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209 उम्मीदवारों की घोषणा की सपा ने


अखिलेश ने चाचा को भी बख्शा, कांग्रेस की कोई कद्र नहीं

लखनऊ, (ईएमएस)
समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए दो सूचियां जारी कर दीं। पहली सूची में 191 उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है वहीं, इसके बाद शाम को पार्टी ने 18 उम्मीदवारों की दूसरी सूची का भी ऐलान किया। बता दें कि पहली सूची में पहले, दूसरे और तीसरे चरण के मतदान के लिए उम्मीदवार शामिल थे।  दूसरी सूची में बेनी प्रसाद वर्मा के बेटे राकेश वर्मा को भी पार्टी ने टिकट दिया है। उन्हें बहराईच से उम्मीदवार बनाया गया है। पहली सूची से उनका नाम गायब था। वहीं, पहली सूची में शिवपाल सिंह यादव को जसवंतनगर सीट से टिकट दिया गया था। शुक्रवार सुबह जारी की गई सपा की पहली सूची में अखिलेश ने अतीक अहमद का टिकट काट दिया। आजम खान को रामपुर से टिकट दिया गया और उनके बेटे अब्बदुला को स्वार से टिकट मिला है। सपा सांसद नरेश अग्रवाल के बेटे नितिन अग्रवाल को भी अखिलेश ने टिकट दिया है। नितिन को हरदोई से टिकट मिला है।

7 चरणों में होगा यूपी विधान सभा चुनाव
उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव सात चरणों में कराया जाएगा। पहला चरण 11 फरवरी से शुरू होकर अंतिम चरण 08 मार्च को होगा। वहीं, फैसला 11 मार्च को आएगा।

कांग्रेस की कोई बखत नहीं...84 सीट ही देना चाहती सपा
बिना पूछे ही अखिलेश ने जारी कर दी सूची
कांग्रेस चाहती है 100 सीटें
पहली लिस्ट घोषित किए जाने से कांग्रेस पार्टी में खलबली का माहौल व्याप्त है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस  समाजवादी पार्टी के इस ऐलान से काफी नाराज है। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि दोनों को साथ में प्रत्याशियों का ऐलान करना था, लेकिन सपा ने ऐसा पहले ही कर दिया। और तो और जो सीट कांग्रेस ने मांगी थी, उन पर भी एसपी ने प्रत्याशी खड़े कर दिए। ऐसे में दोनों पार्टियों के गठबंधन पर संशय के बादल छा गए हैं।
यहां परेशान हुई कांग्रेस
गौतमबुद्ध नगर की तीन सीट नोएडा, दादरी और जेवर पर एसपी ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए, जबकि कांग्रेस यहां से कम से कम एक सीट पाने की उम्मीद कर रही थी। वहीं, अखिलेश खेमे के नेता किरणमय नंद ने कहा है कि अमेठी सीट के अलावा लखनऊ कैंट सीट भी एसपी अपने पास ही रखेगी।
कांग्रेस को अपने गढ़ में ही झटका
अमेठी कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, जबकि कैंट सीट पर कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी को पिछली बार जीत मिली थी। हालांकि, जोशी अब बीजेपी में शामिल हो चुकी हैं। लखनऊ कैंट सीट पर मुलायम सिंह की पुत्रवधु अपर्णा यादव की दावेदारी के चलते कांग्रेस इसे छोडऩे पर राजी है। इसके बदले वह लखनऊ उत्तर व मध्य सीट चाहती है जबकि एसपी उसके लिए लखनऊ (पूर्व) विधानसभा छोडऩा चाहती है। एसपी यह सीट अब तक जीत नहीं पाई है।

कांग्रेस को कायदे से 54 सीटें ही मिलनी चाहिए
एसपी के ताजा रुख से दोनों के गठबंधन की संभावनाओं पर फिर आशंका के बादल छा गए हैं। किरणमय नंद ने कहा कि कांग्रेस को कायदे से 54 सीटें मिलनी चाहिए, लेकिन 25-30 और दी जा सकती हैं। माना जा रहा है कि एसपी ज्यादा से ज्यादा 80 सीटें देने के मूड में है। समाजवादी पार्टी उन ही सीटों को कांग्रेस को देना चाहती है, जिन पर पिछले चुनाव में कांग्रेस जीती और वह तीसरे या चौथे नंबर पर थे।

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