भारत सरकार को दिए थे बेस्ट आइडियाज, अब हॉवर्ड यूनिवर्सिटी ने किया इनवाइट
भारत सरकार को थ्री बेस्ट आइडिया देने वाली शहर की रोशनी छाबड़ा का सिलेक्शन अमेरिका की हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने एक कांफ्रेंस में शामिल करने के लिए किया है। इस कांफ्रेंस में वर्ल्ड के सभी देशों से 300 यंग लोगों का सिलेक्शन किया है। जिसमें आस्ट्रेलिया, सिडनी, मलेशिया, बंग्लादेश, अमेरिका, बोस्टन, न्यूयार्क के कैंडिडेट शामिल हैं। इनमें भारत से केवल 10 लोगों का सिलेक्शन किया है। विट्स पिलानी से बी टेक और केमिकल इंजीनियरिंग....
- रोशनी के पिता बलविंदर सिंह का ऑटो पार्टस का बिजनेस है। रोशनी छाबड़ा ने विट्स पिलानी से बी टेक और केमिकल इंजीनियर हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अहमदाबाद में कांफ्रेंस में शामिल होकर सस्ते सैनेटरी नेपकिन का फार्मूला पेश कर चुकी है। रोड सेफ्टी को लेकर उसकी लिखी कविता रोड एंड ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बुक में पब्लिश की गई है।
ऐसे हुआ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के लिए चयन
- रोशनी छाबड़ा ने बताया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जो वर्कशाॅप की जा रही है, उसमें वर्ल्ड के सीनियर लैक्चरर और कई देशों के प्रेसीडेंट शामिल होंगे। जिसमें वे अपनी स्पीच देंगे और नए-नए अविष्कार के साथ वर्ल्ड इकॉनोमी को लेकर अपने आइडिया रखेंगे।
- रोशनी ने बताया कि 16 फरवरी को उन्हें कांफ्रेंस में शामिल होने पहुंचना है। जिसकी अभी प्रोसेस चालू हो गई। इससे पहले 9 दिसंबर को उनकी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इंट्रेस परीक्षा ली थी। जिसमें विश्व के 300 कैंडिडेट ने पार्टिसिपेट किया था। इस बीच उन्होंने चार प्रश्न दिए आैर एक वीडियो पर लाइव इंटरव्यू लिया था।
- इसके बाद यूनिवर्सिटी उनका कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए सिलेक्शन किया। इसी तरह इंडिया से 10 यंग लोगों को सिलेक्ट किया है। पूरे कांफ्रेंस की थीम वर्ल्ड इकॉनोमी सिस्टम को लेकर हैं। जिसमें विश्व के बड़े-बड़े इकॉनोमिस्ट अपने आइडिया रखेंगे।
- रोशनी के मुताबिक, एमपी से रोशनी छाबड़ा का सिलेक्शन हुआ और उन्हें 16 फरवरी को यूएसए पहुंचना है, मगर इंडियन गवर्नमेंट, स्टेट गवर्नमेंट और लोकल लेवल पर किसी तरह की हेल्प नहीं मिलने से उसे परेशानी जा रही है।
- हैरानी की बात यह है कि जिन देशों से कैंडिडेट का सिलेक्शन हुआ है, उन्हें कांफ्रेंस में भेजने का खर्च वहां की गवर्नमेंट खर्च उठा रहीं हैं, लेकिन यहां पर किसी भी तरह की कोई मदद के लिए सामने अब तक नहीं आया है।
भारत को दिए यह बेस्ट थ्री आइडिया
- यहां पर बता दें कि इससे पहले रोशनी ने समाज में बदलाव के लिए तीन बेस्ट आइडिया पेश किए थे। जिसमें पहला आइडिया हेल्थ एरिया में था। इसमें उन्होंने सस्ता कम वैक्टेरिया पनपने वाला सेनेटरी नैपकिन का फार्मूला पेश किया था।
- इसी तरह दूसरे आइडिया में रोशनी ने रोड सेफ्टी को लेकर पुस्तक तैयार की थी। जिसमें बढ़ते एक्सीडेंट कम करने के तरीके बताए थे। उसकी (हेव ए सेफ जर्नी) बुक की लाचिंग रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी की ओर से सेंट्रल मिनिस्टर नितिन गड़करी ने किया था।
- तीसरा आइडिया देशों के बीच घूमने वाले रिफ्यूजी को लेकर था। वह किस तरह दो देशों के बीच में फंस जाते हैं। इसका उदाहरण रोशनी ने शतरंज की चाल के आधार पर किया था।
केंद्र व राज्य सरकार ने मदद के लिए अभी तक नहीं की पहल
- रोशनी की मां गुरमीत कौर छाबड़ा ने बताया कि दूसरी कंट्री देशों के कैंडिडेट को कांफ्रेंस में वहां की गवर्नमेंट खुद के खर्च पर शामिल करने भेज रही हैं। मगर यहां पर किसी भी गवर्नमेंट ने पहल नहीं की है।
- देश के अंदर बेटियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे हैं और योजनाएं लाईं जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी बात सीएम और मिनिस्टर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहीं हैं। अंत में बेटी खुद के खर्च पर कांफ्रेंस में शामिल होने जाएगी ही। क्योंकि यह देश की बात है।
- रोशनी के पिता बलविंदर सिंह का ऑटो पार्टस का बिजनेस है। रोशनी छाबड़ा ने विट्स पिलानी से बी टेक और केमिकल इंजीनियर हैं। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में अहमदाबाद में कांफ्रेंस में शामिल होकर सस्ते सैनेटरी नेपकिन का फार्मूला पेश कर चुकी है। रोड सेफ्टी को लेकर उसकी लिखी कविता रोड एंड ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की बुक में पब्लिश की गई है।
ऐसे हुआ हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के लिए चयन
- रोशनी छाबड़ा ने बताया कि हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की ओर से जो वर्कशाॅप की जा रही है, उसमें वर्ल्ड के सीनियर लैक्चरर और कई देशों के प्रेसीडेंट शामिल होंगे। जिसमें वे अपनी स्पीच देंगे और नए-नए अविष्कार के साथ वर्ल्ड इकॉनोमी को लेकर अपने आइडिया रखेंगे।
- रोशनी ने बताया कि 16 फरवरी को उन्हें कांफ्रेंस में शामिल होने पहुंचना है। जिसकी अभी प्रोसेस चालू हो गई। इससे पहले 9 दिसंबर को उनकी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने इंट्रेस परीक्षा ली थी। जिसमें विश्व के 300 कैंडिडेट ने पार्टिसिपेट किया था। इस बीच उन्होंने चार प्रश्न दिए आैर एक वीडियो पर लाइव इंटरव्यू लिया था।
- इसके बाद यूनिवर्सिटी उनका कांफ्रेंस में शामिल होने के लिए सिलेक्शन किया। इसी तरह इंडिया से 10 यंग लोगों को सिलेक्ट किया है। पूरे कांफ्रेंस की थीम वर्ल्ड इकॉनोमी सिस्टम को लेकर हैं। जिसमें विश्व के बड़े-बड़े इकॉनोमिस्ट अपने आइडिया रखेंगे।
- रोशनी के मुताबिक, एमपी से रोशनी छाबड़ा का सिलेक्शन हुआ और उन्हें 16 फरवरी को यूएसए पहुंचना है, मगर इंडियन गवर्नमेंट, स्टेट गवर्नमेंट और लोकल लेवल पर किसी तरह की हेल्प नहीं मिलने से उसे परेशानी जा रही है।
- हैरानी की बात यह है कि जिन देशों से कैंडिडेट का सिलेक्शन हुआ है, उन्हें कांफ्रेंस में भेजने का खर्च वहां की गवर्नमेंट खर्च उठा रहीं हैं, लेकिन यहां पर किसी भी तरह की कोई मदद के लिए सामने अब तक नहीं आया है।
भारत को दिए यह बेस्ट थ्री आइडिया
- यहां पर बता दें कि इससे पहले रोशनी ने समाज में बदलाव के लिए तीन बेस्ट आइडिया पेश किए थे। जिसमें पहला आइडिया हेल्थ एरिया में था। इसमें उन्होंने सस्ता कम वैक्टेरिया पनपने वाला सेनेटरी नैपकिन का फार्मूला पेश किया था।
- इसी तरह दूसरे आइडिया में रोशनी ने रोड सेफ्टी को लेकर पुस्तक तैयार की थी। जिसमें बढ़ते एक्सीडेंट कम करने के तरीके बताए थे। उसकी (हेव ए सेफ जर्नी) बुक की लाचिंग रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्टरी की ओर से सेंट्रल मिनिस्टर नितिन गड़करी ने किया था।
- तीसरा आइडिया देशों के बीच घूमने वाले रिफ्यूजी को लेकर था। वह किस तरह दो देशों के बीच में फंस जाते हैं। इसका उदाहरण रोशनी ने शतरंज की चाल के आधार पर किया था।
केंद्र व राज्य सरकार ने मदद के लिए अभी तक नहीं की पहल
- रोशनी की मां गुरमीत कौर छाबड़ा ने बताया कि दूसरी कंट्री देशों के कैंडिडेट को कांफ्रेंस में वहां की गवर्नमेंट खुद के खर्च पर शामिल करने भेज रही हैं। मगर यहां पर किसी भी गवर्नमेंट ने पहल नहीं की है।
- देश के अंदर बेटियों को बढ़ावा देने के लिए बड़े-बड़े आयोजन किए जा रहे हैं और योजनाएं लाईं जा रहीं हैं। उन्होंने बताया कि वे अपनी बात सीएम और मिनिस्टर तक पहुंचाने का प्रयास कर रहीं हैं। अंत में बेटी खुद के खर्च पर कांफ्रेंस में शामिल होने जाएगी ही। क्योंकि यह देश की बात है।

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