संवाद की सबसे लोकप्रिय भाषा है हिन्दी : अजय कुमार
- ग्रामोदय विश्वविद्यालय में विद्वानों के बीच मनाया गया हिंदी पत्रकारिता दिवस
चित्रकूट। हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर बुधवार को महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में स्थित जनसम्र्पक कार्यालय में हिंदी पत्रकारिता के अतीत और भविष्य की संभावनाओं पर विचार विमर्श हुआ। इस अवसर पर सूचना प्रौद्यौगिकी,हिंदी भाषा,पत्रकारिता एंव जनसंचार,साहित्य, राजनीत विज्ञान, अभियंात्रिकी तथा प्रशासनिक विद्वानों ने अपने विचार व्यक्त किए। विद्वानों की आमराय रही की हिंदी हमारे संवाद की सबसे लोक प्रिय भाषा है। हिंदी भाषा के माध्यम से की जाने वाली पत्रकारिता ही वास्तविक जन पत्रकारिता है। हमें इसको बढावा देना चाहिए। आवश्यक तकनीक का सहारा हिंदी पत्रकारिता को शीर्ष स्थान दिला सकता है। कार्यक्रम का उद्द्याटन करते हुए कुलसचिव डॉ. अजय कुमार ने कहॉ कि प्रमुख दिवसों पर सम्पन्न होने वाले ऐसे आयोजनों का शिक्षण संस्थानों में विशेष महत्व है। उन्होंने कहा की प्रशन्नता की बात है कि यह आयोजन परास्नातक पत्रकारिता एंव जनसंचार के विद्यार्थी तरुण चतुर्वेदी एंव कम्प्यूटर साइंस के विद्यार्थी अमित शर्मा ने संयुक्त रूप से मिलकर किया। अन्य विद्यार्थीयों के लिए यह प्रेरणादायी प्रयास है। आयोजन की अध्यक्षता हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. कुसुम सिंह,उपकुलसचिव अकादमी ने की। मुख्य अतिथि केन्द्रीय परीक्षा नियंत्रक डॉ. नीलम चौरे रही। केन्द्रीय मूल्यांकन अधिकारी डॉ. ललित कुमार मुख्य वक्ता रहे। विज्ञान एंव पर्यावरण के अधिष्ठाता प्रो. आई.पी.त्रिपाठी एंव प्रौद्यौगकी एंव अभियांत्रिकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. आंनजनेय पाण्डेय,चीफ प्रावक्टर आयोजन के संरक्षक रहे। पत्रकारिता एंव जनसंचार के विद्यार्थी तरूण चतुर्वेदी ने प्रतिनिधि विद्यार्थी का व्याख्यान प्रस्तुत किया। विचार विमर्श के दौरान दिव्यांग विश्वविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. कुमार प्रद्यौत द्वुबे, ग्रामोदय विश्वविद्यालय के विधि अधिकारी डॉ. अभय कुमार वर्मा,पं.दीन दयाल उपाध्याय कौशल शिक्षा महाविद्यालय के प्राचार्य इंजी. राजेश सिन्हा,सुसील कुमार मिश्रा,संजय त्रिपाठी,राजेन्द्र तिवारी,रमेश गुप्ता, राजेन्द्र त्रिवेदी, कमलेश कुमार आदि ने भी अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए। आभार प्रर्दशन साइंस के छात्र अमित शर्मा ने किया। धमेन्द्र और चन्द्र शेखर यादव ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।



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