक बनाने के मामले में भी सीबीआई कोर्ट में जांच चल रही है। डेरा प्रमुख पर आरोप है कि साधुओं को ईश्वर से मिलाने के नाम पर उन्हें नंपुसक बनाया गया।
धार्मिक भावना आहत करने के आरोप : पंजाब पुलिस ने डेरा प्रमुख के खिलाफ धार्मिक भावना आहत करने के आरोप में बठिंडा में मामला दर्ज किया था। खालसा दीवान और श्रीगुरु सभा बठिंडा के अध्यक्ष राजिंदर सिंह सिद्धू की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था।
सिखों के साथ संघर्ष : एक विज्ञापन में गुरमीत ने दसवें सिख गुरु गोविंद सिंह की पोशाक पहनकर विवाद खड़ा कर दिया था। विवाद बढ़ता देख ने सर्वोच्च सिख बॉडी अकाल तख्त से माफी मांगी थी। इस मामले में 2009 में सिरसा और 2014 में बठिंडा कोर्ट में केस दर्ज किया गया था। हालांकि बाद में कोर्ट ने इस केस को खारिज कर दिया था।

कौन होगा नया डेरा प्रमुख

बाबा के जेल जाते ही अब डेरा प्रमुख के नाम की चर्चा तेज हो गई है। नए उत्तराधिकारी के रेस में तीन नाम सामने आ रहे हैं। पहला नाम उसके बेटे जसमीत इंसान का है। बाबा ने  साल 2007 में ही जसमीत इंसान को अपना उत्तराधिकारी बनाने की घोषणा कर दी थी।
लेकिन, डेरा के नियम के मुताबिक मौजूदा प्रमुख के परिवार या रिश्तेदारों में से कोई भी सदस्य डेरा प्रमुख नहीं बन सकता है। दूसरा नाम ब्रह्मचारी विपसना है। वह बाबा की खास शिष्या थी। 35 साल की विपसना डेरे के साथ पिछले कई सालों से जुड़ी हुई है। इस समय डेरे में उसकी हैसियत दूसरे नंबर की है। तीसरी और अहम दावेदारी की गोद ली बेटी हनीप्रीत का है। हनीप्रीत बाबा के साथ हर समय साये की तरह रहती है। पिछले शुक्रवार को सीबीआई कोर्ट के फैसले के बाद हनीप्रीत के साथ चॉपर तक साथ गई थी। सीबीआई की अदालात में फैसला सुनाते वक्त भी हनीप्रीत के साथ ही थी। बाबा ने जिन पांच फिल्मों में अभी तक अभिनय किया है उन सभी फिल्मों में हनीप्रीत भी काम कर चुकी है। हनीप्रीत उर्फ प्रियंका तनेजा, गुरमीत  सिंह के साथ जेल में रहना चाहती थी, लेकिन इसके लिए रोहतक जेल प्रशासन ने हनीप्रीत को जेल में रहने की अनुमति नहीं दी।

बाबा के बेटी हनीप्रीत से अवैध संबंध

honeypreet


बाबा भले ही हनीप्रीत को गोद ली हुई बेटी मानते हैं, लेकिन साल 2011 में हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता ने हाईकोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर अपनी पत्नी के बाबा  के साथ अवैध संबंधों का आरोप लगाया था। गुप्ता और हनीप्रीत में अब तालाक हो चुका है। और हनीप्रीत अब ब्रह्मचारी बन चुकी है।

68 साल पुराना डेरा
डेरा सच्चा सौदा आश्रम लगभग 68 सालों से चला आ रहा है। माना जाता है कि डेरा सच्चा सौदा का साम्राज्य देश से लेकर विदेशों तक फैला है। अमेरिका, कनाडा, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और तो और यूएई तक इसके आश्रम और अनुयायी हैं। डेरा के मुताबिक दुनियाभर में डेरे के करीब पांच करोड़ से भी ज्यादा भक्त हैं। सिर्फ हरियाणा में ही 25 लाख अनुयायी बताए जाते हैं। इसके अलावा दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड तक बाबा के अनुनायी हैं।

10वीं फेल, स्कूल में भी की थी छेड़छाड़
बाबा दसवीं की परीक्षा में फेल हो गया था। बचपन में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ करने पर उसे स्कूल से निकाल दिया गया था। बाबा का जन्म राजस्थान के श्रीगंगानगर में 15 अगस्त 1967 को हुआ, वो अपने पिता मघर सिंह के साथ डेरे पर जाया करता था, जो डेरे के दूसरे गद्दीनशीन शाह सतनाम जी के शिष्य थे, लेकिन शाह सतनाम जी ने को 23 साल की उम्र में डेरे की गद्दी सौंप दी। डेरे के साधक रहे कई लोग बताते हैं कि गुरमीत को चुनने के मामले में शाह सतनाम जी से गलती हो गई। गुरमीत के आने के बाद आध्यात्म की जगह डेरा आराम की चीजों के साथ भरने लगा।

15 सालों की लड़ाई, अब मिला न्याय
अप्रैल, 2002: तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को डेरा सच्चा सौदा के एक साध्वी की गुमनाम चि_ी मिली जिसमें उन्होंने बताया था कि डेरा प्रमुख गुरमीत ने उनके साथ रेप किया है। ऐसी ही चि_ी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस को भी मिली।
मई, 2002: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने सिरसा के जिला और सत्र जज को मामले की जांच के आदेश दे दिए।
सितम्बर, 2002: जिला कोर्ट ने जब बलात्कार की संभावना जताई तो हाईकोर्ट ने मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए।
दिसंबर, 2002: सीबीआई ने  के खिलाफ बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया।
जुलाई, 2007: सीबीआई ने अंबाला कोर्ट में के खिलाफ चार्जशीट दायर कर ली। इस चार्जशीट में डेरा प्रमुख द्वारा 1999 और 2002 के बीच दो सध्वियों के साथ बलात्कार का जिक्र था।
सितंबर, 2008: स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत के खिलाफ धारा 376 और 506 (बलात्कार और धमकी) का चार्जशीट दायर किया।
2009-2010:  दोनों पीडि़तों ने अदालत में अपने बयान दर्ज करवाए।
अप्रैल, 2011: स्पेशल सीबीआई अदालत को अम्बाला से पंचकूला स्थानांतरित कर दिया गया।
जुलाई, 2017: सीबीआई कोर्ट ने दैनिक सुनवाई के आदेश दे दिए।
17 अगस्त, 2017: पीडि़त पक्ष और आरोपी पक्ष ने अपनी अपनी दलीलें पूरी कीं। जज ने आदेश दिया कि 25 अगस्त को फैसले के दिन  को हाजिर रहना होगा।
25 अगस्त, 2017: सीबीआई कोर्ट जज जगदीप सिंह ने बाबा को बलात्कार का दोषी पाया और कहा कि सजा 28 अगस्त को दी जाएगी। इसके बाद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली में हिंसा शुरू हो गई। इसमें 38 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर मौतें हरियाणा में हुईं।
28 अगस्त : बाबा को 20 साल की जेल

  • एक नजर में खबर
  • - सजा सुनते ही फूट-फूटकर रोया बाबा 
  • - दो साध्वियों से दुष्कर्म मामले पर हुई सजा
  • - दोनों दुष्कर्म की अलग-अलग सजा, 10-10 साल
  • - गुरमीत पर आरोप तय होने के बाद हरियाया, पंजाब, दिल्ली और यूपी में हुई हिंसा का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा 
  • -सजा मिलने के बाद कोर्ट में ही बैठ गया गुरमीत और शोर मचाने लगा
  • -गुरमीत पर जुर्माना (50 हजार, 10 हजार और 5 हजार) भी लगाया गया
  • -गुरमीत के वकील ने नरमी की अपील की, समाज सेवा के कामों का हवाला दिया
  • -गुरमीत ने जज के आगे जोड़े हाथ, माफी की मांग की, अच्छे कामों का दिया हवाला
  • -हरियाणा में मोबाइल-इंटरनेट मंगलवार तक बंद रहेंगे
  • -23 कंपनियां तैनात पैरामिलिट्री फोर्स की, सेना भी तैयार रखी
  • -पंजाब के संगरूर में 23 डेरा समर्थकों को गिरफ्तार किया गया
  • - सेना के संगीन साये में डेरा मुख्यालय से समर्थकों को निकाला जा रहा
  • -मीडिया की हर ओबी वैन पर सीआरपीएफ जवान तैनात किया गया

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकारा
  • आसाराम मामले की जांच धीमी क्यों
    गुरमीत को सजा होने के बीच सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आसाराम मामले में सुनवाई की। कोर्ट ने गुजरात सरकार को फटकार लगाते हुए पूछा- आसाराम मामले की जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है। आसाराम को जोधपुर पुलिस ने 31 अगस्त, 2013 को गिरफ्तार किया था और उसके बाद से वह जेल में ही है। आसाराम की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने गुजरात सरकार से ये सवाल किया। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझकर जांच में देरी कर रही है। पुलिस ने अभी तक गवाहों को भी कोर्ट में पेश नहीं किया है। इस स्थिति में आसाराम को जमानत मिलनी चाहिए। एएसजी तुसार मेहता ने हालांकि गुजरात सरकार की ओर से कहा कि 46 गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और 46 अन्य को कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। इन सब में वक्त लगता है। आरोपी नहीं बताएंगे कि पीडि़त या गवाह को कब पेश करना है। इसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को दीवाली के बाद तक के लिए टाल दिया। इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात पुलिस को जांच में तेजी लाने को कहा था। बता दें कि सूरत की दो बहनों ने आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के खिलाफ रेप और बंधक बनाकर रखने का आरोप लगाया था। बड़ी बहन ने अपनी शिकायत में कहा था कि आसाराम ने साल 2001 से 2006 के बीच उससे दुष्कर्म किया। उस समय वह अहमदाबाद स्थित आश्रम में रहती थी। आसाराम के खिलाफ राजस्थान के जोधपुर में एक किशोरी ने यौन हमले का मामला दर्ज कराया था। पीडि़त उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उसकी शिकायत के अनुसार आसाराम ने जोधपुर में मनाई आश्रम में उसे निशाना बनाया।

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