नोटबंदी से देश को डेढ़ लाख करोड़ का नुकसान
पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का आरोप- चीन को हुआ फायदा
अहमदाबाद/सूरत, ईएमएस। नोटबंदी से नोटबंदी और जीएसटी के कारण अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हुई है, जिसकी वजह से उसे डेढ़ लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। नोटबंदी से चीन को फायदा हुआ है क्योंकि 2016-17 की पहली छमाही में वहां से आयात में अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नोटबंदी के बाद लागू किए गए जीएसटी जैसे कदम से व्यापारी वर्ग की कमर टूट गई है और इससे 'टैक्स टेररिज्मÓ का दौर शुरू हो गया है। यह बातें पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक चुनावी रैली में कहीं। वे गुजरात के सूरत में एक रैली को संबोधित कर रहे थे। सिंह ने कहा कि मैं कालेधन के खिलाफ प्रतिबद्धता जताने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाम करता हूं, लेकिन नोटबंदी का इस्तेमाल कालेधन को सफेद करने के लिए किया गया है। इससे न तो कालेधन पर लगाम लगी है और न ही जाली करंसी के कारोबार पर। अगर इससे किसी का फायदा हुआ है तो वह है चीन।
सिंह ने कहा कि 8 नंवबर भारतीय अर्थव्यवस्था और प्रजातंत्र में काला दिन के रूप में याद किया जाएगा। देश कभी नहीं भूल सकेगा कि नोटबंदी के दौरान लाइन में लगने से करीब सौ से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी थी।
सरदार सरोवर की शिला नेहरू ने रखी
सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस हमेशा से ही किसानों की हितैषी रही है। किसानों को फायदा पहुंचाने वाले सरदार सरोवर बांध की आधारशिला देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ही रखी थी।
एक परिवार के प्रति निष्ठा रखते हैं मनमोहन
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- नोटबंदी मामले में मनमोहन सिंह असहाय नजर आ रहे हैं। सिर्फ एक परिवार के प्रति निष्ठा दिखाने के लिए मनमोहन सिंह गलत प्रचार प्रसार कर रहे हैं। प्रधान ने आगे कहा कि जीडीपी के आंकड़ें आ चुके हैं और वो आंकड़ें उनके सारे सवालों का जबाव देने के लिए काफी हैं।
राहुल बोले- छात्रों पर बोझ बन रही महंगी फीस
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुजरात के सरकारी शिक्षण संस्थानों में छात्रों से ज्यादा फीस वसूलने को लेकर सवाल किया। राहुल ने गुजरात विधानसभा चुनाव होने मोदी से हर रोज एक सवाल पूछने के अपने वादे के तहत कहा, 22 सालों का हिसाब, गुजरात मांगे जवाब। गुजरात के हालात पर प्रधानमंत्री जी चौथा सवाल। राहुल ने मोदी पर शिक्षा जैसे नेक पेशे को गुजरात के सरकारी स्कूलों और कॉलेजों में व्यवसाय के रूप में बदलने का आरोप लगाया। न्यू इंडिया का सपना कैसे साकार होगा? उन्होंने आगे कहा, जब बात शिक्षा में निवेश की आती है तो गुजरात 26वें स्थान पर क्यों है? हमारे युवाओं ने क्या गलती की है? राहुल ने गुजरात चुनाव होने तक हर रोज मोदी से एक सवाल पूछे जाने की रणनीति के तहत यह सवाल पूछा।
जब हिंदुत्व की असली पार्टी मौजूद तो नकली को क्यों चुने जनता : भाजपा
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सूरत में मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।जेटली ने गुजरात चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि इसको जीतना भाजपा के लिए काफी जरूरी है क्योंकि राज्य में बीस साल से वह जीत रहे हैं और काम कर रहे हैं। जेटली ने कहा कि भाजपा को हमेशा से हिंदू समर्थक पार्टी के रूप में देखा जाता है, तो ऐसे में जब असली मौजूद है तो लोग क्लोन पर क्यों विश्वास करेंगे। जेटली ने आगे कहा कि 80 के दशक में गुजरात में जमकर सामाजिक ध्रुवीकरण किया जा रहा था जिसको भाजपा ने सरकार में आने के बाद कम करने की पूरी कोशिश की और आगे भी की जा रही है। ईज ऑफ डूइिंग में भारत की रैंकिंग सुधरने का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि एक वक्त ऐसा आ गया था कि भारत में विदेशी कंपनियां निवेश नहीं करना चाहती थीं, लेकिन अब सब बदल रहा है।
भाजपा का अंग बन गया है आयोग : हार्दिक
पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल ने चुनाव आयोग पर सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने बगैर इजाजत चुनावी जनसभा करने के आरोप में खुद के खिलाफ दर्ज हुई एफआईआर के बाद यह आरोप लगाया। उन्होंने कहा, राजकोट की सभा के बाद चुनाव आयोग ने मुझ पर एफआईआर दर्ज की है।
अखिलेश बोली- बैलेट पेपर से हराकर दिखाये भाजपा
लखनऊ। यूपी के नगर निगमों में 46 फीसदी सीटें जीतने वाली बीजेपी को नगर पालिका और नगर पंचायत में 15 फीसदी सीटों पर ही जीत मिली है। खास बात ये है कि नगर निगम में जहां ईवीएम से वोटिंग हुई थी वहीं, नगर पंचायत और पालिका में वोटिंग के लिए मतपत्रों का इस्तेमाल किया गया था। बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने बीजेपी को घेरते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने ईवीएम से छेड़छाड़ की थी।
निर्दलीय उम्मीदवार को खुद का वोट ही नहीं मिला
सहारनपुर। सहारनपुर के नूरबस्ती की निर्दलीय उम्मीदवार शबाना ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा, मैंने और मेरे पति ने जो वोट डाला था, मुझे तो वह भी नहीं मिले? मुझे एक भी वोट नहीं मिला इसका मतलब यह है कि ईवीएम से छेड़छाड़ की गई थी। वार्ड के जिन दो बूथों पर शबाना को एक भी वोट नहीं मिला, उनमें वह बूथ भी शामिल हैं, जिस पर शबाना, उनके पति और परिवार ने वोट दिया था। जबकि अन्य बूथों पर शबाना को इक्का-दुक्का वोट मिले हैं। शबाना के पति ने भी ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा कि मैंने जो वोट दिया, वह कहां गया?
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