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चित्रकूट को नम्बर एक बनाने स्कूली बच्चों ने स्वच्छ चित्रकूट बनाने की शपथ ली


चित्रकूट। प्रभू श्री राम की तपोस्थली चित्रकूट क्षेत्र को स्वच्छता की दृष्टि से नम्बर एक घोषित कराने की नगर परिषद की संकल्पना को साकार रूप देने के लिये आज महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्व विद्यालय  परिसर में नगर के स्कूली बच्चों ने सामूहिक शपथ ली कि हम अपने नगर चित्रकूट को स्वच्छ और सुन्दर रखने का संकल्प लेते हैं। हमस ब मिलकर अपने माता-पिता, अभिभावकों और पड़ोसियों को बतायेंगे कि हम लोगो ने चित्रकूट के बाण्ड एम्बेसडर और कुलपति तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारी के समक्ष स्वच्छता की शपथ ली है। हम न तो अपने घर को गंदा रहने देंगे और न ही अपने आस-पास के स्थान को गंदा रखेंगे। स्वच्छता के इस काम में अपने परिवार वालों का भी सहयोग लेंगे।
इस संकल्प के पूर्व चित्रकूट नगर के विभिन्न स्कूलों के बच्चे ठंड की परवाह किये बगैर अपने गुरूजनों के नेतृत्व में स्वच्छता जागरूकता रैली के रूप में चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे, जो एक बाल सभा के रूप में परिवर्तित हो गयी। नगर परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी  ओमपाल सिंह द्वारा निर्धारित विद्यार्थियों की संख्या की सीमा को तोड़ते हुये बड़ी संख्या में बच्चे ग्रामोदय विश्व विद्यालय  परिसर पहुंचे। प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और माध्यमिक स्तर के बच्चे-बच्चियों का विद्यालय वार समूह स्वच्छता के नारों की पट्टिकाओं तथा बैनरों के साथ रैली में सम्मिलित हुये थे। ग्रामोदय विश्वविद्यालय के मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास भवन में स्वच्छता प्रेमी विद्यार्थियों की एक कार्यशाला भी सम्पन्न हुई। कार्यशाला में विद्वानों ने स्वच्छता के गुर बतायें। चित्रकूट के ब्रांड एम्बेसडर एवं कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम बाल सभा सह कार्यशाला की अध्यक्षता की। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओमपाल सिंह मुख्य वक्ता रहे।
श्री सिंह ने इस अवसर पर बताया कि भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार स्वच्छता अभियान के अन्तर्गत नगरों की रैंकिंग कर रही है। चित्रकूट को नम्बर एक रैंक दिलाने के लिये केवल शासकीय प्रयास काफी नहीें हैं। जनभागीदारी एवं जन सहभागिता से ही चित्रकूट नंबर वन हो सकता है। अन्य नगरों एवं चित्रकूट नगर की स्वच्छता संबन्धी समस्याओं में भिन्नता को रेखांकित करते हुये श्री सिंह ने कहा कि चित्रकूट एक धार्मिक पर्यटन क्षेत्र भी है। आस्था एवं विश्वास के साथ लोग आते हैं। प्रभू दर्शन एवं पुण्य लाभ उनका मुख्य उद्देश्य होता है। अनियोजित यात्रियों के मध्य स्वच्छता एक बड़ी चुनौती भी है। हमारा दायित्व है कि हम इन परिस्थितियों से विचलित न हों बल्कि लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहते हुये स्वच्छ चित्रकूट की संकल्पना को पूर्ण करने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि अपने-2 घरों में सूखा कचरा एवं गीला कचरा के लिये अलग-2 डस्टबिन रखें। डस्टबिन हरे और नीले रंग के होने चाहिये। उन्होंने समझाया कि डस्टबिन के लिये पैसे खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। प्रत्येक घर मेें कागज के गत्ते  व प्लास्टिक के डिब्बे और पुरानी बाल्टियां आदि उपलब्ध होती हैं, उन्ही को डस्टबिन के रूप में प्रयोगा किया जाये और घर का कूड़ा रास्ते तथा सड़क में न फेंककर डस्टबिन में डाला जाय। इसके बाद कूड़ा उठाने वाली गाड़ी में सूखे एवं गीले दोनो प्रकार के कचरे को डाला जाये। उन्होनें बच्चों का आवाह ्न किया कि इस कार्य को पाठ्क्रम का सहभागी अंग मानते हुये जब किया जायेगा तो निश्चित रूप से सफल होगा।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुये ब्राण्ड एम्बेसडर एवं कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम ने बच्चों द्वारा अर्जित जानकारी को मूल्यांकन के शैली में अनेक बच्चों से प्रश्न किया और बच्चों के उत्तर के प्रति संतोष व्यक्त किया। बच्चों के त्वरित ज्ञान एवं उत्साह से प्रभावित कुलपति प्रो. गौतम ने कहा कि स्वच्छ चित्रकूट के अभियान में जो छात्र-छात्रा अच्छा कार्य करेंगें उन्हें स्वच्छता श्री एवं स्वच्छता सुश्री प्रमाण पत्र प्रदान किया जायेगा। प्रो. गौतम ने स्वच्छता सर्वेक्षण के पूर्व के कार्यों को गति देने के लिये समाज कार्य के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को निर्देशित किया। जागरूकता हेतु दीवारों में चित्र प्रदर्शन तथा स्टीकर के प्रारूप तैयार करने हेतु व्यवसायिक कला विभाग के शिक्षकों और विद्यार्थियों को मार्गदर्शन दिया तथा कहा कि पवित्र चित्रकूट को स्वच्छ चित्रकूट बनाने में ग्रामोदय विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्रायें उसी दृढ़ता और विश्वास के साथ जुटें। जैसा ग्रामोदय विश्वविद्यालय के नैक बंगलौर की टीम द्वारा मूल्यांकन के समय जुटकर सम्पूर्ण मध्यप्रदेश में पहले मूल्यांकन में ही 'एÓ ग्रेड प्राप्त करने का गौरव हासिल किया था। धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ0 अजय कुमान ने किया। इस अवसर पर अधिष्ठाता प्रो0 आई0पी0 त्रिपाठी, डॉ0 शशिकांत त्रिपाठी, डॉ0 अमरजीत सिंह सहित प्राध्यापकगण एवं विद्याधाम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सुरेन्द्र पाल ग्रामोदय विद्यालय, सदगुरू पब्लिक स्कूल, कामता हायर सेकेण्ड्री स्कूल, नयागांव पूर्व माध्यमिक विद्यालय, रजौला पूर्व माध्यमिक विद्यालय, मोहकमगढ़ प्राथमिक पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक एवं छात्र-छात्रायें तथा नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारीगण उपस्थित रहें।

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