मिलजुल कर ठीक करेंगे देश की माटी की सेहत -डॉं. बिसेन
- जनेकृविवि में पंजाब हरियाणा और राजस्थान के किसान हुये प्रषिक्षित
जबलपुर 18 अप्रैल। जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय की व्यवसाय आयोजना तथा विकास इकाई द्वारा बायोटेक्नालॉजी डेव्लपमेंट एसोसिएशेन ऑफ इंडिया दिल्ली (बीडीएआई) के सहयोग से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कृषि सेवा प्रदायकों एवं प्रगतिशील कृषकों हेतु आयोजित 3 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रमाण-पत्र वितरित करते हुये कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन ने मुख्य अतिथि की आसंदी से कहा कि आजादी के बाद अकेले पंजाब ने उन्नत कृषि से पूरे देश का पेट भरा है। आज रसायनिक खादों के अंधाधुंध प्रयोगों से देश की खासकर पंजाब और हरियाणा की खेतों की मिट्टी को जबरदस्त नुकसान पहॅंुचा है। इसका असर मानव स्वास्थ्य पर भी पड़ा और केंसर, बीपी, मधुमेह जैसी बिमारियों में इजाफा हुआ। हम कृषि वैज्ञानिक और किसानों को मिलजुल कर देश की माटी की सेहत सुधारना होगी। इसके लिये जैविक खेती को बढ़ावा देना पडेगा। जनेकृविवि के पास जैविक खेती की सम्पूर्ण तकनीक उपलब्ध है।
समारोह के अध्यक्ष संचालक अनुसंधान सेवाएं एवं संचालक शिक्षण डॉं. धीरेन्द खरे एवं विशेष अतिथि अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉ. पी.के. मिश्रा ने खुलासा किया कि मध्यप्रदेश की मिट्टी बहुत अच्छी और उपजाऊ है। बढ़ती सिंचाई सुविधओं से पैदावार में बढ़ौत्री हो रही है। सोयाबीन से प्रदेश में खुशहाली आई है। जनेकृविवि द्वारा विकसित सोयाबीन की किस्में देशभर में ऊगाई जाती हैं। विश्व का 25ः चना हमारा मध्यप्रदेश ऊगाता है। अब हम दलहनी फसलों में भी तरक्की कर रहे हैं। सड़क मार्ग से नगर पहॅंुचे, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लगभग 50 किसानों ने जनेकृविवि के विभिन्न प्रक्षेत्रों और आधुनिक प्रयोगशालाओं एवं मेडिसनल गार्डन आदि का भ्रमण किया। इनमें महिलाएं एवं पंजाबी दैनिक समाचार पत्र अजीत, पंजाब के वरिष्ठ पत्रकार बलदेव सिंह बंदेश गुरद्वारापुर एवं जादविंदर सिंह जोगीपुर पटियाला भी शामिल रहे।
पंजाब और हरियाणा के समन्वयक एवं चेयरमेन परमिन्दर सिंह ने कुलपति डॉं. पी.के. बिसेन को शाल एवं श्रीफल से सम्मानित करते हुये प्रशिक्षुकों का आव्हान किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अर्जित ज्ञान का प्रचार-प्रसार कृषक और देशहित में करें। निदेशक कृषि व्यवसाय एवं प्रशिक्षण प्रभारी डॉं. एस.बी. नहातकर ने प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण निरूपित किया और बताया कि देश के समग्र प्रदेशों के कृषक, व्यवसायी और एन.जी.ओ. को जनेकृविवि प्रशिक्षित करेगा। अगले चरण में कर्नाटक के किसान यहां प्रशिक्षण हेतु आयेंगे। कार्यक्रम का संचालन दीपक पाल एवं आभार प्रदर्शन कु. लवीना शर्मा ने किया। श्री जय वर्मा का विशेष योगदान रहा।
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