बजट में है दम, खुशी ज्यादा, गम कम
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| union budget 2017-18 |
50 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनियों को टैक्स से 5 प्रतिशत की छूट पहले यह 30 प्रतिशत लगता था, अब 25 प्रतिशत देना होगा
3 लाख से ज्यादा नकद लेनदेन प्रतिबंधित, ऑनलाइन पेंमेंट करना होगा
3 लाख रुपये तक की कमाई में नहीं लगेगा इनकम टैक्स
3 लाख से 5 लाख तक आय पर सिर्फ 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा, पहले 10 प्रतिशत देना होता था
02 हजार से ज्यादा नकदी चंदा नहीं ले पाएंगे राजनैतिक दल
ज्यादा चंदा लेना है तो चेक, ऑनलाइन ही लेना होगा
रेल यात्रा सस्ती
ई-टिकट पर नहीं लगेगा सर्विस चार्ज
युवाओं के लिए
केन्द्रीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए बनेगी नई संस्था, सीबीएसई होगी कार्यमुक्त
विश्विद्यालय अनुदान आयोग में सुधार के लिए करेंगे कार्य
इंट्रो...
केंद्रीय बजट 2017-18 बुधवार को संसद में पेश किया गया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट पेश करते हुए आम आदमी को कई बड़ी राहत दी हैं। बजट में डिजीटल इंडिया की झलक साफ दिखाई दी। ऑनलाइन भुगतान को बढ़ाने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, वहीं नकदी लेनदेन पर कई बंदिशें भी लगाई गई हैं।
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और देश में डिजिटल क्रांति को सफल बनाने का प्रयास बजट में स्पष्ट दिखाई देता है। बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है। मध्यमवर्ग, लघु उद्योग, किसान से लेकर विद्यार्थी और आम आदमी को बजट में स्थान मिला है। आयकर में छूट और कुछ राहत से मध्यमवर्गीय परिवार काफी खुश नजर आ रहा है। किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य और उन्हें ऋण दिए जाने को प्रमुखता दी गई। विपक्ष भले ही इसे नकार रहा हो लेकिन आम आदमी इस बजट का स्वागत कर रहा है।
इनकम टैक्स स्लैब
3 लाख टैक्स फ्री (पहले 2.5 लाख था)
2.5-5 लाख 5 प्रतिशत (पहले 10 प्रतिशत था)
5-10 लाख 20प्रतिशत टैक्स
10 लाख से ज्यादा 30 प्रतिशत
आम आदमी को राहत, नेताओं की आफत
राजनीतिक पार्टियों के चंदे पर मोदी ने कर दी सर्जिकल स्ट्राइक
कालेधन पर बड़ी चोट : 3 लाख से ज्यादा के नकद लेनदेन पर रोक
नई दुनिया है, नया दौर है, नई है उमंग।
कुछ थे पहले के तरीके,
तो कुछ है आज के रंग ढंग।
रोशनी आके अंधेरों से जो टकराई है,
काले धन को भी बदलना पड़ा आज अपना रंग।
इस शेर के साथ वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जो बजट पेश किया तो राजनीतिक दल सकते में आ गए। जैसे ही जेटली ने चंदे की नकद रकम 2 हजार तय करने की घोषण की तो नेताओं को लगा जैसे सर्जिकल स्ट्राइक हो गई हो। वहीं, कालेधन रखने वालों के सपने भी चकनाचूर हो गए। सरकार ने 3 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेनदेन पर रोक लगा दी है। यानी अब लोगों को इससे ज्यादा राशि ऑनलाइन या चैक के माध्यम से ही करनी होगी। मध्यम वर्ग के व्यवसायियों को भी ढेरों तोहफे दिए गए हैं। उधर देश की आम जनता बेहद खुश है क्योंकि मनरेगा का बजट ऐतिहासिक तौर पर बढ़ाया गया है, किसानों के लिए ढेरों घोषणाएं की गई हैं। मध्यमवर्ग और नौकरीपेशा लोगों को आयकर में छूट मिली है...
1 करोड़ की आय पर सरचार्ज 2 प्रतिशत घटाया, 1 करोड़ के ऊपर 3 प्रतिशत बढ़ाया
50 लाख से 1 करोड़ की आय पर 10 प्रतिशत सरचार्ज और एक करोड़ से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत सरचार्ज लगेगा। यह सरचार्ज पहले 12 फीसदी था। सरकार के इस ऐलान से छोटे कारोबारियों और आम जन को राहत मिलेगी।
कालेधन पर बड़ी चोट, 3 लाख से ज्यादा नकदी प्रतिबंधित
मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए टैक्स में छूट का ऐलान करते हुए जेटली ने कहा कि कालेधन की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया जाएगा और अब तीन लाख से ऊपर नकद लेनदेन प्रतिबंधित कर दिया गया। जेटली ने कहा कि नोटबंदी का प्रभाव अगले वित्त वर्ष पर नहीं पड़ेगा और हमें पूरा भरोसा है कि नोटबंदी और जीएसटी का लोगों के जीवन पर सकारात्मक असर होगा। नोटबंदी जनहित में लिया गया एक बड़ा और साहसिक फैसला था। इस कदम से कर चोरी करने वालों से सरकार के खजाने में धन लाने में मदद मिलेगी। नोटबंदी से घरेलू विकास में तेजी आएगी।
नोटबंदी पर बार-बार सफाई देते नजर आए वित्त मंत्री
मोदी सरकार ने नोटबंदी के लेकर जितनी अपनी पीठ थपथपाई, उससे ज्याद उसे अब इस बात की चिंता खाए जा रही है कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में जनता की नाराजगी का शिकार न होना पड़े। सरकार अब लगातर सफाई देती नजर आ रही है। इसका साफ असर वित्त मंत्री के बजट में देखने को मिला। जेटली का शुरुआती बजटीय संबोधन नोटबंदी पर ही केंद्रित रहा। उन्होंने अपने बजट भाषण में दर्जनों बार नोटबंदी का जिक्र किया। कभी उसके तात्कालिक फायदे गिनाए तो कभी दीर्घकालिक नतीजे अच्छे प्राप्त होने का भरोसा दिया।
125 करोड़ के देश में केवल 1.7 करोड़ भरते हैं टैक्स
सवा सौ करोड़ की आबादी वाले देश में मोटे तौर पर तकरीबन पौने दो करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं। 99 लाख लोगों ने 2.5 लाख से कम आय बताई है। 76 लाख लोगों ने पांच लाख से अधिक आय बताई है। 24 लाख ने 10 लाख से अधिक आय बताई है। केवल सात हजार कंपनियां 10 करोड़ रुपये से अधिक टैक्स भरती हैं।
2019 तक 1 करोड़ घर देगी सरकार
पीएम आवास योजना के तहत 2019 तक एक करोड़ घर दिए जाएंगे। पीएम सड़क योजना में 2019 तक 4 लाख करोड़ खर्च करेंगे। अगले साल 1 मई तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। बुनियादी ढांचे के लिए 3.96 लाख करोड़ का आवंटन होगा। पीपीपी मॉडल से छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट बनाए जाएंगे।
किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्जा देंगे
किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्ज दिया जाएगा। किसानों को कर्ज देने वाली संस्था का कम्प्यूटरीकरण किया जाएगा। 2017-18 में कृषि विकास दर 4.1 रहने का अनुमान। फसल बीमा अब 30 की बजाय 40 फीसदी होगा। फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़ का प्रावधान। किसानों की आय 5 साल में दोगुनी करने की कोशिश। गांव की तरक्की और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाएगा। 10 लाख तलाबों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। 8 हजार करोड़ का डेयरी विकास कोष। 5 हजार करोड़ सिंचाई फंड के लिए।
स्वास्थ्य के लिए
गुजरात और झारखंड में दो एम्स बनेंगे। 2018 तक चेचक और 2022 तक टीबी खत्म करेंगे। झारखंड और गुजरात में 2 नए एम्स बनेंगे। 2017 तक काला बाजारी समाप्त करने का ब्लूप्रिंट। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए 1.56 लाख करोड़ महिलाओं और बच्चों के लिए मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आवंटन 1.56 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.84 लाख करोड़ कर दिया गया है। सरकार मेडिकल शिक्षा और प्रैक्टिस के लिए जरूरी कदम उठाने को प्रतिबद्ध है। हमें देश में स्पेशलिस्ट डॉॅक्टरों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत है, इसके लिए मेडिकल की सीटों की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी।
शिक्षा होगी हाईटेक, 350 ऑनलाइन कोर्स चालू होंगे
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनेगी, सीबीएसई होगी मुक्त
350 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत होगी। स्किल इंडिया के लिए 1000 कौशल केंद्र खोले जाएंगे। आईआईटी और मेडिकल परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनेगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने का प्रस्ताव। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए यूजीसी में सुधार होगा।
नेताओं के अरमां आसूंओं में बह गए...
2000 रुपये से ज्यादा चंदा नकद में नहीं ले सकेंगे
राजनीतिक दलों के चंदे की पारदर्शिता पर छिड़ी बहस के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घोषणा की है कि अब राजनीतिक पार्टी किसी एक आदमी से सिर्फ 2000 रुपये तक ही कैश में चंदा ले सकती है। चंदे के रूप में बड़ी रकम चेक या डिजिटल माध्यम से ली जा सकती है। हर राजनीतिक दल को तय समय में अपना रिटर्न फाइल करना होगा। पार्टी फंड के लिए दानदाता बॉन्ड खरीद सकेंगे।
बजट पेश करते हुए जेटली ने कहा कि 70 साल बाद भी राजनीतिक दलों की फंडिंग पारदर्शी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी फंडिंग में पारदर्शिता पर टैक्स में छूट दी जाएगी।
देश छोड़कर जाने वाले लोगों की संपत्ति होगी जब्त
इसके अलावा वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार देश से धन लेकर विदेश भाग जाने वाले लोगों की संपत्ति जब्त करने के लिए कानून बनाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब कैश में तीन लाख रुपये से अधिक का लेनदेन नहीं हो सकता। सरकार ने इस मामले में कालेधन पर एसआईटी की सिफारिश को स्वीकार करते हुए यह फैसला किया है और इसके लिए आयकर कानून में संशोधन किया जाएगा।
मनरेगा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
48,000 करोड़ रुपए किये स्वीकृत
मनरेगा (महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार योजना) के आवंटन में वृद्धि की गई है और अब तक का सबसे अधिक 48,000 करोड़ रुपये जारी किया गया है। मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 55 फीसदी हो गई है।
सड़क : 133 किमी सड़कें रोज बन रहीं
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को वित्त वर्ष 2017-18 के लिए 19,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2016-17 में 133 किमी सड़क का प्रतिदिन निर्माण किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2015-16 में यह 73 किलोमीटर प्रतिदिन थी।
स्वच्छता में भारी सुधार
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता में 2014 में 42 फीसदी सुधार हुआ था जो अब बढ़कर 60 फीसदी हो चुका है।
सबकुछ डिजीटल करने पर जोर
भीम ऐप के लिए नई योजना, युवाओं के लिए ऋण
पीएम मुद्रा योजना के तहत पैसे की कमी से जूझ रहे शिशु, किशोर और तरुणों को ऋण मुहैया कराने के लिए 2.44 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत 16,000 से ज्यादा नए उद्यम स्थापित हुए हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत डिजिटल क्रांति के मुहाने पर खड़ा है। भीम एप को बढ़ावा देने के लिए दो नई योजनाएं शुरू की जा रही है। अब तक 125 लाख लोगों ने भीम एप को अपनाया है, साथ ही अतिरिक्त 10 लाख प्वाइंट ऑफ सेल मशीनें भी लगाई गई हैं।
नेशनल हाइवे के लिए
राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए 64000 करोड़ वित्त मंत्री राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए 64,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया तथा अन्य बुनियादी संरचनाओं में भारी निवेश की घोषणा की। अवसंरचना क्षेत्र को 3,96 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया। यातायात क्षेत्र को 2.41 करोड़ रुपये और भारत नेट परियोजना को 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
गांव-गांव इंटरनेट
50 लाख ग्राम पंचायतों में हाईस्पीड ब्रॉडबैंड और हॉट स्पॉट की सुविधा बेहद कम शुल्क में दी जाएगी। जेटली ने कहा कि साइबर सुरक्षा के लिए एक कंप्यूटर इमर्जेंसी रेस्पांस दल का गठन किया जाएगा।
बाजार में उछाल
शेयर बाजार ने भी बजट पर अपनी प्रतिक्रिया सकारात्मक रूप से दी है। बीएसई में 250, जबकि निफ्टी में 70 अंकों का उछाल देखने को मिला।
कैपिटल गेन टैक्स से कंपनियों को फायदा
सरकार ने कैपिटल गेन टैक्स की अवधि अब 2 साल कर दी है। वित्त मंत्री ने कहा कि कॉरपोरेट टैक्स में कमी से भारत की 96प्रतिशत कंपनियों को होगा फायदा। मैट के लिए कैरी फार्वर्ड की अवधि 10 साल से बढ़ाकर 15 साल की गई है। 50 करोड़ टर्नओवर तक की कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स घटाकर 25 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा, लेक्टोरल बांड के लिए आरबीआई एक्ट में संशोधन कर दिया है। बीमा एजेंटों की आय को 5 फीसदी टीडीएस कटौती से मुक्त किया, हालांकि आयकर योग्य नहीं होने पर ही मिलेगा फायदा।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 3.96 लाख करोड़ रुपए का आवंटन किया है।
डाक घर में बनेंगे पासपोर्ट
अगले साल मई तक सभी गांवों में होगी बिजली
मई, 2018 तक देश के शत-प्रतिशत गांवों तक बिजली पहुंच जाएगी. इसके साथ ही वर्ष 2017-18 में मनरेगा के लिए 48000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. इससे पिछले वित्त वर्ष (2016-17) में इसके लिए 38500 करोड़ रुपये रखे गए थे। दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना के लिए 2017-18 में 2,814 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 2019 तक एक करोड़ परिवारों को गरीबी से बाहर निकाला जाएगा और 50000 ग्राम पंचायतों को भी गरीबी मुक्त किया जाएगा।
महिलाओं को मिली शक्ति, लेकिन सुरक्षा पर खर्च नहीं
महिलाओं को सस्ता लोन देने के लिए नेशनल हाउसिंग बैंक को 20,000 करोड़ की राशि दी जाएगी। सस्ते घर उपलब्ध कराए जाएंगे। महिलाओं के कौशल विकास के लिए 1.84 लाख करोड़ रुपये का किया गया आवंटन। महिला और बाल विकास के लिए सरकार ने बढ़ाया आवंटन। 1.56 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1.84 लाख करोड़ रुपये हुए आबंटित।
अब डाकघरों में बनवा सकेंगे पासपोर्ट
आम बजट में डाकघरों में ही पासपोर्ट सुविधा मुहैया करवाने का ऐलान किया है। ये सुविधा देश सभी जिलों के डाकघरों में उपलब्ध रहेगी। इसके लिए विदेश मंत्रालय पासपोर्ट एक्ट के तहत मिले अधिकार डाक विभाग के साथ साझा करेगा। पिछले महीने कर्नाटक के मैसूर और गुजरात के दाहोद में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ये सुविधा शुरू की गई थी।
एक नजर में बजट की खबर
- निवेश के लिए 1.5 लाख तक की सीमा
- 5 से 10 लाख तक 20 प्रतिशत इनकम टैक्स
- 10 लाख से ज्यादा आय पर 30 प्रतिशत तक टैक्स
- 1 करोड़ से ज्यादा आय वालों पर 1 प्रतिशत सरचार्ज जारी रहेगा
- टैक्स स्लैब में बदलाव, 2.5 लाख से 5 लाख तक की आय पर 5 फीसदी टैक्स
- इनकम टैक्स में 3 लाख की कमाई टैक्स फ्री, करदाताओं को 12500 का फायदा
- 3 लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं
- 3 लाख से ज्यादा कैश में लेनदेन नहीं
- 3 लाख से ज्यादा कैश डिजिटल से होगा
- राजनीतिक दल अब सिर्फ 2000 ही कैश ले सकती हैं, अब तक 20000 थी लिमिट
- बांड खरीदकर राजनीतिक पार्टियों को दिया जा सकता है
- राजनीतिक दलों को आयकर दाखिल करना होगा
- छोटी कंपनियों को कर में राहत का ऐलान
- 50 करोड़ तक सलाना टर्न ओवर वाले को देना 25 फीसदी टैक्स। अभी टैक्स 30 प्रतिशत देना पड़ता है
- मध्यम वर्ग को राहत, सस्ता लोन देने पर जोर
- सस्ते घरों के लिए योजना में लाएंगे बदलाव
- रक्षा बजट के लिए 2 लाख 74 हजार 114 करोड़ का बजट
- वैज्ञानिकों मंत्रालयों के लिए 37 हजार 435 करोड़ आवंटित
- सरकार घाटा 3.2 प्रतिशत, अगले साल 3 प्रतिशत करने का लक्ष्य
- 2.5 हजार करोड़ डिजिटल लेने-देन का लक्ष्य
- एफडीआई को और उदार बनाया जाएगा, एफआईपीबी खत्म होगा
- आधार कार्ड से पेमेंट करने के लिए 20 लाख मशीनें लाई जाएंगी
- डिजिटल योजना में डाकघर की भी भागीदारी होगी
- डाकघर में बनाए जाएंगे पासपोर्ट
- भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा कर मुक्त होगा
- टैक्स बचाने वालों की संख्या ज्यादा
- भीम एप से भुगतान को बढ़ावा दिया जाएगा
- चैक बाउंस होने पर कड़े होंगे नियम
- फौजियों के लिए केंद्रीकृत यात्रा प्रणाली
- गैर कानूनी जमा पर नए कानून बनेंगे
- वित्तीय क्षेत्र के लिए क्यूआरटी का प्रस्ताव
- व्यापारियों के लिए कैशबैक योजना का प्रस्ताव
- हाईवे के विकास के लिए 64 हजार करोड़
- विदेश निवेश के लिए ऑनलाइन अर्जी दायर कर सकेंगी कंपनियां
- 90 प्रतिशत से ज्यादा एफडीआई ऑटो रूट के जरिए
- बुनियादी ढांचे के लिए 3.96 लाख करोड़ का आवंटन
- पीपीपी मॉडल से छोटे शहरों में भी एयरपोर्ट बनाए जाएंगे
- 2018 तक चेचक और 2022 तक टीबी खत्म करेंगे
- झारखंड और गुजरात में 2 नए एम्स बनेंगे
- 2017 तक कालाबाजरी समाप्त करने का ब्लूप्रिंट
- 350 ऑनलाइन पाठ्यक्रमों की शुरुआत
- स्किल इंडिया के लिए 1000 कौशल केंद्र
- आईआईटी और मेडिकल परीक्षाओं के लिए अलग से बॉडी बनेगी। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी बनाने का प्रस्ताव
- उच्च शिक्षा में सुधार के लिए यूजीसी में सुधार होगा
- फसल बीमा के लिए 9 हजार करोड़
- पीएम आवास योजना में 23 हजार करोड़ का आवंटन
- पीएम सड़क योजना में 2019 तक 4 लाख करोड़ खर्च करेंगे
- प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत 2019 तक एक करोड़ घर दिए जाएंगे
- अगले साल 1 मई तक देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी
- 5000 करोड़ सिंचाई फंड के लिए
- मनरेगा के लिए अब तक का सबसे बड़ा आवंटन, दिए 48 हजार करोड़
- 8 हजार करोड़ का डेयरी विकास कोष
- जम्मू-कश्मीर और पूर्वोंत्तर के किसानों को कर्ज में प्रमुखता
- हर गरीब को रोजगार देने की कोशिश
- 10 लाख तलाबों का लक्ष्य पूरा किया जाएगा
- बापू की 150वीं जयंति पर 1 करोड़ लोगों गरीबी रेखा से बाहर लाया जाएगा
- किसानों को 10 लाख करोड़ का कर्ज देंगे
- किसानों को कर्ज देने वाली संस्था का कम्प्यूटरीकरण
- 2017-18 में कृषि विकास दर 4.1 का अनुमान
- फसल बीमा अब 30 की बजाय 40 फीसदी होगा
- करों को लेकर ईमानदार व्यक्तियों का सम्मान होगा
- गांव की तरक्की और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जाएगा
- किसानों की आय 5 साल में दोगुनी करने की कोशिश
- जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए टीईसी योजना
रेल बजट: न नई ट्रेनों का पता, न फेरों की जानकारी
बस चंद मिनट की औपचारिकता ही रही...
वित्त मंत्री जेटली ने आम बजट के साथ ही रेलवे बजट भी पेश किया। आम बजट के साथ पहली बार रेलवे बजट पेश किया गया। जेटली ने इसे चंद मिनटों में ही समेत दिया। हालांकि सुधार के लिए कई तरह के ऐलान किए गए हैं। रेलवे बजट कुल 1.31 लाख करोड़ रुपए का है। इस बार का रेल बजट पिछले के मुकाबले 22 फीसदी बढ़ा है।
रेल बजट में खास
- रेल संरक्षा के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का फंड
- 2020 तक मानव रहित क्रासिंग पूरी तरह खत्म
- रेलवे विकास के लिए 1 लाख 31 हजार करोड़
- स्टेशनों के विकास के लिए 25 स्टेशन का चयन
- रेलवे में स्वच्छता, सुरक्षा पर जोर
- 3500 किमी नई रेल लाइन बनेंगी
- 7000 हजार स्टेशनों पर सोलर लाइनें
- आईआरसीटीसी से ई-टिकट पर सर्विस चार्ज नहीं लगेगा
- 500 रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगों के लिए आसान बनाया जाएगा
- 2019 तक सभी ट्रेनों में बॉयो टॉयलेट लगवाए जाएंगे
- स्टेशनों पर लिफ्ट और एस्केलेटर्स लगाए जाएंगे, 300 स्टेशनों से शुरुआत की जाएगी
- आईआरसीटीसी अब शेयर बाजार का हिस्सा होगी। रेलवे से जुड़ी तीन कंपनियां शेयर बाजार में शामिल होंगी।
- क्लीन माय कोच सेवा की शुरुआत की जाएगी
- मेट्रो रेल के लिए नई नीति की घोषणा की जाएगी
- टूरिज्म और धार्मिक यात्राओं के लिए अलग से ट्रेनें चलाई जाएंगी
- कोच की शिकायतों के लिए कोच मित्र योजना लाई जा रही है

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