मोदी मंत्रिमंडल से होगी बुजुर्ग मंत्रियों की छुट्टी, फरेबदल कल
- मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल आज या कल
- तीसरा फेरबदल : युवा और अच्छा काम कर रहे सांसदों को बनाया जा सकता है मंत्री
- उम्रदराज मंत्रियों को राज्यपाल बनाकर भेजा जायेगा
- राज्यपाल के छह पद खाली हैं वर्तमान में
- 6 राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति उम्रदराज मंत्रियों में से करेंगे
- पूर्व शहरी आवास मंत्री केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू उपराष्ट्रपति चुने गए हैं
- नायडू के शहरी विकास और आवास तथा गरीबी उन्मूलन मंत्रालय को ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को सौंपा गया है, जबकि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी को मिला है
- तोमर और ईरानी के साथ-साथ वित्त मंत्री अरुण जेटली और विज्ञान एवं तकनीकी मंत्री हर्षवर्धन को भी कई मंत्रालयों का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है
- हर्षवर्धन को अनिल माधव दवे के निधन के बाद पर्यावरण मंत्रालय सौंपा गया था
- कर्नाटक में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने हैं, वहां का प्रतिनिधित्व मंत्रिमंडल में बढ़ाया जा सकता है
योगेश भारद्वाज, नई दिल्ली। सरकार और संगठन के स्तर पर कई दिनों से जारी माथापच्ची के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट में बदलाव करने वाले हैं। शुक्रवार या शनिवार को यह बदलाव सामने आ जायेगा। तीन साल की मोदी सरकार के कार्यकाल का ये तीसरा मंत्रिमंडल फेरबदल होगा। इसे लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और आरएसएस के बीच लगातार मंथन हुआ है.गुरुवार शाम को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के घर 8 केंद्रीय मंत्री हाजिरी लगाने पहुंचे। इनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली भी शामिल रहे। गौरतलब है कि पूर्व रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर को गोवा के मुख्यमंत्री बनाने के बाद से जेटली ही रक्षामंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। शाह के घर से वापस लौटे जेटली ने कहा कि उन्हें बहुत ज्यादा दिन तक वित्त और रक्षा दोनों मंत्रालय संभाले रखने की उम्मीद नहीं है। मैं ज्यादा दिन रक्षा मंत्री नहीं रहूंगा। इसका फैसला सरकार करेगी। सूत्रों के मुताबिक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को बड़ी भूमिका दी जा सकती है, उन्हें रेलमंत्रालय दिया जायेगा। राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि मोदी मंत्रीमंडल में फेरबदल एक या दो सितंबर को हो सकता है, क्योंकि रामनाथ कोविंद विदेश दौरे से लौट आए हैं। वहीं, तीन से पांच सितंबर तक नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन में रहेंगे।
अच्छा परिणाम देने वालों को ईनाम
अच्छा परिणाम देने वाले मंत्रियों पर मोदी-शाह दांव खेल सकते हैं। ताकि सरकार के बचे दो साल में ज्यादा से ज्यादा काम को अंजाम दिया जा सके।
तमिलनाडु को बड़ा जिम्मा
तमिलनाडु की एआईएडीएमके भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए का हिस्सा बन सकती है और उसे केंद्रीय मंत्रिमंडल में एक कैबिनेट मंत्री सहित तीन सीटें ऑफर की जा सकती हैं।
बिहार को मौका
जनता दल यूनाइटेड ने भी एनडीए में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। उसे दो मंत्रीपद मिल सकते हैं। चूंकि ये दोनों मंत्री बिहार के होंगे, इसलिए इस राज्य के दूसरे मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
वरिष्ठ मंत्रियों को छुट्टी तय
एनडीए के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों को राज्यपाल बनाकर भेजा जायेगा। फिलहाल मध्य प्रदेश सहित 6 राज्यों में राज्यपाल के पद खाली हैं।
गुजरात विधानसभा चुनाव - अमित शाह के घर बैठक
अमित शाह गुजरात विधानसभा चुनाव की प्लानिंग में जुट गए हैं। भाजपा ने अरुण जेटली को गुजरात का प्रभारी बनाया है। साल के अंत में यहां चुनाव होने हैं। बैठक में में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पीपी चौधरी, जितेंद्र सिंह और निर्मला सीतारमण, महासचिव राम लाल, भूपेंद्र यादव और गुजरात भाजपा अध्यक्षण जीतू वाघाणी भी बैठक में शामिल हुए।
-182 सीट हैं गुजरात में
- लगातार चौथी बार सरकार बनाना चाहती है भाजपा
-150 सीटों जीतना चाहती है भाजपा
-नरेंद्र मोदी के पीएम बनने के बाद यह गुजरात का पहला चुनाव है
नोटबंदी पर सरकार का कांग्रेस को जवाब
जेटली ने चिदंबरम के बयान पर कहा- उन्होंने अपनी सरकार के दौरान ब्लैकमनी के खिलाफ कभी लड़ाई नहीं लड़ी और एक कदम भी नहीं उठाया। वो शायद इस प्रक्रिया का मकसद पूरी तरह समझ नहीं पाए। गौर हो कि पी चिदंबरम ने कहा था, रिजर्व बैंक को 16 हजार करोड़ हासिल हुए, लेकिन नए नोट छापने में 21 हजार करोड़ रुपए गंवा दिए। आरबीआई को शर्म आनी चाहिए, जिसने विमुद्रीकरण का प्रस्ताव दिया।
डिफॉल्टरों कर्ज वापस लौटाएं या किसी और को दें कंट्रोल
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने गुरुवार को बैंक के कर्जदारों को लेकर बड़ा बयान दिया है. जेटली ने बैंकों का कर्ज लेकर उसे नहीं लौटा पाने वाली निजी कंपनियों के मालिकों से कहा है कि वह अपना बकाया चुकाएं या फिर कारोबार छोड़कर उसका नियंत्रण किसी दूसरे के हवाले कर दें। रिजर्व बैंक ने दिवाला एवं ऋ ण शोधन अक्षमता कानून के तहत हाल ही में ऐसी 12 बड़ी कर्जदार कंपनियों के खिलाफ दिवाला कारवाई शुरू करने का बैंकों को निर्देश दिया है। इन कंपनियों में दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज फंसा हुआ है। यह राशि बैंकों के कुल फंसे कर्ज का एक चौथाई के करीब है।

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