निरोगी काया और बौद्धिक विकास के लिये योग अहम - डॉं. बिसेन
- जनेकृविवि में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस संपंन
- कुलपति के साथ कृषि वैज्ञानिक षिक्षक और छात्रों ने किया योगासन
- योग-प्रोटोकाल का विमोचन: पोस्टर प्रदर्षनी के विजेता छात्र पुरूस्कृत
जबलपुर 21 जून। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय स्थित आंचलिक खेल परिसर में 10 दिवसीय योग षिविर का आयोजन किया गया। इसमें कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन के साथ अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा, कुलसचिव श्री अशोक कुमार इंगले, संचालक विस्तार सेवाएं डॉं. (श्रीमति) ओम गुप्ता, संचालक प्रक्षेत्र डॉं. शरद तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महा. डॉं. आर.एम. साहू, अधिष्ठाता कृषि अभि. महा. डॉं. आर.के. नेमा, अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉं. व्ही.के. प्यासी, सुरक्षा अधिकारी डॉं. वाय.एम. शर्मा, एपीआरओ डॉं. शेखरसिंह बघेल सहित बड़ी संख्या में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं ने योगाभ्यास किया। इस दौरान कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने कहा कि योग भारत के ऋषि-मुनियों की महान देन है। निरोगी काया और बौद्धिक विकास के लिये योग बहुत जरूरी है। योग ऋषि चिन्तन से उभरा एक व्यापक आंदोलन है। जिसमें स्वच्छ शरीर, स्वच्छ मन एवं सभ्य समाज विकसित करना प्रमुख ध्येय है। भारतीय जीवन पद्धति तो हमेषा से शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक स्वास्थ्य का महत्व दर्षाती रही है। आज के चिकित्सा विज्ञानी भी रोगों का कारण शरीर के अलावा मन में खोजने लगे हैं।
अधिष्ठाता एवं योगाचार्य डॉं. राजेन्द्र कुमार नेमा ने तितली आसन, ब्रजासन, शशांकासन, नौकासन, आलोम-विलोम, वक्रासन, भ्रामरी आदि योग क्रियाऐं सम्पन्न करवाईं। कुलपति डॉं. बिसेन ने योगाचार्य डॉं. नेमा को शाल श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया। इस मौके पर डॉं. नेमा रचित योग-प्रोटोकाल का विमोचन किया। योग आधारित पोस्टर प्रदर्षनी के छात्र-छात्राओं को पुरूस्कृत किया गया। 10 जून से 20 जून तक चले 10 दिवसीय योग षिविर का रोजाना संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के प्रभारी डॉं. डी.के. सिंह ने किया। षिविर में कृषि महाविद्यालय, कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय, एन.सी.सी. एवं एन.एस.एस. के छात्रों की भागीदारी रही। समग्र योग दिवस कार्यक्रम की वीडियो रिकार्डिंग व फोटो म.प्र. राजभवन भेजी जायेगी साथ ही भारत सरकार की वेबसाइट में भी अपलोड किया जायेगा।
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