मां के आरोप पर बेटे अजय का चुप रहना...
दीपक राय, समाचार संपादकीय...
मप्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह उर्फ राहुल भैया को फोन किया। उनके पीए ने उन्हें बताया- कोई दीपक राय हैं, बात करना चाहते हैं। आगे की बात अजय ङ्क्षसह से हुई। मैंने पूछा- माता जी ने आप पर आरोप लगाए हैं, कुछ कहना चाहेंगे? आम तौर पर रौबदार भाषा बोलने वाले अजय सिंह बेहद नरम मिजाज भाषा में सिर्फ इतना बोले- मैं कुछ नहीं कहना चाहता। मैंने फोन काट दिया। अजय सिंह भले ही पूर्व मुख्यमंत्री व केंद्रीय कद्दावर मंत्री अर्जुन सिंह के बेटे हों। भले ही वे नेता प्रतिपक्ष हों, लेकिन यहां उनकी चुप्पी जरूरी भी है। आरोप लगाने वाली उनकी मां जो हैं। उनकी 84 वर्षीय मां ने कोर्ट में शिकायत की है कि दोनों बेटे अजय सिंह व अभिमन्यु ने उन्हें घर से निकाल दिया, घरेलू हिंसा की, भरण पोषण नहीं किया। जब एक बेटे पर इतने गंभीर आरोप लगें तो समझदार बेटा चुपचाप रहना ही उचित समझेगा। खैर, मां जी के आरोप की सच्चाई जांच में सामने आ जाएगी, लेकिन यहां यह बताना जरूरी है कि वे अपनी बेटी वीणा सिन्हा के साथ आरोप लगाने आई थीं। वीणा राजनीतिक महात्वाकांक्षी नेत्री हैं। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि भाई, बहनों में संपत्ति का विवाद भी अंदर ही अंदर उबाल मारते रहा है। भोपाल के केरवा डेम के पास स्थित करोड़ों कीमत की कोठी पर भी पारिवारिक विवाद का कारण है। यह भी समझना जरूरी है कि अजय सिंह पर यह आरोप ऐन मौके पर लगाए गए हैं, क्योंकि वे कल ही शिवराज सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले हैं। खैर, यह राजनीति का रंग मंच है। राजनीति में रिश्तों की कोई कीमत नहीं। यह साम, दाम, दंड, भेद का खेल है। इस खेल में जो जीता वहीं सिकंदर...

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