फ्री वाईफाई सेवा शुरू करने की डेडलाइन खत्म, ओएफसी के लिए परमिशन नहीं
राजधानी में इंटेलिजेंट स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट के तहत फ्री वाईफाई समेत 5 सेवाओं को शुरू करने की डेडलाइन को खत्म हुए दो माह बीत चुके हैं। स्मार्ट सिटी कंपनी ने प्रोजेक्ट की शुरुआत में नवंबर-17 में 50 पोल के साथ शहर के प्रमुख स्थानों पर फ्री वाई-फाई देने का दावा किया था, लेकिन अभी तक नेटर्वक तैयार करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की ही संबंधित एजेंसियों से अनुमति नहीं मिल पाई है।
- स्मार्ट सिटी योजना में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत 400 स्मार्ट पोल लगाए जाने हैं। वहीं प्रोजेक्ट की पार्टनर कंपनी भारती इंफ्राटेल ने स्मार्ट पोल लगाने का काम फिलहाल धीमा कर दिया है। जानकार कहते हैं कि टेलीकॉम सेक्टर में हुए बदलावों के कारण ब्राडबैंड इंटरनेट के दामों में न केवल भारी कमी आई है, बल्कि कई कंपनियों टेलीकॉम सेक्टर से ही बाहर हो गई हैं। इसका असर स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट पर भी पड़ा है।
ऐसा है पूरा प्रोजेक्ट
- शहर में कुल 400 स्मार्ट पोल लगेंगे। जो अंडरग्राउंड ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) से जोड़े जाएंगे। सभी पोल स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर से कनेक्ट होंगे। यानी इन पोल पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग, एनवायरोंमेंट सेंसर का डाटा सीधे स्टेट कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के सर्वर में सेव होगा।
हाउसिंग बोर्ड-भेल ने नहीं दी परमिशन
- प्लेटिनम प्लाजा के 400 मीटर क्षेत्र में केबल बिछाई जानी है। स्मार्ट सिटी कंपनी ने 4 माह पहले हाउसिंग बोर्ड से परमिशन मांगी थी, जो अब तक नहीं मिली है। भेल में करीब 10 से 12 किमी में ओएफसी गुजरेगी, लेकिन यहां भी 3 माह से परमिशन का इंतजार है।
टेलीकॉम सेक्टर में हुए बदलावों का असर
- कंपनी प्रोजेक्ट की फिर से समीक्षा कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि रिलायंस जिओ के सस्ते इंटरनेट सर्विस की सफलता के बाद क्या वाईफाई हॉट स्पॉट लोगों की जरूरत बन पाएंगे या नहीं? बंद होती छोटी टेलीकॉम कंपनियों से नेटवर्क शेयरिंग की संभावना कितनी बची है?
- कंपनी प्रोजेक्ट की फिर से समीक्षा कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि रिलायंस जिओ के सस्ते इंटरनेट सर्विस की सफलता के बाद क्या वाईफाई हॉट स्पॉट लोगों की जरूरत बन पाएंगे या नहीं? बंद होती छोटी टेलीकॉम कंपनियों से नेटवर्क शेयरिंग की संभावना कितनी बची है?
- लगभग 50% काम हो चुका है। फाइबर केबल का काम डिले चल रहा है, इसकी मुख्य वजह कई स्थानों पर खुदाई की परमीशन नहीं मिल पाना है। इसी कारण स्मार्ट इंटलिजेंट पोल से सर्विस शुरू नहीं हो पाई है।
सौरभ जोशी, प्रोजेक्ट मैनेजर,
भारती इंफ्राटेल कंपनी लिमिटेडसौरभ जोशी, प्रोजेक्ट मैनेजर,
- स्मार्ट पोल प्रोजेक्ट को नवंबर-17 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब इसकी डेटलाइन मार्च-18 तक बढ़ा दी गई है, लेकिन भेल और हाउसिंग बोर्ड ने अपने एरिया में खुदाई की अनुमति नहीं दी है, इस कारण ओएफसी कनेक्ट नहीं हो पा रही है। जब तक सभी स्मार्ट पोल ओएफसी से नहीं जुड़ेंगे, यह वर्क नहीं कर पाएंगे।
- रामजी अवस्थी, सिटी इंजीनियर,

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