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कुलपति गौतम बने आईसीएआर के सदस्य




दीपक राय/ तरुण चतुर्वेदी, चित्रकूट...
शिक्षा व शोध के क्षेत्र में अग्रणी संस्था इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिर्सच (आईसीएआ) पूसा, नई दिल्ली ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति नरेश चंद्र गौतम को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। संस्था की नवगठित उच्च स्तरीय परिषद में आई.सी.ए.आर. मॉडल एक्ट फॉर हायर एग्रीकल्चर इस्टीटयूशन्स इन इंडिया में गौतम को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। इसके बाद से महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय में खुशियां फैल गई है। गौरतलब है कि नरेश चंद्र गौतम पिछले ही महीने विश्वविद्यालय के दूसरी बार कुलपति बने हैं।  विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों, ने इस के लिए प्रो. गौतम को बधाईयां दी हैं। स्थानीय प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि कुलपति प्रो. नरेश चन्द्र गौतम ग्रामोदय कैम्पस को राष्ट्रऋ षि नानाजी देशमुख की भावनाओं और उनकी दूरदर्शिता के अनुरूप बनाया जा रहा है। नानाजी के स्वप्नों पर आधारित देश का पहला ग्रामीण विश्वविद्यालय इस समय उच्च शिक्षा के शिखर में तेजी के साथ  बढने में अग्रसर है।इसका श्रेय कुलपति प्रो.नरेश चन्द्र गौतम के रचनात्मक और सकारत्मक विचार धारा को जाता है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत संस्था नैक बंगलौर ने अपने पहले ही परीक्षण में ही  ग्रामोदय विश्वविद्यालय केा ए ग्रेड का अधिकारिक दर्जा दिया। कौशल विकास के क्षेत्र में स्नातक , परास्नातक स्तर  के व्यवसायिक पाठयक्रमों का संचालन केन्द्र और राज्य सरकार के कौशल विकास मिशन के लिए सार्थक साबित हो रहा है। मध्य प्रदेश के दूरदराज में रहने वाले युवक और युवतियों में समुदायिक नेतृत्व क्षमता के लिये म.प्र. के मुख्य मंत्री द्वारा सी.एम.सी.एल.डी.पी. कार्यक्रम के अन्र्तगत विश्व स्तरीय तकनीकी का प्रयोग कर शिक्षित और प्रशिक्षित कर रहा है। यह सब कुछ कुलपति प्रो. गौतम के बैद्धिक श्रम और अनुभव के परिश्रम के रूप में देखा जा रहा है। कुलपति प्रो. गौतम के प्रयास की ही देन है कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय का कैम्पस सदा हरा भरा रहता है ।  धूम्रपान एंव तम्बाखू निषिध  घोषित किया गया है। विश्व में अपनायी गई योग पद्धति के प्रति लोगो को साक्षर, जागरूक, शिक्षित, प्रशिक्षित करने के लिए योग  के प्रभावी पाठयक्रम को संचालित किया जाता है। सरकार द्वारा  भ्रष्टाचार को रोकने की दृष्टि से संचालित जे.एस.टी. कार्यक्रम के प्रति जागृति और शिक्षित करने के लिए जी.एस.टी. से संबधित पाठयक्रम का संचालन कुलपति प्रो. गौतम कि सूझबूझ और अनुभवों की परिणाम  है। नानाजी के आर्दश प्रोजेक्ट  राम दर्शन  के ठीक सामने स्थित ग्रामोदय विश्वविद्यालय कैम्पस में ग्राम दर्शन  संकल्पना को विकसित करना  प्राथमिकताओं में है। कृषि संकाय का उच्चीकरण कर राष्ट्रऋषि नानाजी की स्मृति में पृथक कृषि विश्वविद्यालय बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। कृषि परिसर में नानाजी द्वार का निर्माण इस दिशा में एक कदम है।  आई.सी.ए.आर. के अधिकारियों और केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार ने  इस हेतु सहयोग का आश्वासन दिया है। नए नए कार्यक्रमों, परियोजनाओ के प्रति उत्साहित और समर्पित  कुलपति प्रों. गौतम ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय में विभिन्न कार्यक्रमों को अभियान के रूप में अंगीकार कर ग्रामोदय विश्वविद्यालय को अन्र्तराष्टीय क्षितिज में पहुचाने का प्रयास किया है। इन्ही समस्त गतिविधियों के संचालन से प्रभावित शासन प्रशासन का पूरा सहयोग विश्वविद्यालय को मिल रहा है। मघ्य प्रदेश के महामहिम राज्यपाल एंव कुलाधिपति ने विगत माह कुलपति प्रो. गौतम को चार वर्ष की अवधि के लिए पुन: कुलपति नियुक्त किया है। अगली कडी के रूप में कृषि शिक्षा एंव अनुसंधान की उच्च स्तरीय संस्था इंडियन कौन्सिल ऑफ एग्रीकल्चर र्रिसर्च ने प्रो. गौतम को कृषि  शिक्षा एंव अनुसंधान के गुणवत्ता नियंत्रण संबधी गठित कौन्सिल में नामित करते हुए कृषि विश्वविद्यालयों, शेाध शिक्षा संस्थानों के लिए आवश्यक मानक तैयार करने वाली उच्च स्तरीय कौउन्सिल में महत्वपूर्ण दायित्व सौपा गया है।  

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