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बच्चों के खिलौनों से ज्यादा 'सुरक्षित' हैं सेक्स टॉय: स्टडी

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स्टॉकहोम.
स्वीडिश जांच दल ने अपनी रिपोर्ट में एक अजीब फाइंडिंग पेश की है। स्वीडिश जांच दल ने दावा किया है कि सेक्स टॉयज में बच्चों के खिलौनों की तुलना में कम खतरनाक केमिकल पाए गए हैं। सोमवार को स्वीडिश केमिकल एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट पेश की है।

स्वीडिश केमिकल एजेंसी ने 2016 की एक स्टडी में पाया कि स्वीडन में आयात किए गए और सर्वे में शामिल किए गए 44 सेक्स टॉयज में से केवल दो फीसदी में बैन केमिकल का इस्तेमाल हुआ है। इससे पहले 2015 में की गई एक अलग स्टडी में जांच दल ने 112 खिलानों में से 15 फीसदी में शीशे समेत दूसरे बैन केमिकल पाए थे।

जांच दल का कहना है कि यह परिणाम उनके लिए भी चौंकाऊ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पहली बार ऐसी कोई स्टडी की गई। रिपोर्ट के मुताबिक 44 सेक्स टॉयज में से केवल प्लास्टिक के एक डिल्डो में बैन केमिकल क्लॉरिनेटेड पैराफिन्स पाया गया, जिसकी वजह से कैंसर की आशंका पैदा होती है।


एजेंसी ने कहा कि यह निर्धारित करना मुश्किल है कि क्यों बच्चों के खिलौने में ज्यादा घातक केमिकल पाए गए हैं। हालांकि केमिकल एजेंसी के प्रवक्ता ने इसकी एक वजह को जरूर रेखांकित करने की कोशिश की।

उनके मुताबिक इसके पीछे एक वजह यह हो सकती है कि अधिकतर सेक्स टॉयज बड़ी कंपनियों द्वारा मंगाए जाते हैं। ऐसी कंपनियां सेक्स टॉयज बनाने वालों पर नुकसानदायक केमिकल का इस्तेमाल नहीं करने के लिए ज्यादा दबाव बना सकती हैं।

उनके मुताबिक बच्चों के खिलौने अपेक्षाकृत छोटी कंपनियों द्वारा मंगाए जाते हैं। ऐसी कंपनियों के पास खिलौना निर्माताओं पर दबाव बनाने की क्षमता कम होती है। स्वीडिश कानून में साफ है कि बच्चों के खिलानों में ऐसे किसी केमिकल का इस्तेमाल नहीं होगा जो मानव के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

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