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बिजली कंपनी की गलती का किसानों को दंड


-किसानों को बिजली-ट्रांसफार्मर के मामले पर विधानसभा में कांग्रेस का हंगामा
- मंत्री जैन बोले- सुधारने का नहीं, सुपरविजन के लेते हैं चार्ज
-टांसफार्मर को लेकर दोहरी नीति अपनाने का विपक्ष ने लगाया आरोप

भोपाल
। मध्य प्रदेश में किसानों से बिजली के नाम पर लूट की जा रही है। ट्रांसफार्मर जलने व खराब होने पर बिजली विभाग किसानों से जार्च वसूलता है। इस मामले पर प्रश्नोत्तरकाल के दौरान कांग्रेस ने मंगलवार को विधानसभा में हंगामा मचाया। दरअसल, प्रदेश सरकार द्वारा स्वयं का ट्रांसफर्मर (ओवायटी) योजना के तहत कनेक्शन मिलता है, लेकिन बिजली विभाग के अफसर कम क्षमता के ट्रांसफार्मर में अधिक कनेक्शन दे देते हैंं, जिससे ट्रांसफार्मर जल जाता है। इसके बाद किसानों से विभाग सुधार के लिए 3 प्रतिशत जार्च वसूलता है।
विधायक सत्यपाल सिंह सिकरवार ने इस मामले पर विधानसभा से प्रश्न पूछा था। इसका जवाब देते हुए विधानसभा में उर्जा मंत्री पारसचंद्र जैन ने बताया कि किसानों से टांसफार्मर सुधारने या बदलने के लिए नहीं, बल्कि किसानों से सुपरविजन का चार्ज लिया जाता है। जैन ने बताया कि किसानों को स्थाई पंप कनेक्शन प्रदान करने के लिए राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना लागू की गई है, जिसमें किसान को निर्धारित अंश राशि का भुगतान करना पड़ता है। मुख्यमंत्री स्थाई पंप कनेक्शन योजना में वितरण टांसफार्मर  की क्षमता के अनुसार एक से अधिक कनेक्शन प्रदान किए जाते है, जबकि स्वयं का ट्रांसफार्मर योजना में ऐसे किसानों द्वारा कनेक्शन लिया जाता है जो कि उस ट्रांसफार्मर से किस अन्य उपभोक्ता को कनेक्शन सांझा नहीं करते है। अत: इस योजना में कियान स्वयं का ट्रांसफार्मर क्रय का स्थापित करवाते हैं। जवाब से असंतुष्ट मूल प्रश्नकर्ता सदस्य सत्यपाल सिंह सिकरवार ने आरोप लगाया कि सरकार दोहरी नीति अपना रही है। कंपनी द्वारा किसानों के खराब ट्रांसफार्मर बदले जाने चाहिए। कैलाश चावला और ओमप्रकाश सखलेचा ने भी इसी मामले में ऊर्जा मंत्री को घेरा था। सखलेचा ट्रांसफार्मर जलाने पर एई को जिम्मेदार बनाने की मांग ऊर्जा मंत्री से कर रहे थे।

नेता प्रतिपक्ष बोले- 2018 में सरकार को लगेगा करंट, 2003 में हमें लग चुका
किसानों से ट्रांसफार्मर के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा- अगर यहां (विधानसभा) में बैठकर गलत जानकारी देते रहे तो सरकार को 2018 में जरूर करेंट लगेगा। सिंह बोले- हम (कांग्रेस) 2003 से भुगत रहे हैं, इसीलिए बता रहे हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों को लूट रही है, टांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं।


सिहोरा विधायक नंदनी ने किया सवाल
राज्यमंत्री ने माना नहरों के लिए जल स्तर पर्याप्त नहीं
इस वर्ष पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण जल संसाधन विभाग के बरनू और मड़ई जलाशय में जल स्तर पर्याप्त नहीं होने के कारण इनसे निकली हुई नहर से सिंचाई हेतु पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। यह लिखित जवाब राज्यमंत्री (नर्मदा घाटी विकास) लालसिंह आर्य ने विधानसभा में सिहोरा विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई हेतु नहर से जल अप्राप्त होने संबंधी सवाल पर दिया। सिहोरा से भाजपा विधायक श्रीमती नंदनी मरावी ने सवाल किया था कि क्या सिहोरा विधानसभा क्षेत्रांतर्गत सिहोरा विकासखण्ड के बरनू जलाशय एवं मढ़ई जलाशय में जल स्तर पर्याप्त न होने के कारण इनसे निकली हुई नहर एरिया में आने वाली जमीन में पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है? पार्टी विधायक के सवाल का जवाब देते हुए राज्यमंत्री आर्य ने विधानसभा को बताया कि इस वर्ष पर्याप्त वर्षा नहीं होने के कारण बरनू एवं मढ़ई जलाशय में जल स्तर पर्याप्त नहीं होने के कारण, इनसे निकली हुई नहर से सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसी से संबंधित अन्य सवाल के जवाब में मंत्री आर्य ने बताया कि बरगी परियोजना के बुधवा माईनर के प्रस्तावित कमाण्ड में पूर्व से ही बरनू जलाशय एवं मढ़ई जलाशय की कमाण्ड ओवरलेप होने से बुधवा माईनर का निर्माण प्रस्तावित नहीं है, तथापि प्रस्ताव का पुन: परीक्षण किया जा रहा है। गौरतलब है कि विधायक श्रीमती मरावी ने सवाल के तौर पर आशंका जाहिर की है कि कम वर्षा होने के कारण रबी की फसल यदि नहरों से पानी प्रदाय नहीं होता तो किसानों के खेत में फसल होना नामुमकिन है।

तरुण भनोत का दर्द उभरा
विधायकों के पत्रों का जवाब नहीं देते अफसर
प्रश्नोत्तरकाल के दौरान जबलपुर पश्चिम से कांग्रेस विधायक तरुण भनोत का दर्द उभरकर सामने आया। भनोत ने बताया कि उन्होंने जबलपुर जिला कलेक्टर को तथा अन्य अधिकारियों को कई पत्र लिखे लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में आदिवासियों के लिए मंगल भवन नहीं बन रहा है, आदिवासी समाज परेशान है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं देते है। विधायक के प्रश्न के उत्तर में स्कूल शिक्षा मंत्री विजय शाह ने जानकारी दी कि अधिकारी सारे पत्रों के जवाब दे रहे हैं, कोई स्पेशिक पत्र हो तो बताएं जवाब दिलवा देंगे। जवाब सुनकर विधायक ने कहा कि विधानसभा में गलत जानकारी दी जा रही है, उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है। विधायक ने गलत जानकारी देने वाले अधिकारियों को संस्पेंड करने की मांग की, जिसे सरकार ने अनसुना कर दिया। तभी आसंदी से सरकार को निर्देशित किया गया कि सरकार यह सुनिश्चित करें कि दुबारा से ऐसा ना हो।

शैलेंद्र पटेल का सवाल
क्या कुर्सी जाने के डर से इच्छावर नही जाते शिवराज
विधानसभा में प्रश्नोत्तरकाल के दौरान उस समय अजीबोगरीब स्थिति निर्मित हो गई जब कांग्रेस विधायक शैलेन्द्र प्रटेल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगा दिए। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी जाने के डर से उनके ही विधानसभा क्षेत्र इच्छावर अभी तक नहीं पहुंचे हैं। विधायक के प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्तमंत्री जयंत मलैया ने कहा कि यह सब बेकार की बाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे जिले में भी पथरिया है, जिसके बारे में भी ऐसा ही कहा जाता है यहां जाने से कुर्सी चली जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री चार बार होकर आ चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि सीएम इच्छावर में भी अंत्योदय मेले में गए थे। विधायक ने कहा कि सीएम इच्छावर मुख्यालय अभी तक नहीं गए है, गांव में गए हैं। उन्होंने पुन: सवाल किया कि सीएम कब तक इच्छावर आएंगे।

बासौदा में खुलेंगे नए 25 टेककेयर सेंटर
महिला एवं बाल विकास मंत्री अर्चना चिटनीस ने घोषणा की कि बासौदा क्षेत्र में 25 टेककेयर सेंटर खोले जाएंगे ताकि कुपोषित शिशुओं की बेहतर तरीके से देखभाल की जा सके। प्रश्नोत्तरकाल के दौरान उन्होंने कहा कि कुपोषण की समस्या पर पूर्णत: निदान तो कोई भी नहीं कर सकता, लेकिन इस समस्या से निपटने और बेहतर तरीके से प्रयास किए जाएंगे। मूल प्रश्नकर्ता विधायक निशंक कुमार जैन के प्रश्न के उत्तर में मंत्री जी जानकारी दी कि हमारे विभाग द्वारा कुपोषण पर नियंत्रण के लिए मुस्तैदी से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन गांवों में आंगनबाडी भवन नहीं है वहां भवन बनवाए जाएंगे।


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