गुजरात में नहीं उखाड़ पाये कमल हिमाचल भी पंजे से छिना
दीपक राय, भोपाल...
- गुजरात में छठी बार भाजपा सरकार
- राहुल ने मोदी को 99 के फेर में फंसाया, 16 सीटें बढ़ाईं, लेकिन हिमाचल में सरकार के साथ ही गंवा दी 15 सीटें
गुजरात : 182 सीटें
पार्टी सीटें 2012
भाजपा 99 115
कांग्रेस 77 61
एनसीपी 01 01
बीटीपी 02 00
निर्दलीय 03 05
हिमाचल : 68 सीटें
पार्टी सीटें 2012
भाजपा 44 26
कांग्रेस 21 36
सीपीआई(एम) 01 00
निर्दलीय 01 06
दो राज्यों के विधानसभा चुनाव के परिणाम सोमवार को आये। गुजरात में जहां भाजपा अपने गढ़ बचाने में कामयाब रही। वहीं, हिमाचल को प्रदेश को कांग्रेस के पंजे से छीन लिया। गुजरात में भाजपा लगातार छठी बार सरकार बनाएगी, जबकि हिमाचल प्रदेश में भी भाजपा सरकार बनेगी। हालांकि दोनों ही राज्यों में अलग-अलग राजनीतिक समीकरण सामने आये। गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीटों में से भाजपा को 99, कांग्रेस को 77 और अन्य को 6 सीटें हासिल हुई हैं। 2012 के चुनावों में भाजपा ने 115, कांग्रेस ने 61 व अन्य ने 6 सीटें हासिल की थीं।
इधर, हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने कमल खिलाया है। कुल 68 सीटों में से भाजपा ने 44 सीटें कांग्रेस ने 21 सीटें व अन्य ने 3 सीटें हासिल की हैं। वर्ष 2012 के चुनावों में भाजपा को 26 सीटें, कांग्रेस को 36 सीटें व अन्य को 06 सीटें हासिल हुई थीं। इस लिहाज से यहां पर भाजपा ने 18 सीटें बढ़ाई हैं, जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस ने 15 सीटें गंवा दी।
यह चुनाव राजनीतिक गलियारों को सबसे महत्वपूर्ण चुनाव माने जा रहे थे क्योंकि 2018 में 8 राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, कर्नाटक, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम त्रिपुरा में चुनाव होने हैं। इसके साथ ही 2019 में आम चुनाव होंगे। गुजरात चुनावों पर पूरे देश की नजरें टिकी थीं क्योंकि यहां दो खास बातें थीं। एक- राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य है। मोदी 2001 से गुजरात के लगातार दो बार मुख्यमंत्री रहे और उनका कार्यकाल 12 साल 6 महीने रहा। इसके बाद 2014 में वे प्रधानमंत्री बन गए। दूसरी- गुजरात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह का भी गृहराज्य है। ऐसे में गुजरात का गढ़ बचा पाना भाजपा की बड़ी उपलब्धि है। चुनावी नतीजों में एक बात और स्पष्ट तौर पर सामने आई है। कांग्रेस ने मोदी के गढ़ में जबरदस्त बढ़त हासिल की है। राहुल गांधी के आक्रामक नेतृत्व के बूते पार्टी ने 19 सीटें भाजपा से छीन ली।
2014 के लोकसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस मुक्त भारत का नारा दिया था। मोदी प्रचंड बहुमत से जीते थे। इसके बाद 04 साल के दौरान भाजपा ने कांग्रेस से 08 राज्य छीन लिये। इस बार कांग्रेस के हाथों से हिमाचल की सत्ता को छीनकर भाजपा ने कांग्रेस मुक्त भारत के नारे की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ाया है।
19 राज्यों में भाजपा+ की सरकार
अब भाजपा ने स्वतंत्र रूप से 14 राज्यों को अपने कब्जे में ले लिया है, जबकि भाजपा गठबंधन (एनडीए) सहित 19 राज्यों में सरकार बना ली है। वर्तमान समय में भाजपा के हाथों में अरुणाचल प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, मणिपुर, महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मणिपुर और गुजरात में भाजपा अपने दम पर सत्ता में है। अब हिमाचल में भी सरकार बना ली। इसके साथ ही बाकि पांच राज्यों में गठबंधन की सरकार है। इनमें बिहार, आंध्र प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, सिक्किम और नागालैंड शामिल हैं।
सिर्फ 02 बड़े राज्यों में कांग्रेस
कांग्रेस के पास सिर्फ दो बड़े राज्य हैं। कर्नाटक और पंजाब महज ये दो बड़े राज्य हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर के मेघालय और मिजोरम राज्य हैं, जहां कांग्रेस की सरकार है।
- गुजरात -भाजपा ने गंवाई 16 सीटें
- कांग्रेस ने बढ़ाई 16 सीटें
- हिमाचल - भाजपा ने बढ़ाई 18 सीटें
- कांग्रेस ने गंवाई 15 सीटें
15 मिनट में गिरा 800 अंक बाजार
गुजरात चुनाव में रूझान की घोषणा के साथ ही शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। लगभग एक घंटे तक कांग्रेस को 88 और भाजपा को 82 सीटों के रूझान से बाजार में 800 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
भाजपा को पसंद कीजिए या मत कीजिए, विकास को पटरी से मत उतारिए : मोदी
30 साल पहले गुजरात में जातिवाद का बीज बोया गया था जिसे खत्म करते करते हमारे जैसे लाखों कार्यकर्ता खप गए, लेकिन अब हमने उसे पराजित कर दिया है। गुजरात की जनता ने जातिवाद के नासूर को अस्वीकार कर दिया है। भारत को अगर आगे जाना है तो भारत को विकास की नई चुनौतियों को चुनना ही होगा। पहले उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव के समय कहा जा रहा था कि जीएसटी के कारण उत्तर प्रदेश में सब ठप्प हो जाएगा। गुजरात चुनाव में भी यही कहा जा रहा था। लेकिन जनता विकास को चुन रही है।
हम उनसे अलग हैं, हमने गुस्से के खिलाफ सम्मान से लड़ाई लड़ी : राहुल
कांग्रेस पार्टी जनता के निर्णय को स्वीकार करती है और दोनों राज्यों में नई सरकारों को बधाई देती है। कांग्रेस के मेरे भाइयों और बहनों आपने मुझे बहुत गौरवान्वित किया है। आप उनसे अलग हैं, जिनके खिलाफ लड़े। आपने गुस्से के खिलाफ सम्मान से लड़ाई लड़ी। आपने यह दिखाया है कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत शालीनता और साहस है। हमें अपने मिशन के साथ ही शांति के साथ आगे जाना है। हम किसी को भला बुरा कहकर राजनीति नहीं करते।
यह वंशवाद, जातिवाद और तुष्टकिरण पर विकासवाद की जीत है : अमित शाह
यह वंशवाद, जातिवाद और तुष्टकिरण के खिलाफ विकासवाद की जीत है। बीजेपी इन दोनों राज्यों में सरकार बनाने जा रही है। इस जीत के साथ देश में कुल मिलाकर 19 राज्यों में भाजपा और सहयोगी दलों की सरकार होगी। 14 राज्यों में बीजेपी की सरकार होगी, जबकि 5 राज्यों में एनडीए की सरकार है। इस जीत ने यह साबित कर दिया कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों और गरीबों के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों का समर्थन करती है। देश की जनता ने मोदी जी की विकास यात्रा में विश्वास जताया है।
शहरी क्षेत्रों में कमजोर पड़ी कांग्रेस : कमलनाथ
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमल नाथ ने गुजरात चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन पर कहा कि शहरी क्षेत्रों में पार्टी का संगठन कमजोर पड़ा है। कमल नाथ ने संसद भवन परिसर में कहा कि चुनाव परिणाम में अगर अभी तक कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं दिख रहा है, तो झटका भाजपा को भी लगा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के गढ़ में भाजपा की सीटें कम हुई हैं। कांग्रेस ने जीत का दावा किया था, जबकि भाजपा ने 150 सीटें जीतने का दावा किया था। यह राहुल गांधी की बड़ी उपलब्धि है।
पीएम का कठोर परिश्रम का परिणाम : तोमर
यह जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चमत्कारी व्यक्तिव, उनकी गरीबोन्मुखी योजनाओं, पारदर्शिता और ईमानदारी के लिए कठोर संकल्प को जनता का समर्थन है यह कहना हैं केन्द्रीय ग्रामीण विकास, पचायती राज एवं खान मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर का। तोमर ने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की कुशल रणनीति और घनघोर परिश्रम का परिणाम है।


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