ग्रामीण महिला सशक्तिकरण के लिए कार्य करेगा जेएनकेवीवी
- महिला वित्त विकास निगम और जनेकृविवि के मध्य हुआ अनुबंध
दीपक राय, लाइव, न्यूज भोपाल...
जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर और तेजस्विनी ग्रामीण महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम मध्यप्रदेष महिला वित्त एवं विकास निगम भोपाल के मध्य आज जनेकृविवि में एक अनुबंध हस्ताक्षरित हुआ। कुलपति डॉं. प्रदीप कुमार बिसेन की उपस्थित में विवि के संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉं. धीरेन्द्र खरे एवं तेजस्विनी के महाप्रबंधक व उपकार्यक्रम निदेषक, भोपाल, श्री अरविन्द्र सिंह भाल ने परस्पर अनुबंध पर हस्ताक्षर किये। इस दौरान अधिष्ठाता कृषि संकाय डॉं. पी.के. मिश्रा, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉं. आर.एम. साहू, डॉं. एच.ओ. शर्मा, डॉं. दीपक राठी, एपीआरओ डॉं. शेखरसिंह बघेल, श्रीकान्त उपाध्ये एवं तेजस्विनी प्रबंधक श्रीमति टिनी पाण्डेय, प्रकाष धोलाखण्डी बालाघाट, अजय मोदी मंडला, यषवन्त सोनवाने डिंडौरी आदि उपस्थित थे। अनुबंध के तहत् विवि के कृषि वैज्ञानिक एवं विषेषज्ञों द्वारा ग्रामीण महिला सषक्तिकरण की दिषा में लघुधान्य फसल कोदो-कुटकी की उत्पादन तकनीक, मार्केटिंग व प्रोसेसिंग हेतु महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जायेगा साथ ही सिस्टम आफ राईस इन्टेसिंफिकेषन (ैत्प्) से सब्जी उत्पादन से संबंधित मूल्यांकन व अध्ययन कर केस स्टडी तैयार कर प्रदेष शासन को सौंपी जायेगी, जिससे सरकार को नीति निर्धारण करने में सहायता मिलेगी। ज्ञात हो कि मध्यप्रदेष महिला वित्त एवं विकास निगम भोपाल द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय कृषि विकास कोष की मदद से प्रदेष में तेजस्विनी ग्रामीण महिला सषक्तिकरण कार्यक्रम सम्पादित किया जा रहा है। अब जनेकृविवि इसका सहयोगी घटक बन गया है।
तेजस्विनी के महाप्रबंधक व उपकार्यक्रम निदेषक, भोपाल श्री अरविन्द्र सिंह भाल ने बताया कि अनुबंध का मुख्य उद्देष्य ग्रामीण महिला सषक्तिकरण की दिषा में आर्थिक, सामजिक, राजनैतिक अवसरों के भरपूर लाभ हेतु महिला स्वसहायता समूह को सषक्त करना, षिक्षा व स्वस्थ्य के क्षेत्र में सक्षम बनाना और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में महिलाओं की स्थिति को सुद्ढ़ करना प्रमुख है। यह कार्यक्रम मध्यप्रदेष षासन की महिला नीति और देष के स्वसहायता समूहों के अनुभवों पर आधारित है। इसलिये मजबूत और निरन्तरता वाले स्वसहायता समूहों तथा उनकी र्शीष संस्थाओं का विकास कर सूक्ष्म वित्त से जोड़कर समूहों के लिये नये और बेहतर आजीविका विकास के अवसर बनाना तथा उनका उपयोग करने के लिये सषक्त करके इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को षिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्षम बनाना, उनकी कड़ी मजदूरी में कमी लाना तथा पंचायत राज में भागीदारी के लिये सषक्त करना मुख्य है। तेजस्विनी कार्यक्रम प्रदेष के 6 जिलों में लागू किया गया है। तेजस्विनी का अर्थ है तेज अथवा कांतियुक्त व उज्जवलता फैलाने वाली। कार्यक्रम का संचालन डॉं. दीपक राठी एवं आभार प्रदर्षन डॉं. हरिओम शर्मा ने किया।
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