महिदपुर विधायक के सामने जो रोड़ा बनने वाला था उसे निपटा दिया : आरोप
दिनेश मालवी, उज्जैन।
महिदपुर के भाजपा नेता व व्यवसायी दिलीप नवलखा की मौत के पीछे क्षेत्रीय भाजपा विधायक बहादुरसिंह चौहान पर प्रताडि़त करने के गंभीर आरोप परिजनों ने लगाए हैं। परिजनों का कहना है विधायक राजनीतिक दुर्भावनावश उन्हें परेशान कर रहे थे। साढ़े चार साल में विधानसभा में 60 सवाल लगाए गए। विधायक ने कृषि विभाग को अपने लेटर पेड पर शिकायत कर छापा डलवाया। मौत के चार दिन पहले (27 जुलाई) को विभाग के दूसरी बार छापा डालने से नवलखा तनाव में थे और इसी के चलते हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि नवलखा भाजपा से विधायक के दावेदार थे, वे आगे न बढ़ पाएं इसलिए विधायक उन्हें लगातार प्रताडि़त कर रहे थे। वे हमें जेल में डलवाना चाहते थे और चार साल से लगातार टेंशन दे रहे थे। महिदपुर में भाजपा नेता दिलीप नवलखा (47) की 31 जुलाई 2018 को हार्टअटैक से मौत हो गई थी। उनकी मौत को लेकर विधायक चौहान पर परेशान करने के आरोप लग रहे थे। वहीं अब दिलीप नवलखा के भाई हंसमुख नवलखा ने अपने भाई की मौत के लिए विधायक चौहान को सीधे-सीधे जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने पत्रिका से चर्चा करते हुए कहा कि विधायक चौहान जब से जीते हैं वे हमारे परिवार के पीछे पड़े हुए थे। पूरा परिवार उनसे त्रस्त था। चौहान के विधायक बनने के बाद एक के बाद लोड दिए जा रहे थे। हर विधानसभा सत्र में उनके व्यवसाय को लेकर सवाल लगाए। चार साल में लगभग 60 सवाल लगाए। पिछले महीने अपने लेटर पेड से कृषि विभाग को लिखित में शिकायत की। इस पर विभाग की टीम ने दो बार छापा डाला। पिछली बार टीम ने जांच की थी, लेकिन 27 जुलाई को टीम ने फिर से हमारी तीनों फर्मों पर छापा डाला। इसी के बाद से दिलीप नवलखा तनाव में आ गए थे। यह तनाव इतना बढ़ा कि 31 जुलाई को हार्ट अटैक आ गया। भाई हंसमुख नवलखा का कहना है कि विधायक ने उनके खिलाफ भी एफआइआर करवाई। हाइकोर्ट से जीते तो सरकार की जगह खुद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगा दी।
विधायक ने खात्मे की दी थी धमकी
भाजपा नेता दिलीप नवलखा महिदपुर से भारतीय जनता पार्टी की ओर से विधायक के दावेदार भी थे। पिछले चुनाव में दोवेदारों की पैनल में नाम शामिल था। वर्ष 2013 में विधायक चौहान ने चुनाव जीतने के बाद सार्वजनिक रूप से दिलीप नवलखा के खात्मा करने की धमकी दी थी। इसको लेकर एक वीडियो भी वायरल हुआ है। भाई हंसमुख नवलखा का कहना है कि राजनीति प्रतिद्वंद्विता के चलते वे भाई के पीछे पड़े थे। इस बार फिर दिलीप दावेदार थे इसलिए विधायक के रसूख के चलते हर मामले में फंसा रहे थे। अपनी ही पार्टी के नेता दिलीप नवलखा के साथ विधायक द्वारा परेशान किए जाने पर भाई हंसमुख का कहना है कि पार्टी और केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत को सब कुछ मालूम था। कैसे हमारे खिलाफ विधानसभा में सवाल लगाए, जांच टीम भिजवाई। लेकिन हमने शिकायत की बजाय कलम की लड़ाई की, कोर्ट गए और जीत कर आए। विधायक ने हमें त्रस्त कर रखा था पूरा परिवार दुखी था।
भाजपा में इन पदों पर रहे नवलखा
महिदपुर नगर मंडल के दो बार महामंत्री, वर्ष 2012 से 2015 तक मंडल अध्यक्ष रहे। वर्तमान में भाजपा जिला कार्यकारिणी सदस्य थे। महिदपुर में भाजपा व्यापारी मोर्चा अध्यक्ष तथा महिदपुर खाद-बीज व्यापारी एसोसिएशन अध्यक्ष भी रहे। नवलखा परिवार की महिदपुर में नवलखा सीड्स, हंसमुखलाल हेमंत कुमार ब्रदर्स, दिलीप ट्रेडिंग व नवलखा कृषि सेवा केंद्र के नाम से फर्म हैं।
केंद्रीय मंत्री गेहलोत बोले- नवलखा थे परेशान
भाजपा नेता नवलखा की मौत पर केंद्रीय मंत्री थावरचंद गेहलोत ने भी दुख जताया। दो दिन पहले महिदपुर पहुंचे मंत्री गेहलोत ने मीडिया से चर्चा में कहा कि नवलखा परेशान थे। दो-तीन दिन पहले जांच टीम आने पर उनका फोन आया था। उन्होंने कहा था मैं परेशानी महसूस कर रहा हूं। उस समय मैंने उन्हें भगवान पर भरोसा और साहस से काम लेने को कहा था। एक बार पहले भी उनको बड़ी परेशानी आई थी, तब भी मैंने साहस से काम लेने को कहा था। मंत्री गेहलोत ने यहां तक कहा कि क्षेत्र की जनता और मुझे भी मालूम है कि क्या हुआ।
विधायक चौहान का विवादों से रहा है नाता
विधायक बनते ही चौहान कांग्रेस नेता दिनेश जैन बोस के पीछे पड़ गए थे। उनके खदान के काम को लेकर विधानसभा में सवाल उठाए। जांच में 30 करोड़ की पेनल्टी तक लगवा दी। मामले में अब भी कानूनी कार्रवाई चल रही है। आरोप है कि चौहान के सामने निर्दलीय खड़े होने पर विधायक ने यह सब कुछ किया।
महिलाओं को दी जहर खिलाकर हत्या की धमकी
क्रिकेट सट्टे में विधायक चौहान के बेटे के 77 लाख रुपए डूबने पर महिदपुर के जैन परिवार की महिलाओं को घर बुलाकर धमकी थी। शांतिलाल दशौरा की पत्नी अनीता और बहू दीपा ने विधायक की बातचीत रिकॉर्ड कर ली थी। इसमें विधायक ने कहा था कि जहर खिलाकर हत्या करवा दूंगा, पोस्टमार्टम में भी कुछ नहीं निकलेगा। मामले में महिलाओं ने उज्जैन पहुंचकर एसपी से शिकायत की थी।
झारडा सरपंच को बचाने नहीं होने दी एफआइआर
लाखों के भ्रष्टाचार में फंसे झारडा के सरपंच हरकुंवर चौहान व सचिव जगदीश मालवीय को बचाने के लिए विधायक चौहान जुटे रहे। दोनों पर कार्रवाई न हो इसके लिए भोपाल से दोबारा से जांच बैठाई। वहीं महिदपुर जनपद की ओर से थाने में एफआइआर के आवेदन को पुलिस ने स्वीकार नहीं किया। बताया जा रहा है पुलिस ने विधायक के दबाव से ऐसा किया।
बैद्यनाथ सोसायटी के खिलाफ लगाए सवाल: विधायक चौहान ने क्षेत्र की बैद्यनाथ सोसायटी को लेकर विधानसभा में सवाल उठाए। इसमें अध्यक्ष बनेसिंह के खिलाफ 420 के तहत कार्रवाई हुई और जेल जाना पड़ा। आरोप है कि विधायक ने जानबूझकर कार्रवाई की।

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