सरपंच पंवार की शिकायत कर पद से हटाया
दिनेश मालवी, उज्जैन।
उज्जैन जिले की महिदपुर तहसील के भाजपा विधायक बहादुर सिंह चौहान की डर्टी पॉलिटिक्स ने क्षेत्र के ही एक नेता दिलीप नवलखा की जान ले ली, घटना की जानकारी लगने पर गांव पहुंचे केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत के भी आंसू छलक गए। पूरे मामले में महिदपुर विधायक की भूमिका सामने आने पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं में बेहद आक्रोश है। ये है भाजपा के विधायक बहादुर सिंह चौहान जो चिल्ला चिल्लाकर अपनी ही पार्टी के एक बड़े नेता को नेस्तोनाबूत करने की बात सार्वजनिक मंच से कह रहे है, ये वीडियो 2013 के विधानसभा चुनाव का है जब विधायक बहादुर सिंह के खिलाफ पार्टी के ही युवा नेता दिलीप नवलखा ने मोर्चा खोल दिया था, जिसके बदले में बहादुर ने सार्वजनिक तौर पर नवलखा को बर्बाद कर देने की बात कही थी और तभी से बहादुर सिंह , दिलीप नवलखा को परेशान कर रहे थे, जिसके अवसाद में आकर दिलीप नवलखा की दो दिन पूर्व हार्ट अटैक से मौत हो गई , नवलखा पिछले दो बार से क्षेत्र के विधायक पद के प्रमुख दावेदार थे , लंबे समय से सक्रिय नेतागिरी कर रहे नवलखा मंत्री थावरचंद गहलोत के भी बेहद करीबी थी जब उन्हें नवलखा की मौत की जानकारी लगी और उसके पीछे क्षेत्रीय विधायक की भूमिका पता लगी तो वे खुद को रोक नही पाए और उनकी आंखों से भी आंसू छलक आये इस मामले में थावरचंद गहलोत ने पार्टी स्तर पर बड़ी कार्यवाही का भरोसा पीडि़त परिवार को दिलवाया है। इधर नवलखा की मौत से क्षेत्र के भाजपा कार्यकर्ता भी खासे आक्रोशित है उन्होंने भी इस बार विधायक बहादुर सिंह को धूल चटाने का मन बना लिया है । बहादुर की गुंडाई के आगे पूरा महिदपुर नतमस्तक है , पूर्व के कार्यकाल में उन्होंने वहां की लीडरशिप समाप्त करने के लिए दर्जनभर से अधिक अपनी ही पार्टी के नेताओ पर प्रकरण दर्ज करवा दिए थे वहीं जो भी उनके खिलाफ गया उन्हें भी बहादुर ने प्रताडि़त किया है, हालही में उनके पुत्र भी 70 लाख जुए सट्टे में हार गए थे जिसके बाद बजदूर सिंह ने एक जैन परिवार का क्षेत्र में रहना मुहाल कर दिया था ऐसे कई मामले ही जहां बहादुर ने बेवजह बहादुरी दिखाकर लोगो को परेशान किया है लेकिन अब क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं ने बहादुर को भी बहादुरी से निपटाने के मन बना लिया है । इस मामले में पार्टी आलाकमान भी बहादुर पर बड़ी कार्यवाही कर सकता है।

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