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मोदी की प्रशंसा से नाराज कांग्रेस नेता अधीर रंजन की विवादास्पद टिप्पणी, कहा- कहां गंगा, कहां गंदी नाली

नई दिल्ली. लोकसभा में सोमवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कांग्रेस दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने प्रधानमंत्री पर विवादित बयान दिया। दरअसल, भाजपा सांसद प्रताप सिंह सारंगी ने धन्यवाद प्रस्ताव पेश करने के दौरान मोदी की तारीफ की। इस पर चौधरी नाराज हो गए। चौधरी ने स्वामी विवेकानंद और नरेंद्र मोदी के नामों की तुलना पर कहा- कहां गंगा और कहां गंदी नाली। भाजपा सांसदों ने इसका विरोध किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि बयान का विवादित हिस्सा सदन की कार्यवाही से बाहर कर दिया जाएगा। विवाद बढ़ने पर चौधरी ने कहा कि मेरे बयान का गलत मतलब निकाला गया। अगर किसी की भावना को चोट पहुंची है तो मैं माफी मांगता हूं।। 
सारंगी के धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा- सरकार जल संकट और बिहार में बच्चों की मौत जैसे मुद्दों पर आंख मूंंदकर बैठी हुई है। प्रताप सिंह अच्छे सांसद और अच्छे वक्ता हैं। प्रधानमंत्री होने के नाते मैं नरेंद्र मोदीजी का सम्मान करता हूं। लेकिन, सारंगी और दूसरे लोग अब उनकी पूजा करने लगे हैं। 
"चौधरी ने इंदिरा पर भाजपा सांंसदों के तंज पर विवादित बयान दिया"
चौधरी ने तब प्रधानमंत्री के नाम को लेकर विवादित बयान दिया, जब कुछ भाजपा सांसदों ने कहा कि 1970 में कांग्रेस के शासन में "इंदिरा इज इंडिया' जैसे नारे लगते थे। इस पर चौधरी ने कहा- तब ऐसा कुछ नहीं होता था। लेकिन, केवल इसलिए प्रधानमंत्री की तुलना विवेकानंद से की जाए, क्योंकि उनका नाम नरेंद्र दामोदर दास मोदी है.. तो यह ठीक नहीं। नरेंद्र दत्त की नरेंद्र दामोदर दास मोदी से मिलावट ठीक नहीं। कहां मां गंगा और कहां गंदी नाली। 
"मेरा इरादा प्रधानमंत्री को चोट पहुंचाने का नहीं था"
विवाद बढ़ने पर चौधरी ने कहा- भाजपा सांसद प्रधानमंत्री की तुलना विवेकानंद से करते हैं, क्योंकि उनके नामों में समानता है। इससे बंगाल की भावनाएं आहत होती हैं। मैंने कहा कि आप मुझे उकसा रहे हैं। अगर आप यह जारी रखेंगे तो मैं कहूंगा कि आप गंगा की तुलना नाली से कर रहे हैं।