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कस्तूरबा हॉस्पिटल में सम्पन्न हुई चिकित्सा सलाहकार समिति की बैठक

Live News, Bhopal. भेल के कस्तूरबा  हॉस्पिटल के न्यूरो कॉन्फ्रेंस हॉल में चिकित्सा सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कमेटी के अध्यक्ष श्री एम. हलदर ( महाप्रबंधक फ़ीडर्स),श्री विनय कुमार ए.जी.एम.(एच.आर.आई.आर.) श्री अर्नेस्ट बिलुंग ए.जी.एम.(ई. एम. टी.), डॉ.अल्पना तिवारी ए.जी.एम.(एम.इ.डी.) अन्य डॉक्टर एवं विभाग प्रमुख एवं विभीन्न यूनियनों के समिति सदस्य सम्मिलित हुए,ऑल इंडिया भेल एम्प्लाईज यूनियन की तरफ से चिकित्सा सलाहकार समिति के सदस्य आशीष सोनी, *एकमात्र कर्मचारी महिला प्रतिनिधि सरिता राजुरकर* एवं राजबली पटेल सम्मिलित हुए।
ऑल इंडिया भेल एम्प्लॉईज यूनियन द्वारा सबसे पहले मीटिंग में कहा गया कि 1 साल बाद कमेटी की मीटिंग बुलाना मैनेजमेंट एवं हॉस्पिटल प्रबंधन की संवेदनहीनता दर्शाता है, साथ ही साथ पिछली मीटिंग जो कि 19/07/2017 को सम्पन्न हुई थी उसके मिनिट्स आज मीटिंग दिनाँक को चुपके से व्हाटसअप पर डालकर अपनी जिम्मेदारी से भागना हॉस्पिटल की संमस्यायो को सुलझाने में प्रबंधन की घोर लापरवाही है
प्रबंधन द्वारा एक साल बाद मेडिकल कमेटी के मिनिट्स दिए गए है लेकिन यूनियन के द्वारा सुझाये गए अधिकतर पॉइंट जिस पर कमेटी द्वारा सहमति बनी थी आज दिनाँक तक भी पूरे नही हो पाए है
मीटिंग में ऑल इंडिया भेल एम्प्लाइज यूनियन के सदस्यो  द्वारा पुराने मिनिट्स के आधार पर मुद्दे एवं नए मुद्दे रखे गए जो इस प्रकार है
 *1-* नई बिल्डिंग बन कर तैयार है शिफ्टिंग कब तक हो पाएंगी पिछली मीटिंग में भी बात रखी गई थी तब 15 अगस्त 2017 तक शिफ्टिंग करने का आश्वाशन दिया गया था जो कि आज दिनाँक तक नही हो पाई है एवं आज मैनेजमेंट से दोबारा सवाल करने पर जवाब मिला है की नई बिल्डिंग में वार्डो की शिफ्टिंग की डेडलाइन 15 अगस्त 2018 रखी गयी है और इस दिनाँक तक शिफ्ट कर दिया जाएगा
 *2-* हॉस्पिटल में जगह जगह कुत्ते घूमते रहते है जिस पर 1 साल पहले शिकायत की गई थी लेकिन आज दिनाँक तक भी स्थिति जस की तस है भेल सिक्योरिटी एजेंसी के द्वारा क्या किया जा रहा है या प्रबंधन का उन पर कोई कंट्रोल नही है
 *3-* पिछली मीटिंग में शिकायत की गई थी कि मेल मेडिकल,सर्जिकल एवं अन्य वार्डो में रूफ लीकेज एवं सीपेज की समस्या आ रही है साथ ही साथ नई बिल्डिंग में भी यही समस्या है शीघ्र अतिशीघ्र मरम्मत कराई जाए लेकिन आज दिनाँक तक समस्या का समाधान नही हुआ है
 *4-* पिछली मीटिंग में बताया गया था कि पीने योग्य पानी की पर्याप्त व्यवस्था नही है सही जगह का चुनाव कर पानी की व्यवस्था करवाई जाए आज दिनाँक तक समस्या का समाधान नही हो पाया है साफ पीने के पानी की व्यवस्था करना मैनेजमेंट का मोरल कर्तव्य है लेकिन हम पीने के पानी एवं सिविल के छोटे-छोटे कार्यो को करवाने के लिए इस मेडिकल कमेटी में चर्चा कर रहे है क्या ये इस समिति की तौहीन नही है इस तरह की समस्या को तो हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा समय समय पर अपने स्तर पर सुधार कर लिया जाना चाहिए जिससे समिति में हॉस्पिटल के उत्थान के अच्छे मुद्दों पर बहस हो सके एवं समय का सदुपयोग हो।
 *5-* ए.सी.एवं कूलर खराब होने पर समय से मेंटेनेन्स नही हो पाते है पहले भी मीटीग में समस्या रखी गयी थी आज दिनाँक तक निराकरण नही हो पाया ।
 *6-* रक्त दान करने पर दिए जाने वाले जूस के साथ दूध एवं अंडे भी दिए जाएं जिस पर सहमति बनी है जूस या दूध में जो भी रक्तदाता चाहेंगा उसे दिया जायेगा।
 *7-*  पिछली मीटिंग में यूनियन द्वारा बताया गया था कि LP काउंटर पर दवा वितरण के समय  बहुत भीड़ हो रही है LP काउंटर की संख्या बढ़ाई जाए आज दिनाँक तक भी कोई समाधान नही हो पाया है
 *8-* खुली लिक्विड दवा के लिए कांच की शीशी हॉस्पिटल द्वारा प्रदान की जाए या पैक लिक्विड दवाए उपलब्ध कराई जाए।
 *9-* डॉक्टर एवं हॉस्पिटल के अन्य स्टाफ का व्यवहार सही नही है वह आने वाले मरीजों से सही से बात तक नही करते है इसके लिए समझाइस दी जाए अन्यथा किसी अप्रिय घटना के जिम्मेदार मैनेजमेंट होगी।
 *10-* हर 3 माह में मेडिकल एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग अनिवार्य रूप से हो एवं मिनिट्स भी एक सप्ताह के अंदर जिम्मेदार व्यक्ति के नाम एवं समय सीमा के साथ प्रदान किये जायें ।
 *11-* बंसल हॉस्पिटल में रेफर करने पर भर्ती करने की दशा में कर्मचारियों से डिस्पोजेबल आइटम के लिए 5000 रुपये से 10000 रुपये तक जमा करवाये जाते है जो कि खुली लूट है भेल से पैनल किसी भी हॉस्पिटल में ऐसा नही होता है अतः उनसे पैसे लेना बैन करवाया जाए या उन पैसो का रिम्बरसेमेंट भेल प्रबंधन द्वारा किया जाए
 *12-* कॉर्पोरेट स्तर पर मेडिकल ट्रस्ट के निर्माण किया गया है इसकी फंक्शनिंग क्या है ज्ञात जानकारी के अनुसार भेल से रिटायर्ड कर्मचारियों का इलाज उस ट्रस्ट के माध्यम से किया जाता है यूनियन मांग करती है कि रिटायर्ड कर्मचारियों का इलाज भोपाल के किसी अच्छे हॉस्पिटल से इनपैनल कर करवाया जाए जिसका भुगतान मेडिकल ट्रस्ट के माध्यम से हो जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को लगातार इलाज मिल सके और इससे कस्तूरबा हॉस्पिटल का लोड कम होगा एवं नियमित कर्मचारियों को समय पर सुविधा जनक,पर्याप्त इलाज बिना किसी रुकावट के मिल सकेगा।
 *13-*  ई.सी.जी. एवं केजुअल्टी डिपार्टमेंट में रात्रिपाली एवं छुट्टी के दिन महिला नर्सिंग स्टाफ नही रहता है जिससे महिलाओ को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है छुट्टियों के दिन एवं रात्रिपली में नर्सिंग स्टाफ की व्यवस्था की जाए।
 *14-* रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर का रिटायरमेंट हो चुका है मैनेजमेंट द्वारा अभी तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था नही की गई है रेडियोलॉजी डिपार्टमेंट के लिए डॉक्टर की भर्ती की जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में किसी संस्थान को इनपैनल किया जाए एवं डॉक्टर की नियुक्ति की जाए
 *15-* एम्प्लाईज के बच्चो का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने हेतु 10₹ का चालान बनाने के लिए अरेरा कॉलोनी की बैंक जाना होता है जिससे कंपनी एवं कर्मचारियों का समय एवं साधन का नुकसान होता है इसे प्रबंधन के द्वारा भेल की किसी बैंक ब्रांच से बनवाने या हॉस्पिटल प्रबंधन द्वारा निश्चित समय बाद किसी को भेज कर एक साथ बनवाने की व्यवस्था की जाए
 *16-* भोपाल एवं इंदौर के अच्छे हॉस्पिटल को जल्द से जल्द भेल भोपाल के हॉस्पिटल पैनल में लाया जाए जिससे एम्प्लाईज को अच्छी चिकित्सा सुविधा प्राप्त हो सके
 *17-* हॉस्पिटल में परमानेंट डॉक्टर, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ , टेक्निकल स्टाफ की भर्ती जल्द से जल्द की जाए
 *18-* हॉस्पिटल कैंटीन की हालत दयनीय है इसमें सुधार की अत्यंत आवश्यकता है प्लांट की कैंटीन की तर्ज पर इसे भी व्यवस्थित किया जाए
 *19-* हॉस्पिटल की खाली जगहो पर बड़ी बड़ी घास उग आई है इसे कटाई किया जाए एवं पार्क को भी निश्चित अवधि में मेंटेनेन्स किया जाए
 *20-* पैथालॉजी विभाग का समय 10:30 से बढ़ाकर 11 बजे तक किया जाए
 *21-* AIBEU यूनियन की मांग पर ओ.एच.एस. में भी पैथोलॉजी टेस्ट के लिए सैम्पल कलेक्शन की व्यवस्था चालू की जा चुकी है यूनियन मांग करती है कि इस सूचना को हर कर्मचारियों तक पहुंचाने की व्यवस्था बनाई जाए एवं सभी एम्प्लाईज का कंपनी में ओ.एच.एस में सैम्पल कलेक्शन की व्यवस्था सुचारू रूप से बनाई जाए।
 *22-* हॉस्पिटल में चोरी की घटनाएं बड़ी है हॉस्पिटल के अंदर समान की एवं बाहर पेट्रोल चोरी हो रहा है सिक्योरिटी को इफेक्टिव बनाया जाए
 *23-* AIBEU की मांग पर हॉस्पिटल की बिल्डिंग के अंदर सी.सी.टी. वी. लग गए है हॉस्पिटल कैंपस के अंदर एवं बिल्डिंग में जहाँ सी.सी.टी.वी. नही लग पाए है लगवाया जाए
 *24-* सोनोग्राफी,इको एवं टी. एम.टी. में लंबी वेटिंग है जिस पर यूनियन के द्वारा समय समय पर हॉस्पिटल मैनेजमेंट एवं एच.आर. विभाग को अवगत कराया गया है वेटिंग को खत्म करने के उपाय जल्द से जल्द किये जायें ।
 *25-* डीलक्स वार्ड में जिस रूम में ए. सी. नही है वहाँ पर ए.सी. लगवाए जाए।
 *26-* हॉस्पिटल में पदस्थ सोसाइटी वर्करों का नियमित रूप से एक निश्चित समयावधि पश्चात ट्रांसफर किया जाए ।
 *27-* कस्तूरबा से किसी दूसरे हॉस्पिटल में रिफर किया जाता है और वहाँ उस मरीज की मृत्यु हो जाती है तो उसकी डेड बॉडी मर्चुरी में रखवाने के लिए बॉडी लाने  के लिए शाम 5 बजे के बाद वाहन की व्यवस्था नही हो पाती है यह अतिसंवेदनशील एवं गंभीर मामला है इस पर जल्द से जल्द कार्यवाही कर 5 बजे के बाद भी वाहन की व्यवस्था बनाई जाए।
 *28-* एम.आर.आई. एवं सी. टी. स्कैन  यूनिट की स्थापना कस्तूरबा हॉस्पिटल में की जानी चाहिए।
 *29* -फार्मासिस्ट,पैरामेडिकल स्टॉफ, नर्सिंग स्टाफ,एवं टेक्निकल स्टॉफ जिनके द्वारा लापरवाही हो रही है उस पर बात हुई है जिस पर मैनेजमेंट ने भी माना है कि चूक हो रही है और जो बात निकल कर आई है उसका सबसे बड़ा कारण पहले जो स्टाफ जिस पद्धति से आता था उनकी तनख्वाह 20000 लगभग होती थी जिसमे एक्सपीरियंस एवं अच्छा स्टाफ मिलता था लेकिन आज केंद्र सरकार एवं कारपोरेट की गाइडलाइन के अनुसार टेंडरिंग प्रक्रिया से एवं एल.वन. आने वाले कॉन्ट्रेक्टर के माध्यम से जो कलेक्ट्रेड रेट है उस हिसाब से भुगतान किया जा रहा है उसमे मैनेजमेंट के द्वारा 1 साल के एक्सपीरियंस की बाध्यता रखी गयी है कम पैसे मिलने के कारण अच्छा एवं ट्रेंड स्टॉफ नही मिल पा रहा है और जो मिल भी रहा है और उनसे गलती होती है तो हम उसे समझाइश देते है और समय समय पर कार्यवाही भी की जाती है और जिनके द्वारा ज्यादा लापरवाही बरती जाती है उन्हें हटाने की कार्यवाही भी की जाती है
और हॉस्पिटल स्टाफ के कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाकर डिसाइड करने के लिए कॉरपोरेट प्रबंधन को आवेदन किया गया है
 *30-* वैक्सिनेशन शाम में 4 से 6 बजे तक भी किया जाए जिस पर जवाब मिला है कि वैक्सिनेशन के बाद बच्चो में बुखार एवं अन्य समस्याए देखने को मिलती है जो कि आम तौर पर वैक्सिनेशन के 2 से 6 घंटो में पता लगती है जिससे उस पर शाम में डॉक्टर द्वारा समाधान दिया जा सकता है लेकिन शाम में वैक्सिनेशन किया जाएगा तो बच्चो को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा इसलिए वैक्सिनेशन शाम में नही हो सकता है।

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