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भेल यूनियन ने प्रबंधन के समक्ष उठाए 29 मुद्दे

bhel bhopal

दीपक राय (सीनियर न्यूज एडिटर,भोपाल)।  भेल भोपाल प्रबंधन और यूनियन प्रतिनिधियों के बीच प्लांट कमेटी की बैठक में अतिमहत्वपूर्ण कर्मचारियों से संबंधित 29 मुद्दों को उठाया गया।  इसमें पीपी बोनस, बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम, वेतन पुनरीक्षण, न्यू ट्रांसफार्मर ब्लॉक में वरिष्ठ प्रबंधक श्री दीपक वर्मा का दुव्र्यवहार, ऑनलाइन टेस्ट बेड फेलियर सिस्टम ,रिक्टर फैल एवं रजिस्टर गायब, सीसीटीवी हार्डवेयर, जॉब में खराबी,सेंड रिक्लेमेशन प्लांट का प्रदूषण के मामले उठाए गए। इसके साथ ही बैठक में  एलपी आउटर केसिंग 6 नंबर, इनकंप्लीट वेल्डिंग, कमीशन, ऑफलोडिंग, ब्लॉक 9 में इंडक्शन ब्रेजि़ंग मशीन,डांगरी, ग्लोव्स और गॉगल्स, जानकारी चस्पा, स्क्रेपयार्ड के किनारे रास्ता निर्माण सप्लायर से उत्पाद का किराया वसूली एवं नेशनल सेफ्टी कौंसिल जैसे मामले भी उठाए गए। बैठक में कर्मचारियों के हित जैसे हॉफडे सी-ऑफ
सीएल, ईएल, ब्लू कंप्यूटर, फर्नीचर, उत्पादन उपरांत उत्पादन लक्ष्य की घोषणा कैंटीन, टाउनशिप, कस्तूरबा अस्पताल के निजीकरण समस्या, स्पोर्ट क्लब आदि की समस्याओं पर सामने लाया गया। प्रबंधन ने इन सभी मामले को जल्द सुलझाने की बात कहीं दरअसल, भेल भोपाल की  प्लांट कमेटी इकाई की सबसे बड़ी कमेटी होती है अत: इसलिए भी यह मुद्दे और भी खास हो जाते हैं।
बैठक में भेल के कार्यपालक निदेशक डीके ठाकुर, विभिन्न महाप्रबंधक और ऑल इंडिया भेल एम्प्लाइज यूनियन से महासचिव रामनारायण गिरी, कोषाध्यक्ष  संजीब नंदा, उपाध्यक्ष  अख्तर खान,  धर्मेंद्र दहाट,  राजेश पाटकर, ओमप्रकाश जसोदिया और  जगदीश राव जी शामिल हुए।

यह मुद्दे उठाए गए

पी पी बोनस : - प्लांट कमेटी में आपकी यूनियन ने बोनस में हो रही देरी के कारण कर्मचारियों के रोष को प्रबंधन के सामने रखा। कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत करके कंपनी को लाभ पहुचाया है और उन्हें पूर्व में मई माह में बोनस मिल जाता था, लेकिन इस बार अभी तक यह नहीं मिला।

बायोमेट्रिक अटेंडेंस : - अभी तक सभी जगह पर बायोमेट्रिक अटेंडेंस मशीन पूरी तरह से नहीं लगाई गई हैं।

वेतन पुनरीक्षण :-यूनियन प्रतिनिधियों द्वारा 1 जनवरी 2017 से लंबित वेतन पुनरीक्षण समझौता के सन्दर्भ में शीघ्र वार्ता प्रारम्भ करने की बात रखी गई।

न्यू ट्रांसफार्मर ब्लॉक : वरिष्ठ प्रबंधक दीपक वर्मा के दुव्र्यवहार से सभी कर्मचारियों में नाराजगी से प्रबंधन को अवगत कराया।

ऑनलाइन टेस्ट बेड फेलियर सिस्टम :   विभिन विभाग फैल हुए जॉब की डिटेल अपलोड करने से कतराते है। इस पर महाप्रबंधक टीके बागची ने खुद निगरानी रखने की बात कही।

बीना शार्ट सर्किट मामला : एनटीपीसी के 315 एमवीए के जॉब का बीना में टेस्टिंग के दौरान शार्ट सर्किट में फैल होना,  मेघा इंजीनियरिंग के 500 एमवीए, ट्रांसफार्मर, 80आर के दो रिएक्टर,और राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड के 50 आर के दो रिएक्टर फैल होने का मामला प्रबंधन के सामने रखा।

सीसीटीवी : ट्रांसफार्मर विभाग के अंतर्गत आने वाले विभाग सीटी एवं सी व्ही टी के हार्डवेयर की कमी का मामला।

जॉब में खराबी : फाउंड्री विभाग में 1500 केवीए का टेस्टिंग ट्रांसफार्मर कलकत्ता की एक कंपनी से मंगाया गया था जिसकी इरेक्शन एवं कमीशनिंग कंपनी द्वारा की जानी थी जिसे भेल कर्मचारियों द्वारा कराया गया एवं लगने के 15 दिन के अंदर उस जॉब में खराबी आ गई।

कंपनी की साख को क्षति :  एनपीसीआईए के करोड़ो के जॉब की एलपी आउटर केसिंग 6  नंबर के वापस आने से जॉब के उत्पादन में प्रभाव एवं कंपनी की साख को दाग लगा है कंपनी को उत्पाद को सही समय में नही दे पाने के कारण भारी आर्थिक क्षति पहुंची है।

इन कंप्लीट वैल्डिंग :- सप्लायर द्वारा सप्लाई एलपी इनर केसिंग में इन्कम्प्लीट वेल्डिंग के कारण पीएमआईआर टेस्ट में जॉब फैल हो गया सप्लायर द्वारा विरोध करने पर अपना तकनीशियन भेजकर सही करने का प्रयास किया गया अब सप्लायर केस करने की धमकी दे रहा है ऐसा ही एक केस बंगलोर के सप्लायर के कारण चल रहा है।

बेकाम कर्मचारी : - कुछ विभागों में हमारे भेल कर्मचारियो के पास काम नहीं है और वही पर ठेकेदार के कर्मचारियों से काम कराया जा रहा है। कमीशन के चलते आफलोडिंग की जा रही है।

ब्रेजिंग मशीन : - ब्लॉक 9 में इंडक्शन ब्रेजि़ंग मशीन की पर्याप्त संख्या न होने कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

ग्लोव्स-गॉगल्स :- डांगरी, ग्लोव्स और गॉगल्स आदि पर्याप्त मात्रा में फेब्रिकेशन विभाग में कार्य कर रहे कर्मचारियो को नहीं मिल पा रहे हैं।

ठेकेदारों की जानकारी : - प्रत्येक ब्लॉक में ऑफ लोडिंग की जानकारी,ब्लॉक में कार्य कर रहे ठेकेदारों की जानकारी और एक्टिव टेंडर की जानकारी मुख्य द्वार पर चस्पा की जाये।

स्के्रपयॉर्ड केकिनारे रास्ते :- फैक्ट्री सिविल के अंतर्गत अंदर बहुत सी जगह लीकेज ब्लॉक 1ए अनेक्सि स्क्रेप्यार्ड के पास नाली को मुख्य नाले से न जोड़े जाने के कारण पानी भरा रहता है जिसपर शीघ्र कार्य किया जाये एवं स्क्रेपयार्ड के किनारे रास्ता बनाया जाये

किराया वसूला जाये :-  हमारे सप्लायर द्वारा बहुत से उत्पाद रिजेक्ट हो जाने के कारण कंपनी के अंदर पड़े रहते है सप्लायर काफी समय बीत जाने के बाद भी फैल उत्पाद लेजाने में आनाकानी करता है। अत: एक निश्चित समय पश्चात सप्लायर से इन उत्पादों का किराया वसूला जाये।

नेशनल सेफ्टी कौंसिल :- कौंसिल को रिटायर्ड अधिकारी पिल्लर्ई जी देख रहे हैं इसे एचएसई विभाग के किसी अधिकारी को इसका प्रभार दिया जाये।

ऑफ, सीएल, ईएल :- कर्मचारियों के लिए हॉफडे सी -ऑफ लागू किया जाये। 2006 में ज्वाइन किये गए कर्मचारियों के सीएल, ईएल एवं अन्य छुट्टियों में अन्य यूनिट के अंतर से प्रबंधन को अवगत कराया गया।

यह मुद्दे भी उठाए गए
भेल कर्मचारियों के वार्ड्स को ब्लू कंप्यूटर में प्राथमिकता दी जाये। भेल में हमारा महत्वपूर्ण कार्य क्रैन के द्वारा ही होता है और प्राय देखा गया है कि क्रेन का कार्य मुख्य वर्क कॉन्ट्रैक्ट के अंतर्गत हो रहा है। भेल में कार्यरत सोसाइटी वर्कर को प्रशिक्षण देकर उनसे क्रेन ऑपरेटर और स्लिंगर का कार्य कराया जाये। काफी समय से लंबित मांग ड्राफ्ट्समैन को फर्नीचर शीघ्र प्रदान किये जाये। उत्पादन उपरांत उत्पादन लक्ष्य की घोषणा एवं नए लक्ष्य प्राप्त करने के लिए सुझाव एवं आवश्यक सुधार हेतु हर वर्ष यूनियन प्रतिनिधियों से चर्चा की जाती रही है इस वर्ष इसप्रकार की कोई गतिविधियां नही की गई। कैंटीन में दिए जाने वाले नाश्ते एवं भोजन में सुधार नहीं हो रहा है और तो और आप उस पर कटौती किये जा रहे है कर्मचारियों को माह में दिए जाने वाले पनीर को बंद कर दिया गया है।

जर्जर हालत की टाउनशिप
भेल टाउनशिप के जर्जर मकानों की हालत दिन प्रतिदिन गंभीर हो रही है और हाल ही में उनमे छत के मलबा गिरने की घटनाएं भी बढ़ी है इसलिए यूनियन ने प्रबंधन से शीघ्र कवर्ड कैम्पस में मल्टीस्टोरी बिल्डिंग बनाने की बात रखी।  डी2, डी3,एन1,एन2 ए टाइप मकानों को डबल अलॉट किया जाये।इ

कस्तूरबा अस्पताल में जान का खिलवाड़
कस्तूरबा अस्पताल में नर्सिंग को कॉन्ट्रैक्ट में देना भेल कर्मचारी और उनके परिजनों की जान से खिलवाड़ है। इसमें पूर्व की तरह एफटीए वाली पद्धति लागू की जाये। इसके साथ ही स्पोर्ट क्लब प्रबंधन अपने रवैये में कोई सुधार नहीं कर रहा है आज प्रबंधन अपनी मर्जी से बिना किसी से पूछे मनमाने निर्णय ले रहा है क्लब की दशा खऱाब होते जा रही है।

सभी समस्याओं का निकालेंगे हल
इन सभी 29 बिंदुओं पर  भेल के कार्यपालक निदेशक डीके ठाकुर ने शीघ्र मुद्दे को हल करने का आस्वासन दिया है।

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