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सीबीआई के नए प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला, क्यों रहे चर्चित? सब कुछ जाने उनके बारे में

सीबीआई के नए प्रमुख ऋषि कुमार शुक्ला, क्यों रहे चर्चित? सब कुछ जाने उनके बारे में  

ऋषि कुमार शुक्ला को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) का नया प्रमुख बनाया गया है। पांच दिन पहले ही मध्यप्रदेश की कमलनाथ सरकार ने शुक्ला को डीजीपी के पद से हटा दिया था। अब उन्हें सीबीआई प्रमुख नियुक्त किया गया है। जानकारों की मानें तो कमलनाथ और शुक्ला के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा था, जिसके बाद उन्हें हटाया गया था।  

मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के दैरान शुक्ला डेढ़ महीने के छुट्टी पर चले गए थे लेकिन जैसे ही वह छुट्टी से लौटे तो उन्हें हाउसिंग बोर्ड का मुखिया बना दिया गया। जबकि वीके सिंह को मध्यप्रदेश का कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था। शुक्ला पर कानून व्यवस्था संभालने में विफल रहने का आरोप लगाकर हटाया गया था।

ग्वालियर के निवासी 

1983 बैच के आईपीएस ऋषि कुमार शुक्ला ग्वालियर के रहने वाले हैं। उनकी शुरुआती पोस्टिंग सीएसपी रायपुर में हुई थी। शुक्ला दमोह, शिवपुरी और मंदसौर जिले के एसपी रहे हैं। इसके अलावा 2009 से 2012 तक एडीजी इंटेलिजेंस भी रह चुके हैं। शुक्ला का नाम तब चर्चा में आया था जब वह अबू सलेम और उसकी प्रेमिका मोनिका बेदी को पुर्तगाल से भारत लाए थे। 

इससे पहले आलोक वर्मा को सरकार ने सीबीआई के पद से बर्खास्त कर दिया था। जिसपर कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आपत्ति जताई थी। वहीं शुक्ला की नियुक्ति प्रधानमंत्री मोदी, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश रंजन गोगई और विपक्षी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के सहमति से हुई है।

सीबीआई की साख पर सवाल
दरअसल, ऋषि कुमार शुक्ला को सीबीआई की कमान तब मिली है जब सीबीआई खुद सवालों के घेरे में है। सीबीआई के सामने 2जी घोटाला, कोयला घोटाला और एयरसेल-मैक्सिस जैसे मामले पड़े हैं। आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना की जंग में दोनों को ही सीबीआई से हटा दिया गया। कई दूसरे अफसरों को भी तबादला झेलना पड़ा। आए दिन तबादलों की खबरों ने एजेंसी की साख को खासा नुकसान पहुंचाया। 
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्र सरकार से पूछा था कि उसने अब तक सीबीआई के पूर्णकालिक निदेशक की नियुक्ति क्यों नहीं की है। न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने सरकार से कहा कि सीबीआई निदेशक का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। अंतरिम निदेशक दो-चार दिनों के लिए तो ठीक है, लेकिन लंबे समय के लिए नहीं। पीठ ने सरकार को जल्द सीबीआई निदेशक की नियुक्ति करने को कहा था।
 

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