विक्रम विश्वविद्यालय का कमाल, शिवराज और कमलनाथ पर कराई पीएचडी
- राज्यपाल आनंदीबेन ने की तारीफ- मिनीमन गवर्नमेंट मैक्सीमम गवर्नेंस की तर्ज पर कार्य कर रहा विक्रम विश्वविद्यालय
- महज तीन वर्ष में पूर्ण करा दिया गया शोध कार्य
दीपक राय की रिपोर्ट, भोपाल...
देश के तमाम विश्वविद्यालय, जबकि शोध के उन्नत विषयों की कमी से जूझ रहे हैं। पारंपरिक विषयों से आगे नहीं निकल पा रहे, वहीं मध्यप्रदेश के एक विश्वविद्यालय ने नया कीर्तिमान रचा है। तमाम पुराने विषयों से आगे बढ़ते हुए उज्जैन के विक्रम विश्वविद्यालय ने तात्कालिक व सारगर्भित विषय पर दो छात्रों की पीएचडी अवार्ड कर दी। पीएचडी के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ को टॉपिक बनाया गया। सबसे खास बात यह है कि इन दोनों की शोध कार्य कराने वाली निर्देशक एक महिला प्रोफेसर हैं। उनका नाम डॉ. ऊषा तिवारी है, वे विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन से संबद्ध सांदीपनि कॉलेज की पूर्व प्राचार्य रही हैं। डिग्री अवार्ड करते समय राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने डॉ ऊषा तिवारी के निर्देशन की जमकर तारीफ भी की है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में पहुंची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने यह दोनों पीएचडी अवॉर्ड की।
3 वर्ष में ही पूर्ण हुआ शोध
उज्जैन जिले की रहने वाली गुंजा अखंड ने शिवराज सिंह चौहान पर पीएचडी पूरी की। उनका विषय ''शिवराज सिंह चौहान का व्यक्तित्व एवं उनके मुख्यमंत्री काल में लागू योजनाओं का विश्लेष्णात्मक अध्ययन (उज्जैन जिले के संदर्भ में)'' था। गुंजा ने 2015 से शोध कार्य प्रारंभ किया था। यह शोध कार्य तीन वर्ष में पूरा हुआ।
शिवराज पर प्रमुख निष्कर्ष
गुंजा के अध्ययन में परिणाम सामने आया है कि 2015 से 2018 के बीच मध्यप्रदेश में चलाई जा रही योजनाओं लाभ ठीक तरीके से लोागों को नहीं मिला। गुंजा ने बताया कि योजनाओं के संचालन में सबसे बड़ी समस्या यह है कि लोगों को जागरुकता की कमी है। सरकार को जागरुकता बढ़ानी होगी ताकि आम जनता को उसका लाभ मिल सके।
विकास पुरुष की भांति हैं कमलनाथ
छिंदवाड़ा जिले के शाहपुरा गांव के दिनेश वर्मा ने कमलनाथ पर अध्ययन किया। उनका विषय ''मप्र की राजनीति में केंद्रीय मंत्री कमलनाथ की भूमिका (छिंदवाड़ा जिले के विशेष संदर्भ में)'' था। दिनेश ने ङ्क्षछदवाड़ा जिले में वर्ष 1980 से 2016 में कमलनाथ के कार्यकाल पर किए गए शोध अध्यययन किया।
कमलनाथ पर प्रमुख निष्कर्ष
दिनेश के अध्ययन में यह निष्कर्ष सामने आया है कि एक राजनेता होने के साथ-साथ कमलनाथ सामाजिक संबंधों के संदर्भ में बेहद परिपक्व नेता हैं। नाथ ने छिंदवाड़ा के विकास कार्यों में आम लोगों को जोड़ा है। वन्य जीवों, आदिवासी विकास, पर्यावरण के प्रति भी कमलनाथ ने सराहनीय कार्य किये हैं।
शोध निर्देशक के बिना कुछ संभव नहीं
शिवराज व कमलनाथ पर पीएचडी करने वाले दिनेश व गुंजा दोनों ने अपनी शोध निर्देश डॉ. ऊषा शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि मैडम ने अध्ययन के दौरान बहुत मदद की और पंजीकरण के 3 महीने में ही यह डिग्री हमें मिल गई। अध्ययन के दौरान विक्रम विश्वविद्यालय के समस्त स्टाफ ने जो मदद की उसे कभी नहीं भुलाया जा सकता।


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