बैंक कर्मियों ने गड़बड़ी कर 71.5 करोड़ के पुराने नोट बदले
नई दिल्ली। नोटबंदी के दौरान कुछ बैंकों के कर्मचारियों ने 71.47 करोड़ रुपये कीमत के 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को अवैध तरीके से बदल दिया था। केंद्र सरकार के मुताबिक कुछ बैंक अफसरों और काले धन वालों की यह साठगांठ 9 नवंबर से 30 दिसंबर तक जारी रही। वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने शुक्रवार को लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि नोटबंदी के दौरान नोटों के अवैध लेन-देन में 14 बैंक की शाखाओं में बैंक कर्मियों के साठगांठ करने की बात सामने आ चुकी है। इसमें सबसे ज्यादा अवैध लेन-देन एक्सिस बैंक की तीन शाखाओं में किया गया था। यहां से तीन कर्मचारियों को निलंबित किया जा चुका है। इसीतरह छह मामलों में धनलक्ष्मी बैंक के आठ कर्मचारी लिप्त पाए गए। उन्होंने अवैध तरीके से लोगों का 22.67 करोड़ रुपये का काला धन खपाया। उन्होंने बताया कि सरकारी बैंकों में भी धांधलियां हुई हैं। स्टेट बैंक ऑफ मैसूर में 1.9 करोड़ के दो मामले सामने आए। इसमें चार बैंक कर्मियों को निलंबित किया गया। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में भी 54.90 लाख रुपये के दो मामले सामने आए। गंगवार ने बताया कि आरबीआइ ने बैंक कर्मचारियों को नोट बदलने और रकम जमा करने में किसी भी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने को कहा है। साथ ही बैंकों ने कहा गया है कि वह अपने आंतरिक ऑडिट प्रक्रिया को बेहतर करें। इसके साथ ही बैंक शाखाओं का अचानक दौरा कर कामकाज की जांच की जाए। लेन-देन के तौर-तरीकों पर नजर रखी जाए।
सरकारी बैंकों के 156 अफसर निलंबित
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा को बताया कि नोटबंदी के दौरान नोटों के लेन-देन में धांधली करने वाले सरकारी बैंकों के 156 वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा अनियमितताएं बरतने पर सरकारी बैंकों के 41 वरिष्ठ अफसरों का तबादला किया जा चुका है। सरकारी बैंकों में ऐसे 26 आपराधिक मामले पुलिस या सीबीआइ ने दर्ज किए हैं। वहीं निजी बैंकों के 11 अफसरों को ही निलंबित किया गया है।
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